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Rohtak News: आरोपी प्रदीप डागर पर टिकी पुलिस जांच, टोल से नहीं गुजरा
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28-लापता प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान।
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पुलिस को गैंगस्टर सुंदर उर्फ काला की अपहरण कांड में भूमिका नहीं मिली
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। खेड़ी साध के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा। पुलिस की जांच मामले में आरोपी गांव के भांजे व दिल्ली के झाड़ौदा निवासी प्रदीप डागर पर आकर टिक गई है। वारदात के दिन घर से दिल्ली जाते समय उसकी गाड़ी गांव के पास टोल से नहीं गुजरी। अब पुलिस घटनास्थल से मोबाइल फोन की कॉल का डंप उठा रही है ताकि वारदात का सुराग लग सके।
साल 2018 में नए साल के जश्न के दौरान खेड़ी साध गांव में युवक धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने पड़ोसी प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान को गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सत्यवान छह माह जमानत पर बाहर आया था।
20 फरवरी को उसकी कार खरावड़ मंदिर के नजदीक आउटर बाईपास के किनारे पर लावारिश मिली। कार पर अंधाधुंध फायरिंग की हुई थी। चार गोलियां कार में लगी थी। घटनास्थल से 15 खोल बरामद हुए थे। घटना के बाद से ही सत्यवान का सुराग नहीं है।
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बाॅक्स
सात साल तक लापता व्यक्ति न मिले तो मृत मान सकती है पुलिस
नियमों के तहत अगर लापता व्यक्ति का सात साल तक सुराग नहीं लगे तो इसके बाद उसे कानून की नजर में मृत माना जा सकता है। तीन दिन बाद भी सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
बाॅक्स
गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की नहीं मिली अब तक भूमिका
पुलिस का कहना है कि केस में काहनी निवासी गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की अब तक कोई भूमिका सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट एक पब्लिसिटी पाने का स्टंट हो सकती है।
वर्जन
लापता प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका है। आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। अहम आरोपी प्रदीप डागर हाथ नहीं आया है। घटनास्थल से मोबाइल कॉल डंप लिया है। साइबर सेल की मदद से उसका अध्ययन किया जा रहा है। वहीं, विदेश में बैठे गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की केस में कोई भूमिका अब तक सामने नहीं आई है। -एएसपी प्रतीक अग्रवाल, रोहतक
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। खेड़ी साध के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा। पुलिस की जांच मामले में आरोपी गांव के भांजे व दिल्ली के झाड़ौदा निवासी प्रदीप डागर पर आकर टिक गई है। वारदात के दिन घर से दिल्ली जाते समय उसकी गाड़ी गांव के पास टोल से नहीं गुजरी। अब पुलिस घटनास्थल से मोबाइल फोन की कॉल का डंप उठा रही है ताकि वारदात का सुराग लग सके।
साल 2018 में नए साल के जश्न के दौरान खेड़ी साध गांव में युवक धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने पड़ोसी प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान को गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सत्यवान छह माह जमानत पर बाहर आया था।
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20 फरवरी को उसकी कार खरावड़ मंदिर के नजदीक आउटर बाईपास के किनारे पर लावारिश मिली। कार पर अंधाधुंध फायरिंग की हुई थी। चार गोलियां कार में लगी थी। घटनास्थल से 15 खोल बरामद हुए थे। घटना के बाद से ही सत्यवान का सुराग नहीं है।
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सात साल तक लापता व्यक्ति न मिले तो मृत मान सकती है पुलिस
नियमों के तहत अगर लापता व्यक्ति का सात साल तक सुराग नहीं लगे तो इसके बाद उसे कानून की नजर में मृत माना जा सकता है। तीन दिन बाद भी सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
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गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की नहीं मिली अब तक भूमिका
पुलिस का कहना है कि केस में काहनी निवासी गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की अब तक कोई भूमिका सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट एक पब्लिसिटी पाने का स्टंट हो सकती है।
वर्जन
लापता प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका है। आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। अहम आरोपी प्रदीप डागर हाथ नहीं आया है। घटनास्थल से मोबाइल कॉल डंप लिया है। साइबर सेल की मदद से उसका अध्ययन किया जा रहा है। वहीं, विदेश में बैठे गैंगस्टर सुंदर राठी उर्फ काला की केस में कोई भूमिका अब तक सामने नहीं आई है। -एएसपी प्रतीक अग्रवाल, रोहतक