{"_id":"678eb33d735cffcaab031237","slug":"police-of-6-districts-chased-the-truck-and-caught-the-cattle-smuggler-rohtak-news-c-17-roh1020-584973-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: 6 जिलों की पुलिस ने ट्रक का पीछा कर गोतस्कर को काबू किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: 6 जिलों की पुलिस ने ट्रक का पीछा कर गोतस्कर को काबू किया
विज्ञापन
गो तस्करी का आरोपी मोहम्मद माज। स्रोत : पुलिस
पंजाब से तस्करी के लिए हरियाणा के नूंह-मेवात के लिए ले जाए जा रहे 14 गोवंशों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। हालांकि, एक गोवंश मर चुका था। आरोपी उत्तर प्रदेश के संभल जिले के हिंदूपुरा निवासी मोहम्मद माज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चालक का पीछा गोरक्षक हांसी जिले से कर रहे थे।
आरोपी को छह जिलों (हांसी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक आदि) की 8 थाना पुलिस की मदद से उसे काबू किया गया है। इस कार्रवाई में दो गोरक्षक भी चोटिल हुए हैं। शास्त्री नगर निवासी गोरक्षक रोहित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
पंजाब से चले एक ट्रक में तस्करी के लिए गोवंश होने की जानकारी गोरक्षा दल के सदस्यों को मिली थी। उन्होंने हांसी से 18 टैरा (टायर) गाड़ी का पीछा करना शुरू किया तो चालक ने उनकी कार को हिट करने का प्रयास किया। हालांकि, गाड़ी तो बचा ली, लेकिन साइड में लगकर कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद उन्होंने सभी जिलों के गोरक्षकों को सूचना देकर सतर्क कर दिया। इस पर पुलिस को सूचना दे दी।
विज्ञापन
जैसे-जैसे पुलिस हाईवे पर आती गई तो आरोपी चालक ने ट्रक की रफ्तार करीब 120 किमी तक कर दी। इससे पुलिस उसको रास्ते में पकड़ नहीं पाई। सूचना पर अर्बन एस्टेट के सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। रोहतक सीमा से ही उसका दूसरी गाड़ी से पीछा कराना शुरू कर दिया। आरोपी ट्रक चालक को दिल्ली बाईपास के नजदीक रोककर काबू कर लिया। ट्रक में 15 गोवंश थे और इनमें एक बैल मर चुका था। एक गाय समेत 13 बैलों को गोशाला प्रबंधक को सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, शास्त्रीनगर निवासी रोहित की शिकायत पर केस दर्ज करके आरोपी चालक से पूछताछ शुरू कर दी है।
-- -- -- -- -- -- -- -
बैरिकेडिंग को तोड़कर भागता रहा आरोपी चालक
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गोवंश से भरे ट्रक को रोकने के लिए कई जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी, लेकिन आरोपी चालक बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भाग निकला था। जब तक पुलिस हाईवे पर आती, जब तक वहां से निकल जा रहा था।
ट्रक की किस्त जमा न हुई तो गोवंश पहुंचाने का लिया काम
आरोपी चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके ट्रक की किस्त जमा नहीं हाे पाई तो ज्यादा पैसे कमाने के लिए उसने यह काम करने की ठानी। इसके एवज में उसे 50 हजार रुपये किराया मिलना था। हालांकि, 10 हजार रुपये उसे एडवांस मिल गए थे। आरोपी का कहना है कि उसने पहली बार यह काम किया था और पकड़ा गया।
आरोपी चालक ने बताया कि पंजाब में तस्करों ने गोवंश को रास्ते में एक ट्रक से उसके ट्रक में चढ़ाया था। वह कहां से लेकर आए थे और कहां लेकर जाना था, यह पता नहीं है, लेकिन तस्कर उसे पलवल और फिर नूंह के पास मिलने की बात कह रहे थे। इसके बाद आगे का रास्ता बताना था।
-- -- -- -- -- -- -- -
गोवंश को तस्करी के लिए ले जा रहे यूपी निवासी आरोपी चालक मोहम्मद माज को काबू किया गया है। उसके कब्जे से 14 गोवंश जिंदा और एक मरा हुआ बरामद हुआ है। 14 गोवंश गोशाला में सुपुर्द किए गए हैं, जबकि मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
- प्रदीप दहिया, थाना प्रभारी निरीक्षक अर्बन एस्टेट।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
साइड खबर....
पुलिस ने डेढ़ माह में 20 से अधिक गोवंश कराए मुक्त
रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक करते हैं गोतस्करी
रोहतक। पुलिस ने दिसंबर और जनवरी में इस घटना से अलग भी 20 गोवंश तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन लगातार तस्कर इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
गो तस्कर रात में करीब 1 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों में गोवंश को भरकर अपने मुकाम तक पहुंचने का सफर पूरा करते हैं। इनके लिए सबसे ज्यादा मुफीद समय दो से चार बजे का माना जाता है। इसी दौरान खतरे वाले स्थानों को पार कर जाते हैं।
-- -- -- -- -- -- --
सरगना रुपये के बल पर दूसरे लोगों से कराते हैं तस्करी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सरगना इस तरह के ट्रक चालक और अन्य लोगों को रुपये का लालच देकर जिम्मेदारी दे देते हैं, जबकि स्वयं पीछे हो जाते हैं। हालांकि, जब भी पकड़े जाते हैं तो ट्रक चालक या अन्य लोग ही काबू किए जाते हैं। असल माफिया बार-बार बच जाते हैं।
विज्ञापन
आरोपी को छह जिलों (हांसी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक आदि) की 8 थाना पुलिस की मदद से उसे काबू किया गया है। इस कार्रवाई में दो गोरक्षक भी चोटिल हुए हैं। शास्त्री नगर निवासी गोरक्षक रोहित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पंजाब से चले एक ट्रक में तस्करी के लिए गोवंश होने की जानकारी गोरक्षा दल के सदस्यों को मिली थी। उन्होंने हांसी से 18 टैरा (टायर) गाड़ी का पीछा करना शुरू किया तो चालक ने उनकी कार को हिट करने का प्रयास किया। हालांकि, गाड़ी तो बचा ली, लेकिन साइड में लगकर कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद उन्होंने सभी जिलों के गोरक्षकों को सूचना देकर सतर्क कर दिया। इस पर पुलिस को सूचना दे दी।
विज्ञापन
जैसे-जैसे पुलिस हाईवे पर आती गई तो आरोपी चालक ने ट्रक की रफ्तार करीब 120 किमी तक कर दी। इससे पुलिस उसको रास्ते में पकड़ नहीं पाई। सूचना पर अर्बन एस्टेट के सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। रोहतक सीमा से ही उसका दूसरी गाड़ी से पीछा कराना शुरू कर दिया। आरोपी ट्रक चालक को दिल्ली बाईपास के नजदीक रोककर काबू कर लिया। ट्रक में 15 गोवंश थे और इनमें एक बैल मर चुका था। एक गाय समेत 13 बैलों को गोशाला प्रबंधक को सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं, शास्त्रीनगर निवासी रोहित की शिकायत पर केस दर्ज करके आरोपी चालक से पूछताछ शुरू कर दी है।
बैरिकेडिंग को तोड़कर भागता रहा आरोपी चालक
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गोवंश से भरे ट्रक को रोकने के लिए कई जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी, लेकिन आरोपी चालक बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भाग निकला था। जब तक पुलिस हाईवे पर आती, जब तक वहां से निकल जा रहा था।
ट्रक की किस्त जमा न हुई तो गोवंश पहुंचाने का लिया काम
आरोपी चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके ट्रक की किस्त जमा नहीं हाे पाई तो ज्यादा पैसे कमाने के लिए उसने यह काम करने की ठानी। इसके एवज में उसे 50 हजार रुपये किराया मिलना था। हालांकि, 10 हजार रुपये उसे एडवांस मिल गए थे। आरोपी का कहना है कि उसने पहली बार यह काम किया था और पकड़ा गया।
आरोपी चालक ने बताया कि पंजाब में तस्करों ने गोवंश को रास्ते में एक ट्रक से उसके ट्रक में चढ़ाया था। वह कहां से लेकर आए थे और कहां लेकर जाना था, यह पता नहीं है, लेकिन तस्कर उसे पलवल और फिर नूंह के पास मिलने की बात कह रहे थे। इसके बाद आगे का रास्ता बताना था।
गोवंश को तस्करी के लिए ले जा रहे यूपी निवासी आरोपी चालक मोहम्मद माज को काबू किया गया है। उसके कब्जे से 14 गोवंश जिंदा और एक मरा हुआ बरामद हुआ है। 14 गोवंश गोशाला में सुपुर्द किए गए हैं, जबकि मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
- प्रदीप दहिया, थाना प्रभारी निरीक्षक अर्बन एस्टेट।
साइड खबर....
पुलिस ने डेढ़ माह में 20 से अधिक गोवंश कराए मुक्त
रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक करते हैं गोतस्करी
रोहतक। पुलिस ने दिसंबर और जनवरी में इस घटना से अलग भी 20 गोवंश तस्करों के कब्जे से मुक्त कराए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन लगातार तस्कर इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
गो तस्कर रात में करीब 1 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों में गोवंश को भरकर अपने मुकाम तक पहुंचने का सफर पूरा करते हैं। इनके लिए सबसे ज्यादा मुफीद समय दो से चार बजे का माना जाता है। इसी दौरान खतरे वाले स्थानों को पार कर जाते हैं।
सरगना रुपये के बल पर दूसरे लोगों से कराते हैं तस्करी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सरगना इस तरह के ट्रक चालक और अन्य लोगों को रुपये का लालच देकर जिम्मेदारी दे देते हैं, जबकि स्वयं पीछे हो जाते हैं। हालांकि, जब भी पकड़े जाते हैं तो ट्रक चालक या अन्य लोग ही काबू किए जाते हैं। असल माफिया बार-बार बच जाते हैं।

गो तस्करी का आरोपी मोहम्मद माज। स्रोत : पुलिस