{"_id":"694ef7f1de5776c70e0e42e7","slug":"popular-folk-poet-ramdhari-khatkar-is-no-more-rohtak-news-c-17-roh1020-783833-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जनवादी लोक कवि रामधारी खटकड़ नहीं रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जनवादी लोक कवि रामधारी खटकड़ नहीं रहे
Sat, 27 Dec 2025 02:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 27 Dec 2025 02:32 AM IST
विज्ञापन
01...शिक्षक रामधारी खटकड़। फाइल फोटो
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पूर्व गैर शिक्षक, हरियाणवी लोककवि, सामाजिक-राजनीतिक चिंतक और शिक्षक रामधारी खटकड़ का वीरवार को बीमारी के चलते निधन हो गया। रामधारी को साहित्यकारों, कला एवं शिक्षा जगत से जुड़ी हस्तियों ने शीला बाईपास स्थित रामबाग श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी।
जींद जिले के गांव खटकड़ के मूल निवासी मास्टर रामधारी प्रगतिशील, जनवादी और क्रांतिकारी रागनियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों में विद्यार्थियों को हिंदी पढ़ाया और प्रगतिशील मूल्यों की शिक्षा दी। साथ ही प्रतिभा को निखारा। 1990 से रागनियों के माध्यम से समाज को जगाने वाले रामधारी खटकड़ का रागनी संग्रह ''''आप लड़े बिन मुक्ति कोन्या'''' का लोकार्पण तीन महीने पहले ही था। संवाद
विज्ञापन
जींद जिले के गांव खटकड़ के मूल निवासी मास्टर रामधारी प्रगतिशील, जनवादी और क्रांतिकारी रागनियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों में विद्यार्थियों को हिंदी पढ़ाया और प्रगतिशील मूल्यों की शिक्षा दी। साथ ही प्रतिभा को निखारा। 1990 से रागनियों के माध्यम से समाज को जगाने वाले रामधारी खटकड़ का रागनी संग्रह ''''आप लड़े बिन मुक्ति कोन्या'''' का लोकार्पण तीन महीने पहले ही था। संवाद
विज्ञापन