फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   pgi will be upto date

‘अप टू डेट’ पीजीआई

Thu, 14 Jan 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 14 Jan 2016 02:20 AM IST
विज्ञापन
pgi will be upto date
मरीजों की बढ़ती संख्या और संसाधनों की कमी से जूझ रही पीजीआई का कायाकल्प
विज्ञापन
होगा। इस अपडेशन से यहां हर रोज आने वाले 10 हजार मरीजों को न लंबी लाइन में लगना होगा और न ही जांच के लिए इंतजार करना पड़ेगा। साथ ही पीजीआई का डाटा भी ऑनलाइन किया जाएगा।

 आईसीयू में बेड से लेकर वेंटिलेटर तक की संख्या में इजाफा होगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने इसके लिए पर्चेज कमेटी की बैठक में करीब 20 करोड़ रुपये की खरीददारी के लिए हरी झंडी दे दी है।

आईसीयू में बढ़ेंगे बेड
संस्थान में 90 आईसीयू बेडों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। इसमें 90 सामान्य और 20 हाई ग्रेड के हैं।
कम होगा मरीजों का लोड : यह व्यवस्था पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों को लाभ देगी। सामान्य बेड की कीमत करीब डेढ़ लाख और हाई ग्रेड की कीमत साढे़ चार से पांच लाख रुपये है। इससे इमरजेंसी का लोड कम हो जाएगा।

रेडियोलॉजी विभाग में और आएंगी मशीनें
एक एमआरआई, एक सीटी स्कैन, दो डिजिटल एक्स-रे और दो अल्ट्रासाउंड मशीन को जोड़ा जा रहा है। डोपलर जांच मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन भी विभाग को मिलने जा रही हैं।

इंतजार से मिलेगी राहत : साल भर जांच का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत मिलेगी। रेडियोलॉजी विभाग में प्रतिदिन 450 के करीब अल्ट्रासाउंड जांच होती है और फिलहाल दो मशीनों पर इसका बोझ है।

10 वेंटिलेटर बनेंगे सहारा
फिलहाल यहां 50 वेंटिलेटर हैं और जल्द ही 10 वेंटिलेटर और आएंगे।
मरीजों का कम होगा खर्च : पीजीआई आने वाले मरीजों की सबसे बड़ी समस्या वेंटिलेटर की कमी होना है। इससे निजी अस्पतालों के मोटे खर्चों से कुछ मरीजों को राहत मिलेगी। फिलहाल आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों और डॉक्टरों की सबसे बड़ी समस्या वेंटिलेटर की कमी होना है।

आठ नई एनेस्थिसिया मशीनें
जर्जर होकर कबाड़ में तबदील हो रही एनेस्थिसिया की मशीनों के बदले जाने की तैयारी हो चुकी है। जल्द ही विभाग को आठ नई मशीन मिलने जा रही हैं, इससे संस्थान में आपरेशन की संख्या बढे़गी।
लंबी तारीख से मुक्ति :  इसका असर यह होगा कि आपरेशन के लिए मिल रही लंबी तारीखों से मरीज को निजात मिलेगी।

माडर्न डिलीवरी टेबल
मदर चाइल्ड केयर यूनिट को आठ के करीब माडर्न डिलीवरी टेबल मिलने जा रही है।
अब नहीं होगा हंगामा: इससे आए दिन वार्ड दो के लेबर रूम में होने वाले हंगामे से मरीजों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि फिलहाल वार्ड दो में 150 के ऊपर महिला मरीज होती हैं, जबकि क्षमता 98 के करीब है।

ऑनलाइन हो जाएगा पूरा सिस्टम
पीजीआई में पंजीकरण से लेकर जांच रिपोर्ट तक सारा कार्य ऑनलाइन होगा। इसके लिए 80 फीसदी कार्य हो चुका है। संस्थान के पास 400 कंप्यूटर आ चुके हैं और बाकी जरूरत के हिसाब से मंगवाए जाएंगे। विभिन्न काउंटरों पर कंप्यूटर रखने और उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।

नहीं खोजनी होंगी फाइलें: यहां आने वाले मरीजों की जांच दोबारा करवाने पर पिछली रिपोर्ट ऑनलाइन मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed