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पीजीआईएमएस अपनी एंबुलेंस भेज कर मंगा रहा सामान
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रोहतक-दिल्ली मार्ग पर चल रहा किसान आंदोलन आमजन जीवन के साथ पीजीआईएमएस रोहतक की मेडिकल आपूर्ति को बाधित कर रहा है। संस्थान को मेडिकल संसाधन उपलब्ध करवाने वाले वाहनों को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इसके चलते प्रशासन के लिए समस्या खड़ी हो गई है कि वह कोरोना संक्रमण काल में अपना रिजर्व स्टाक एकदम खर्च नहीं कर सकते।
सूत्रों के अनुसार पीजीआईएमएस की मेडिकल सप्लाई किसान आंदोलन के चलते बाधित हो रही है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए पीजीआईएमएस दिल्ली सीमा तक अपनी एंबुलेंस भेज रहा है और वहां से अपना सामान एंबुलेंस में मंगा रहा है। किसान आंदोलन के चलते सड़क पर लग रहा जाम प्रशासन के लिए समस्या खड़ा कर रहा है कि यदि समस्या अधिक दिनों रही तो उनकी मुसीबत बढ़ सकती है। क्योंकि कोरोना संक्रमण में मास्क, सैनिटाइजर, गलब्ज, दवाइयां आदि सामान बाहर से आता है। संस्थान अधिक मेडिकल सामान की लोकल पर्चेज भी नहीं कर सकता। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सड़क पर ओपन में मेडिकल सामान भी ओपन करना सामान को संक्रमित करने जैसा है। इसलिए एंबुलेंस की व्यवस्था अधिक समय प्रयोग में नहीं लाई जा सकती।
बॉर्डर पर मेडिकल सप्लाई ला रहे वाहन को रोक लिया जाता है तो हम अपनी एंबुलेंस भेज देते हैं। एंबुलेंस को तो कोई नहीं रोकता। लेकिन आंदोलनकारियों से आग्रह है कि जब कोई ट्रक चालक अपना मेडिकल इक्यूपमेंट का बिल दिखाए तो उसे आने दें। क्योंकि कोरोना संक्रमण काल में मेडिकल सप्लाई रुकने से कई लोगों को खतरा हो सकता है।
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- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस।
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सूत्रों के अनुसार पीजीआईएमएस की मेडिकल सप्लाई किसान आंदोलन के चलते बाधित हो रही है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए पीजीआईएमएस दिल्ली सीमा तक अपनी एंबुलेंस भेज रहा है और वहां से अपना सामान एंबुलेंस में मंगा रहा है। किसान आंदोलन के चलते सड़क पर लग रहा जाम प्रशासन के लिए समस्या खड़ा कर रहा है कि यदि समस्या अधिक दिनों रही तो उनकी मुसीबत बढ़ सकती है। क्योंकि कोरोना संक्रमण में मास्क, सैनिटाइजर, गलब्ज, दवाइयां आदि सामान बाहर से आता है। संस्थान अधिक मेडिकल सामान की लोकल पर्चेज भी नहीं कर सकता। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सड़क पर ओपन में मेडिकल सामान भी ओपन करना सामान को संक्रमित करने जैसा है। इसलिए एंबुलेंस की व्यवस्था अधिक समय प्रयोग में नहीं लाई जा सकती।
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बॉर्डर पर मेडिकल सप्लाई ला रहे वाहन को रोक लिया जाता है तो हम अपनी एंबुलेंस भेज देते हैं। एंबुलेंस को तो कोई नहीं रोकता। लेकिन आंदोलनकारियों से आग्रह है कि जब कोई ट्रक चालक अपना मेडिकल इक्यूपमेंट का बिल दिखाए तो उसे आने दें। क्योंकि कोरोना संक्रमण काल में मेडिकल सप्लाई रुकने से कई लोगों को खतरा हो सकता है।
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- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस।