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कोविशील्ड पर नहीं अपने संस्थान की रिसर्च कोवैक्सीन के टीके पर भरोसा जता रहे पीजीआईएमएस कर्मचारी, टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार
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टीकाकरण करवाते पीजीआईएमएस में नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान।
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत वहां के कर्मचारियों द्वारा टीका नहीं लगवाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ था, लेकिन सोमवार को जिले में कोविशील्ड के बाद कोवैक्सीन के आने से अभियान को सफल बनाना आसान लग रहा है। टीकाकरण शुरू होने के बाद से 25 दिनों में जहां पीजीआई के पंजीकृत 9880 कर्मचारियों में से सिर्फ 1300 ने ही टीकाकरण कराया था। अब कोवैक्सीन का टीका लगना शुरू होने के बाद मंगलवार व बुधवार को संस्थान के पंजीकृत 872 लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई है और धीमी गति से चल रहे अभियान ने गति पकड़ी है।
स्वास्थ्य विभाग राहत की सांस ले रहा है कि जिले में कोवैक्सीन के आते ही पीजीआईएमएस में धीमी गति से चल रहा कोरोना से बचाव का टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ रहा है। मंगलवार को 485 तो बुधवार को 387 पंजीकृत लाभार्थियों ने संस्थान में कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवाई है। जबकि इससे पहले एक सेंटर पर 100 लोगों का टीका लगवाने का आंकड़ा पार नहीं हो रहा था, कई बार तो टीकाकरण कराने वालों की संख्या 40 से 50 के बीच अटक रही थी। 25 दिन में सिर्फ करीब 1300 कर्मियों ने ही टीका लगवाया था। बुधवार को नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल संतोष हुड्डा, नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव व अन्य स्टाफ ने स्वयं को टीका लगवाकर अन्य लोगों को टीका लगवाने के लिए जागरूक किया। जिला टीकाकरण अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि पीजीआईएमएस के सुश्रुत सभागार में पहले तीन सेंटर टीकाकरण के लिए बनाए गए। इसके बाद पीजीआईडीएस व कोविड-19 कंट्रोल रूम में भी सेंटर बनाया गया। सोमवार को कोवैक्सीन आने के बाद टीकाकरण अभियान ने गति पकड़ी है। बुधवार को 150-150 के दो सत्र संस्थान में टीकाकरण के लिए शुरू किए गए। पिछले दो दिनों में टीकाकरण का बेहतर परिणाम सामने आ रहा है। वहीं जिले में अब तक 6800 पंजीकृत लाभार्थियों को कोविशील्ड व कोवैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अभी जिले में 19800 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। इसमें से 9800 के करीब अकेले पीजीआईएमएस में हैं। टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी को की गई थी। टीकाकरण के लिए पीजीआईएमएस में वीरवार को दो सत्र और रहेंगे।
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पीजीआई को 2000 डोज दी गई हैं कोवैक्सीन की
डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि पीजीआईएमएस की डिमांड कोवैक्सीन की थी, इसलिए उन्हें दो हजार डोज दी गई हैं। अभी हमारे पास आठ हजार डोज और हैं। जरूरत के हिसाब से और डोज भिजवा दी जाएंगी। पीजीआईएमएस में कोविशील्ड व कोवैक्सीन दोनों वैक्सीन उपलब्ध हैं। लाभार्थी कोई भी वैक्सीन लगवा सकता है।
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कोवैक्सीन की रिसर्च में शामिल रहा है पीजीआईएमएस
कोवैक्सीन की रिसर्च में पीजीआईएमएस रोहतक शामिल रहा है और यहां वैक्सीन के तीन ट्रायल किए गए हैं। यही वजह है कि जिले में कोवैक्सीन के आते ही संस्थान में टीकाकरण कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकांश स्टाफ का मानना है कि कोवैक्सीन के टीकाकरण के बाद अभी कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है।
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पीजीआईएमएस में टीकाकरण कराने के लिए स्टाफ आगे आ रहा है। लगातार विभागाध्यक्षों व प्रभारियों के संपर्क में हैं कि वह अपने यहां टीकाकरण करवाने के लिए स्टाफ को जागरूक करें। इसके साथ ही जो टीकाकरण नहीं करवा रहा, उसकी रिपोर्ट और कारण पूछा गया है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
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जिले में एक ही परिवार के तीन कोरोना मरीजों की पुष्टि
रोहतक। जिले में एक ही परिवार के तीन कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें 15 साल का छात्र व दो गृहिणी कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12294 हो गई है और एक्टिव मरीज 19 रह गए हैं। इसमें छह मरीज अस्पताल में व 13 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। विभाग ने जिले में अब तक 158 मरीजों के उपचार के दौरान मौत की पुष्टि की है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमण 4.58 प्रतिशत व रिकवरी रेट 98.56 प्रतिशत चल रहा है। अभी तक विभाग की ओर से 12117 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी तक दो लाख 71 हजार 877 सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
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घट रहा कोरोना का ग्राफ : चार से दस फरवरी तक के आंकड़े
तिथि नए संक्रमित कुल संक्रमित एक्टिव केस अस्पताल में भर्ती
04 3 12284 21 9 153
05 2 12286 22 8 154
06 0 12286 22 8 154
07 1 12287 20 8 154
08 1 12288 15 7 157
09 3 12291 16 6 158
10 3 12294 19 6 158
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स्वास्थ्य विभाग राहत की सांस ले रहा है कि जिले में कोवैक्सीन के आते ही पीजीआईएमएस में धीमी गति से चल रहा कोरोना से बचाव का टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ रहा है। मंगलवार को 485 तो बुधवार को 387 पंजीकृत लाभार्थियों ने संस्थान में कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवाई है। जबकि इससे पहले एक सेंटर पर 100 लोगों का टीका लगवाने का आंकड़ा पार नहीं हो रहा था, कई बार तो टीकाकरण कराने वालों की संख्या 40 से 50 के बीच अटक रही थी। 25 दिन में सिर्फ करीब 1300 कर्मियों ने ही टीका लगवाया था। बुधवार को नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल संतोष हुड्डा, नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव व अन्य स्टाफ ने स्वयं को टीका लगवाकर अन्य लोगों को टीका लगवाने के लिए जागरूक किया। जिला टीकाकरण अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि पीजीआईएमएस के सुश्रुत सभागार में पहले तीन सेंटर टीकाकरण के लिए बनाए गए। इसके बाद पीजीआईडीएस व कोविड-19 कंट्रोल रूम में भी सेंटर बनाया गया। सोमवार को कोवैक्सीन आने के बाद टीकाकरण अभियान ने गति पकड़ी है। बुधवार को 150-150 के दो सत्र संस्थान में टीकाकरण के लिए शुरू किए गए। पिछले दो दिनों में टीकाकरण का बेहतर परिणाम सामने आ रहा है। वहीं जिले में अब तक 6800 पंजीकृत लाभार्थियों को कोविशील्ड व कोवैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अभी जिले में 19800 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। इसमें से 9800 के करीब अकेले पीजीआईएमएस में हैं। टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी को की गई थी। टीकाकरण के लिए पीजीआईएमएस में वीरवार को दो सत्र और रहेंगे।
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पीजीआई को 2000 डोज दी गई हैं कोवैक्सीन की
डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि पीजीआईएमएस की डिमांड कोवैक्सीन की थी, इसलिए उन्हें दो हजार डोज दी गई हैं। अभी हमारे पास आठ हजार डोज और हैं। जरूरत के हिसाब से और डोज भिजवा दी जाएंगी। पीजीआईएमएस में कोविशील्ड व कोवैक्सीन दोनों वैक्सीन उपलब्ध हैं। लाभार्थी कोई भी वैक्सीन लगवा सकता है।
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कोवैक्सीन की रिसर्च में शामिल रहा है पीजीआईएमएस
कोवैक्सीन की रिसर्च में पीजीआईएमएस रोहतक शामिल रहा है और यहां वैक्सीन के तीन ट्रायल किए गए हैं। यही वजह है कि जिले में कोवैक्सीन के आते ही संस्थान में टीकाकरण कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकांश स्टाफ का मानना है कि कोवैक्सीन के टीकाकरण के बाद अभी कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है।
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पीजीआईएमएस में टीकाकरण कराने के लिए स्टाफ आगे आ रहा है। लगातार विभागाध्यक्षों व प्रभारियों के संपर्क में हैं कि वह अपने यहां टीकाकरण करवाने के लिए स्टाफ को जागरूक करें। इसके साथ ही जो टीकाकरण नहीं करवा रहा, उसकी रिपोर्ट और कारण पूछा गया है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
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जिले में एक ही परिवार के तीन कोरोना मरीजों की पुष्टि
रोहतक। जिले में एक ही परिवार के तीन कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें 15 साल का छात्र व दो गृहिणी कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12294 हो गई है और एक्टिव मरीज 19 रह गए हैं। इसमें छह मरीज अस्पताल में व 13 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। विभाग ने जिले में अब तक 158 मरीजों के उपचार के दौरान मौत की पुष्टि की है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमण 4.58 प्रतिशत व रिकवरी रेट 98.56 प्रतिशत चल रहा है। अभी तक विभाग की ओर से 12117 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी तक दो लाख 71 हजार 877 सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
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घट रहा कोरोना का ग्राफ : चार से दस फरवरी तक के आंकड़े
तिथि नए संक्रमित कुल संक्रमित एक्टिव केस अस्पताल में भर्ती
04 3 12284 21 9 153
05 2 12286 22 8 154
06 0 12286 22 8 154
07 1 12287 20 8 154
08 1 12288 15 7 157
09 3 12291 16 6 158
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