फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Pluminary edema patient saved his life by operating for eight hours

आठ घंटे ऑपरेशन कर प्लमोनरी एडिमा के मरीज की बचाई जान

Sun, 02 Aug 2020 01:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 01:51 AM IST
विज्ञापन
Pluminary edema patient saved his life by operating for eight hours
Pluminary edema patient saved his life by operating for eight hours - फोटो : RohtakCity
पीजीआईएमएस रोहतक के डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन थियेटर में लगातार आठ घंटे संघर्ष करते हुए प्लमोनारी एडिमा के मरीज की जान बचा ली है। मरीज के फेफड़ों में पानी भर गया था और उसका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ा था। कोरोना संक्रमण काल में बड़े ऑपरेशन की सफलता पर संस्थान के कुलपति डॉ. ओपी कालरा, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव, रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल ने पूरी टीम को बधाई दी है। कार्डियक सर्जन डॉ. एसएस लोहचब ने बताया कि प्लमोनारी एडिमा की समस्या उस समय अधिक होती है, जब मरीज को हार्ट अटैक की समस्या होने पर तीन घंटे के अंदर खून के थक्के को पिघलाने वाला इंजेक्शन नहीं दिया जाता या स्टंट नहीं डाला जाता। ऐसे में हार्ट का वाल्व लीक हो जाता है और शरीर में खून का संचार कम होता चला जाता है। इससे फेफडों में पानी भर जाता है और शरीर में आक्सीजन की कमी होने से बीपी गिरता है व हृदय के दो चैबरों का पर्दा फटने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मरीज को आपरेशन की जरूरत होती है और इसके बाद भी मरीज के 60 प्रतिशत ही बचने की संभावना होती है। कोरोना के चलते लॉकडाउन में इस तरह के तीन मरीजों का वह उपचार कर चुके हैं। इस जटिल ऑपरेशन में बेहोशी विभाग की डॉ. टीना अग्रवाल का योगदान रहा।
विज्ञापन

दिल्ली से आया था मरीज
कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं डीन एकेडमिक अफेयर डॉ. लोहचब ने बताया कि 14 जुलाई को मरीज दिल्ली रोड स्थित एक अस्पताल में सांस की समस्या के चलते आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती था। वहां मरीज की एंजियोग्राफी की गई तो पता चला कि मरीज को हार्ट की शिकायत है। मरीज का ऑपरेशन की सलाह दी गई तो आर्थिक तंगी के चलते मरीज ने पीजीआईएमएस में स्वयं को शिफ्ट करवा लिया। मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया और हार्ट असिस्ट डिवाइस -आईएपीपी-पर रखा गया। 17 जुलाई को मरीज का आठ घंटे का सफल जटिल ऑपरेशन किया गया। इसके बाद मरीज को छह दिन आईएबीपी पर रखा गया और मरीज ने धीरे-धीरे रिक्वर किया और दस दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मौके पर डॉ. कुलदीप सिंह लालर, डॉ. टीना अग्रवाल, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. राजेश नांदल, डॉ. सविता सैनी, डॉ. सुशीला तक्षक, डॉ. अप्रेश, डॉ. वरुण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed