{"_id":"65734731d9c6a610620c8b45","slug":"politics-mahant-balaknath-may-get-big-responsibility-in-rajasthan-preparations-to-welcome-him-in-rohtak-math-2023-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीति: महंत बालकनाथ को राजस्थान में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रोहतक मठ में स्वागत की तैयारी, बन रहे लड्डू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति: महंत बालकनाथ को राजस्थान में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रोहतक मठ में स्वागत की तैयारी, बन रहे लड्डू
Fri, 08 Dec 2023 10:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 08 Dec 2023 10:11 PM IST
सार
रोहतक के बाबा मस्तनाथ मठ के गद्दीनशीन महंत बाबा बालकनाथ राजस्थान के मुख्यमंत्री की दौड़ में बने हुए हैं। राजस्थान में जीत के बाद बड़ी जिम्मेदारी मिलने का इंतजार है। रोहतक में बाबा मस्तनाथ मठ में देसी घी के लड्डुओं से उनका मुंह मीठा कराया जाएगा।
विज्ञापन
बाबा बालकनाथ।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में स्थित अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बाबा बालकनाथ राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। इसके अलावा भी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। महंत के अनुयायियों को एक फोन कॉल का इंतजार है, जब दिल्ली या जयपुर से बड़ी जिम्मेदारी मिलने की कॉल आए। अभी से मठ में देसी घी के लड्डू व दूसरी मिठाइयां बनना शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन
बाबा मस्तनाथ विवि की कार्यवाहक उप कुलाधिपति डॉक्टर अंजना राव से अमर उजाला ने विशेष बातचीत की और विवि के कुलाधिपति व मठ के गद्दीनशीन महंत बाबा बालकनाथ की दिनचर्या के बारे में जाना।
विज्ञापन
कुलाधिपति डॉक्टर अंजना राव ने बताया कि महंत बालकनाथ के पिता किसान हैं। वह दो भाई हैं, महंत बालकनाथ बड़े हैं। बचपन से ही उनको मंदिर व गुरुओं के पास जाने का शौक रहा है। छह साल की उम्र में महंत बालकनाथ अपने गुरु महंत चांदनाथ के पास आ गए थे। महंत चांदनाथ जब बीमार थे, उनकी देखभाल महंत बालकनाथ ने ही की थी।
विज्ञापन
उनको आध्यात्मिक, शैक्षणिक व सामाजिक जीवन में तालमेल बनाकर चलना होता है। हर रोज रात तीन बजे से मठ में आरती शुरू हो जाती है। रात को चाहे महंत बालकनाथ कितनी भी देरी से आए हों, लेकिन समय पर उठकर आरती करते हैं। इसके बाद विवि के कामकाज का ब्योरा लेते हैं, साथ ही साधु-संतों से मिलने के साथ आम लोगों के बीच रहते हैं। उन्होंने बताया कि महंत बालकनाथ अभी राजस्थान सरकार के गठन में व्यस्त हैं।
मठ में आ चुकी हैं मोहन भागवत, अमित शाह सहित कई हस्तियां
बाबा मस्तनाथ मठ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तक आ चुके हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो लगातार आते रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, बाबा रामदेव, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद सहित संत समाज के लोग अक्तूबर में मठ में आए थे।
भव्य स्वागत की तैयारी शुरू
राजस्थान की सियासत का केंद्र बिंदु बने मस्तनाथ मठ के महंत बाबा बालकनाथ के भव्य स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है। मठ में तैयार किए जा रहे देसी घी के लड्डुओं से महंत बालकनाथ का मीठा मुंह कराया जाएगा, साथ ही पांच तरह की मिठाइयां बनाई जा रही हैं। इसमें गुलाब जामुन, जलेबी, इमरती, काजू रोल, बादाम व काजू के लड्डू भी शामिल हैं।
मठ के आठवें महंत हैं बाबा बालकनाथ
बाबा बालकनाथ का जन्म 16 अप्रैल 1984 को हुआ था। वे अलवर से न केवल लोकसभा सदस्य रहे हैं, बल्कि तिजारा विधानसभा से जीत हासिल कर राजस्थान की राजनीति में भी प्रवेश किया है। वे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्टाइल में राजस्थान के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वे बाबा मस्तनाथ मठ के महंत होने के साथ बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय कुलाधिपति भी हैं। 2016 में महंत बालकनाथ को महंत चांदनाथ ने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था।
कोहराना गांव में हुआ था जन्म
बाबा बालकनाथ का जन्म अलवर जिले की बहरोड़ तहसील के कोहराना गांव में हुआ था। उन्होंने छह साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। बाबा खेतानाथ ने उनका नाम गुरुमुख रखा था। बाबा बालकनाथ मत्स्येंद्र महाराज के आश्रम में भी रहे। उसके बाद वे महंत चांदनाथ के साथ मस्तनाथ मठ में आ गए।