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Rohtak News: निजी अस्पतालों की हड़ताल, पीजीआई का आपातकालीन विभाग फुल

Sun, 18 Aug 2024 04:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:16 AM IST
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Private hospitals strike, emergency department of PGI full
17सीटीके16..पीजीआई में इमरजेंसी में भर्ती मरीज। संवाद
रोहतक। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की 24 घंटे की हड़ताल के चलते निजी अस्पतालों के मरीजों को सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। इसके कारण पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में गत दिनों के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा मरीज पहुंचे, इससे आपातकालीन विभाग पूरी तरह से भर गया। नर्सिंग एसोसिएशन के दोबारा से कार्य पर आने से मरीजों का ड्रीप आदि प्रारंभिक इलाज आसानी से हो पाया। पीजीआईएमएस और नागरिक अस्पताल की ओपीडी सामान्य रही। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते शनिवार को भी वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रोफेसर ने पीजीआई की करीब 4000 की ओपीडी संभाली।
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शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हड़ताल के चलते निजी अस्पतालों में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया गया। सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं व रूटीन ऑपरेशन सेवाएं बंद रखी और जनहित में आपातकालीन सेवाएं देने की व्यवस्था रखी। आज छोटे बड़े मिलाकर सिर्फ निजी अस्पतालों के 100 से ज्यादा ऑपरेशन नहीं हुए। यहां गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया। अन्य मरीजों को पीजीआईएमएस और सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। पीजीआई आपातकालीन विभाग में गत दिनों में बमुश्किल 250 मरीज ही उपचार के लिए पहुंच रहे थे। शनिवार को करीब 1000 मरीज पहुंचे। नर्सिंग कर्मचारियों और चिकित्सकों ने मरीजों को संभाला।
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नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे पेट दर्द के मरीज
नागरिक अस्पताल की ओपीडी सामान्य रही। करीब 1200 मरीज पहुंचे। यहां बच्चों की ओपीडी में पेट दर्द, खांसी सर्दी, उल्टी और वायरल के 250 के पार मरीज पहुंचे। डॉ. रोहित कपूर ने बताया कि दूषित पानी बड़ी समस्या है। बच्चे या परिजन पानी को उबालकर ही पीएं। इससे पानी शुद्ध हो जाता है। अकेले यह प्रयोग करने से आधी से ज्यादा बीमारियां स्वयं समाप्त हो जाएगी। साथ ही हैंडवॉश की आदत बच्चों में जरूर डालें। वहीं सामान्य अस्पताल में एक महिला पेट में असहनीय दर्द होने से जमीन पर ही लेट गई। मरीज का अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया।
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आईएमए ने की केंद्रीय अधिनियम की मांग
आईएमए हाउस पर पत्रकारों से बात करते हुए एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि कोलकाता आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई घटना रोंगटे खड़े करने वाली है। यह बहुत ही गंभीर और महत्वपूर्ण मामला है। चिकित्सकों को सुरक्षा की गारंटी मिलनी ही चाहिए। एक केंद्रीय अधिनियम लाने की भी जरूरत है। हर राज्य में अलग-अलग एक्ट है, इसे सेंट्रलाइज्ड करना ही होगा। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए केंद्र सरकार से कोलकाता कांड के दोषियों को सजा दिलाने और ड्यूटी पर उपस्थित चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की।

आईएमए रोहतक के प्रधान डॉ. रविन्दर हुड्डा की अगुआई में संरक्षक डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. आरके चौधरी, डॉ. देवेंद्र सांगवान, डॉ. सुनील मुंजाल व मनीष बंसल ने उपायुक्त अजय कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन दिया।
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