फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Pit on one side, cows on the other side, suffering the sting to save life

एक तरफ गड्ढे, दूसरी तरफ गोवंश, जिंदगी बचाने को झेल रहे दंश

Wed, 18 Aug 2021 01:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 01:35 AM IST
विज्ञापन
Pit on one side, cows on the other side, suffering the sting to save life
मंगलवार की शाम को दिल्ली रोड पर तिलियार के पास सड़क के बीच खड़े बेसहारा गोवंश । अमर उजाला
शहर की सड़कों पर गड्ढे और गोवंश के चलते चलना सुरक्षित नहीं रह गया है। सड़कें बेसहारा पशुओं का ठिकाना बन चुकी हैं। रात के समय मार्ग पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। यदि सड़क पर चलने के दौरान गड्ढे से बचते हैं तो दूसरी ओर खुले घूम रहे पशुओं से सामना हो जाता है। ऐसे में जिंदगी बचाने के लिए लोगों को दोनों दंश झेलने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है। उधर, पीडब्ल्यूडी का दावा है कि सड़क पर कोई गड्ढे ही नहीं है। निगम का कहना है कि बेसहारा पशुओं की धरपकड़ के लिए स्पेशल टीम गठित कर अभियान चलवा दिया गया है, लेकिन इसका असर तक नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन

सांसद और पार्षद को दिखाई देते हैं गड्ढे, लेकिन अफसरों को नहीं
शहर की अधिकतर सड़कें और गलियों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। नगर निगम सदन में पार्षद कई बाद सड़क पर गड्ढों का मसला उठा चुके हैं। विगत दिनों सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के सामने भी समस्या उठाई जा चुकी है। इसके बाद भी अफसरों को ये गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। दिल्ली बाईपास चौक से खरावड़ तक सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग करवा रहा है। इसके चलते सड़क की दूसरी ओर से आवागमन चालू किया गया है। चालू रास्ता पूरी तरह से जर्जर है। वहीं, पावर हाउस चौक, शीतला माता मंदिर, साहिब सिंह गुरुद्वारा, डीएलएफ, विकास नगर, सरकुलर रोड, झज्जर रोड, किला रोड के सामने, भिवानी स्टैंड, दुर्गा नगर मंदिर के सामने सड़क टूटी हुई है। इस पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा है।
विज्ञापन

शहर से बाहर की ओर की सड़कें हो चुकी हैं जर्जर
बाहरी क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। अक्सर वाहनों के पहियों से दबकर गिट्टी तेजी से छिटकती हैं। इससे लोग जख्मी भी हो चुके हैं। सड़कों पर गड्ढों का मामला कई बार नगर निगम सदन में उठ चुका है। इससके चलते तत्कालीन नगर आयुक्त प्रदीप गोदारा ने गड्ढों को क्रेशर से भरने के आदेश दिए थे। साथ ही उन्होंने बारिश का मौसम खत्म होने पर सड़क बनाने के निर्देश भी दिए थे, मगर उनके तबादला होते ही गड्ढों को क्रेशर से भरने का काम बंद कर दिया गया है। वहीं, वर्तमान नगर आयुक्त नरहरि बांगड़ का कहना है कि गड्ढों को भरने के आदेश कर दिए गए हैं। यदि कहीं से गड्ढे के बारे में पता चलेगा, तो उसको भरवाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता उदयवीर झांझरिया का दावा है कि सड़कों पर कोई गड्ढा नहीं है। पावर हाउस चौक के गड्ढे को भरने के लिए नगर निगम म्युनिसिपल रोड सेफ्टी की मीटिंग में चेयरमैन नगर निगम को गड्ढा भरवाने के लिए कह चुके हैं। ये गड्ढा नगर निगम को भरवाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा गार्ड की जान गई तो बनाई स्पेशल टीम, असर नहीं दिखा
शहर की सड़कों पर दिन पर दिन बेसहारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। इसके चलते पशु हिंसक भी हो रहे हैं। रविवार की रात बलियाना निवासी सुरक्षा गार्ड की मौत के बाद भी निगम प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। पशुओं की धरपकड़ के लिए सक्रिय नहीं दिखाई दे रहा है। मंगलवार को निगम आयुक्त ने दावा किया कि बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित करके अभियान चलाया गया है, जबकि हकीकत में इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है।
...तो कहां और किस गोशाला में छोड़े जा रहे पशु
शहर में पंजीकृत 10 गोशालाएं हैं, जिनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। नगर निगम की पहरावल में गोशाला है। अफसर इसमें तीन हजार से ज्यादा गोवंश के होने का दावा कर रहे हैं। गोवंशों की संख्या को गोशाला की क्षमता से काफी ज्यादा माना जा रहा है। ऐसे में निगम प्रशासन दावा कर रहा है कि लगातार धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। अब सवाल यह है कि यदि पशुओं को पकड़ा जा रहा है, तो कहां और किस गोशाला में छोड़ा जा रहा है। सड़कों पर गोशाला का टैग लगाकर गोवंश भी विचरण करते दिख रहे हैं। इन सवालों का नगर निगम के अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है।

अफसर बोले-पशुओं की धरपकड़ जारी, लगातार चलेगा अभियान
टीम लगातार पशुओं की धरपकड़ कर रही है। शहर में बेसहारा पशु कहां से आ गए हैं, इसका पता नहीं चल पा रहा है।
-सुंदर, सीएसआई, नगर निगम
सुरक्षा गार्ड की मौत के बाद स्पेशल टीम गठित करके पशुओं की धरपकड़ का अभियान शुरू करवा दिया गया है। यह अभियान लगातार चलाया जाएगा। रात के समय में भी टीम बेसहारा पशुओं को पकड़ेंगी।
- नरहरि बांगड़, आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed