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Rohtak News: संभलकर खेलें होली, केमिकलयुक्त रंग खराब न कर दे त्वचा

Sat, 23 Mar 2024 05:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2024 05:04 PM IST
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Play Holi carefully, chemical colors should not spoil the skin.
रोहतक। होली पर केमिकलयुक्त रंग से त्वचा एलर्जी और आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। इन खतरों से बचने का एकमात्र उपाय यही है कि प्राकृतिक यानी हर्बल रंग से होली खेली जाए। हर्बल रंगों का फायदा यह है कि यह रंग आसानी से त्वचा से उतारे जा सकते हैं। हालांकि, इसके बाद भी लोग केमिकल वाले रंगों से नहीं बच पा रहे हैं, लेकिन त्योहार की खुशी के बीच सेहत को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। होली रंगों का त्योहार है। बड़े हों या बच्चे हर कोई एक दूसरे को रंग, अबीर, गुलाल लगाते हैं। बाजार में केमिकल वाले रंगों की भरमार है। आंखों में इन रंगों के जाने से लाल हो जाती हैं। चेहरे पर जलन भी हो सकती है। केमिकल वाले रंग मुंह में जाने से अस्थमा, एलर्जी जैसी बीमारियों का भी खतरा रहता है। चिकित्सक लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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रंग खरीदते समय बरतें सावधानियां
-अगर रंग खरीद रहे हैं तो ध्यान दें कि रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही।
-थोड़ा सा रंग लेकर उसे पानी में घोल कर देखें। अगर, रंग पानी में नहीं खुलता है उसमें केमिकल हो सकता है।
-रंग खरीदते समय ध्यान रहे कि इसमें चमकदार कण तो नहीं, क्योंकि प्राकृतिक रंगों में चमक नहीं होती।

ऐसे रखें त्वचा को सुरक्षित
-प्राकृतिक या घर में बने रंगों का इस्तेमाल करें।
-अच्छी गुणवत्ता और ब्रांड के रंगों को खरीदें।
-होली खेलने से पहले त्वचा, कानों के पीछे, नाखूनों पर नारियल का तेल लगाएं।
-आंखों में रंग चला जाए तो उसे रगड़ने के बजाय पानी के छींटे डालकर साफ करें।
-रंगों को हटाने के लिए हर्बल साबुन का इस्तेमाल करें।


बाजार में मिलावटी रंग बिक रहे हैं। ऐसे में होली खेलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। रंग, गुलाल प्राकृतिक हो तो ज्यादा अच्छा होता है। मिलावटी रंग लगाने से एलर्जी होती है। इससे शरीर पर जगह-जगह दाने निकलने, चुनचुनाहट, जलन की समस्या होती है।
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-डॉ. दिनेश मलिक, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
आंखों में रंग चला जाए तो उन्हें मलें नहीं, ठंडे पानी के छींटे मारकर धोएं। आंखों में जलन, दर्द, सूजन हो जाए तो उपचार कराएं। होली के अगले दिन आंखों में दर्द, रोशनी कम होने की समस्या लेकर मरीज आते हैं। गुब्बारे में पानी और रंग भरकर मारने से आंख के पर्दे फट जाते हैं। इससे रोशनी भी जा सकती है।
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-डॉ. दीपक, नेत्र विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
बच्चों और बीपी, शुगर और अस्थमा के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तेल और मसाले युक्त भोजन से पेट संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। होली पर पानी में ज्यादा भींगने से जुकाम, खांसी, बुखार की समस्या होती है।
-डॉ. कुलप्रतिभा, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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