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Rohtak News: गेट छह बंद होने से पीजीआई का नर्सिंग स्टाफ परेशान
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रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की नर्सिंग एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
एसोसिएशन के प्रधान विकास फोगाट ने कहा कि कुछ दिन पहले नर्सिंग एसोसिएशन हड़ताल पर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए बैठी थीं और चुनाव आचार संहिता लगने के कारण उन्हें मजबूरी वश अपनी मांग पूरे हुए बिना ही वापस उठाना पड़ा था। ऐसे में अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ के साथ उस हड़ताल का गुस्सा निकालना शुरू कर दिया है । गेट छह को बंद कर 12 बजे से आने वाले नर्सिंग स्टाफ को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी अधिकतर नर्सिंग स्टाफ को नए 12 बजे में क्वार्टर अलॉट कर रखे हैं जिनका रास्ता सिर्फ और सिर्फ नियमानुसार बॉयज हॉस्टल के पास से होकर गुजरता है। उस गेट को बंद करने के चलते नर्सिंग स्टाफ को कई किलोमीटर दूर अवैध रास्ते से होकर विश्वविद्यालय में आना पड़ता है जिससे महिला स्टाफ सुरक्षित भी महसूस नहीं करती हैं। उनके परिजनों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई स्टाफ महिलाएं वाहन चलाना नहीं जानती हैं। ऐसे में उन्हें या तो कई किलोमीटर पैदल आना पड़ता है या फिर मजबूरीवश किराए पर अधिक रुपये देकर कई किलोमीटर घूमकर संस्थान पहुंचना होता है। इससे उनके पैसे की बर्बादी हो रही है। वहीं उनका समय भी काफी खराब हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि इस समस्या के चलते सभी नर्सिंग स्टाफ में रोष है। सोमवार तक बॉयज हॉस्टल के साथ लगते नए 12 बजे के गेट को नहीं खोला गया तो वह मंगलवार से हड़ताल जैसा कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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एसोसिएशन के प्रधान विकास फोगाट ने कहा कि कुछ दिन पहले नर्सिंग एसोसिएशन हड़ताल पर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए बैठी थीं और चुनाव आचार संहिता लगने के कारण उन्हें मजबूरी वश अपनी मांग पूरे हुए बिना ही वापस उठाना पड़ा था। ऐसे में अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ के साथ उस हड़ताल का गुस्सा निकालना शुरू कर दिया है । गेट छह को बंद कर 12 बजे से आने वाले नर्सिंग स्टाफ को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी अधिकतर नर्सिंग स्टाफ को नए 12 बजे में क्वार्टर अलॉट कर रखे हैं जिनका रास्ता सिर्फ और सिर्फ नियमानुसार बॉयज हॉस्टल के पास से होकर गुजरता है। उस गेट को बंद करने के चलते नर्सिंग स्टाफ को कई किलोमीटर दूर अवैध रास्ते से होकर विश्वविद्यालय में आना पड़ता है जिससे महिला स्टाफ सुरक्षित भी महसूस नहीं करती हैं। उनके परिजनों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई स्टाफ महिलाएं वाहन चलाना नहीं जानती हैं। ऐसे में उन्हें या तो कई किलोमीटर पैदल आना पड़ता है या फिर मजबूरीवश किराए पर अधिक रुपये देकर कई किलोमीटर घूमकर संस्थान पहुंचना होता है। इससे उनके पैसे की बर्बादी हो रही है। वहीं उनका समय भी काफी खराब हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि इस समस्या के चलते सभी नर्सिंग स्टाफ में रोष है। सोमवार तक बॉयज हॉस्टल के साथ लगते नए 12 बजे के गेट को नहीं खोला गया तो वह मंगलवार से हड़ताल जैसा कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।