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Rohtak News: नियमों को ताक पर रख रहे दौड़ रहीं निजी बसें
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15-रोहतक के सोनीपत रोड पर निजी बस की छत पर सवार जाते यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले में निजी बस संचालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की कार्रवाई न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बसों की छतों, दरवाजों और खिड़कियों पर बैठकर यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
मंगलवार को सोनीपत रोड पर कई निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई दिखाई दीं। कई यात्री छतों पर बैठे नजर आए, जबकि कुछ दरवाजों और खिड़कियों पर लटककर यात्रा कर रहे थे। बसों में सीट न मिलने पर छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोग मजबूरी में इस तरह का जोखिम भरा सफर कर रहे हैं।
यात्री साहिल सांगवान ने बताया कि सुबह और शाम के पीक आवर में स्थिति और भी खराब हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और आरटीए की टीमें सड़क पर मौजूद रहती हैं, फिर भी ओवरलोडिंग और छत पर यात्रियों को बैठाने वाली बसों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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यात्रियों का कहना है कि नियमों के अनुसार बस की छत पर सवारी बैठाना और क्षमता से अधिक यात्री भरना पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके निजी बस संचालक बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण ही बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
वर्जन
इस संबंध में आरटीए सचिव विरेंद्र ढुल ने कहा कि ऐसे बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमित चेकिंग अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों के चालान किए जाएंगे ताकि आमजन और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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रोहतक। जिले में निजी बस संचालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की कार्रवाई न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बसों की छतों, दरवाजों और खिड़कियों पर बैठकर यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
मंगलवार को सोनीपत रोड पर कई निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई दिखाई दीं। कई यात्री छतों पर बैठे नजर आए, जबकि कुछ दरवाजों और खिड़कियों पर लटककर यात्रा कर रहे थे। बसों में सीट न मिलने पर छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोग मजबूरी में इस तरह का जोखिम भरा सफर कर रहे हैं।
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यात्री साहिल सांगवान ने बताया कि सुबह और शाम के पीक आवर में स्थिति और भी खराब हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और आरटीए की टीमें सड़क पर मौजूद रहती हैं, फिर भी ओवरलोडिंग और छत पर यात्रियों को बैठाने वाली बसों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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यात्रियों का कहना है कि नियमों के अनुसार बस की छत पर सवारी बैठाना और क्षमता से अधिक यात्री भरना पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके निजी बस संचालक बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण ही बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
वर्जन
इस संबंध में आरटीए सचिव विरेंद्र ढुल ने कहा कि ऐसे बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमित चेकिंग अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों के चालान किए जाएंगे ताकि आमजन और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।