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गोपनीय शाखा से एआर और महिला असिस्टेंट को हटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 05 Dec 2015 02:18 AM IST
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पीजीआई की गोपनीय शाखा से आंसरशीट चोरी होने मामले में पहली कार्रवाई हो
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गई है। हेल्थ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एआर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) डॉ. बी.
आर शर्मा और एक महिला असिस्टेंट को गोपनीय शाखा से हटा दिया है। हालांकि
अभी भी विवि प्रशासन, पुलिस और सीआईडी यह पता नहीं लगा सके हैं कि आंसरशीट
चोरी मामले में गुनहगार कौन है और कितनी कॉपियां चोरी हुई हैं या छेड़छाड़
के बाद वापस रख दी गई हैं।
हालांकि एआर को हटाए जाने को यूनिवर्सिटी प्रशासन रूटीन प्रक्रिया मान रहा है, लेकिन जांच के बीच में ही इस आदेश पर सवाल उठना लाजमी है। हेल्थ यूनिवर्सिटी की गोपनीय शाखा के कमरे से आंसरशीट चोरी होने के बाद से ही पीजीआई प्रबंधन सकते में हैं। यूनिवर्सिटी में पहली बार आंसरशीट चोरी होने का मामला सामने की घटना से आहत प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दी, लेकिन जांच कछुआ गति से ही चल रही है।
हजारों विद्यार्थियों से जुड़ा मामला होने के कारण सीआईडी ने भी जांच शुरू की। इसी बीच शुक्रवार को हेल्थ यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार सरला हुड्डा ने गोपनीय शाखा में बतौर असिस्टेंट रजिस्ट्रार तैनात डॉ. बी. आर. शर्मा और महिला असिस्टेंट को शाखा से हटा दिया है। इनके स्थान पर एआर मोर को लगाया गया है।
चर्चाओं से पकड़ा जोर
डॉ. शर्मा को गोपनीय शाखा से हटाने के बाद से ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चर्चाएं है कि जांच प्रभावित न हो इसलिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि डॉ. शर्मा का सीधे तौर पर आंसरशीट मामले से कोई लेना देना नहीं है। आंसरशीट की जिम्मेदारी उनके पास थी भी नहीं। ऐसे में उन्हें हटाने से कुछ लोग हैरान भी हैं तो कुछ इसे पहली कार्रवाई बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि शर्मा एमडीयू से सेवानिवृत्त हैं और यहां कांट्रेक्ट बेस पर तैनात किए गए हैं।
कुल 35 कॉलेजों की आंसरशीट
परीक्षा विभाग के अधिकारी और कुछ कर्मचारी अब तक कॉलेजों से आई आंसरशीट की जानकारी के आधार पर दोबारा से बंडल ही बनाने में लगे हुए हैं। सूत्र ने बताया कि अभी एक कॉलेज की आंसरशीट की जांच होना बाकी है। जिन कॉलेजों की आंसरशीट जांच ली गई है, उसमें कोई मिसिंग है या नहीं इसका खुलासा नहीं किया जा रहा है। प्रबंधन अब इस मामले में अपनी साख बचाने की कोशिश में भी जुटा हुआ है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि यदि कोई आंसरशीट में बड़ी गड़बड़ी न हुई तो इस मामले को दबाने की भी कोशिश हो सकती है।
आदेश मिले है कार्रवाई हुई
रजिस्ट्रार की ओर से डॉ. बी. आर. शर्मा को गोपनीय शाखा से हटाने के आदेश मिले थे। आदेश के अनुसार कार्रवाई की गई है। उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। एक कॉलेज की आंसरशीट बाकी हैं। चोरी मामले में पुलिस जांच कर रही है।
डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।
विभाग बदलना रूटीन प्रक्रिया है। मुझे नहीं लगता कि आंसरशीट मामले की वजह से मुझे गोपनीय शाखा से हटाया गया है।
डॉ. बी. आर शर्मा, एआर हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।
हालांकि एआर को हटाए जाने को यूनिवर्सिटी प्रशासन रूटीन प्रक्रिया मान रहा है, लेकिन जांच के बीच में ही इस आदेश पर सवाल उठना लाजमी है। हेल्थ यूनिवर्सिटी की गोपनीय शाखा के कमरे से आंसरशीट चोरी होने के बाद से ही पीजीआई प्रबंधन सकते में हैं। यूनिवर्सिटी में पहली बार आंसरशीट चोरी होने का मामला सामने की घटना से आहत प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दी, लेकिन जांच कछुआ गति से ही चल रही है।
हजारों विद्यार्थियों से जुड़ा मामला होने के कारण सीआईडी ने भी जांच शुरू की। इसी बीच शुक्रवार को हेल्थ यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार सरला हुड्डा ने गोपनीय शाखा में बतौर असिस्टेंट रजिस्ट्रार तैनात डॉ. बी. आर. शर्मा और महिला असिस्टेंट को शाखा से हटा दिया है। इनके स्थान पर एआर मोर को लगाया गया है।
चर्चाओं से पकड़ा जोर
डॉ. शर्मा को गोपनीय शाखा से हटाने के बाद से ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चर्चाएं है कि जांच प्रभावित न हो इसलिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि डॉ. शर्मा का सीधे तौर पर आंसरशीट मामले से कोई लेना देना नहीं है। आंसरशीट की जिम्मेदारी उनके पास थी भी नहीं। ऐसे में उन्हें हटाने से कुछ लोग हैरान भी हैं तो कुछ इसे पहली कार्रवाई बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि शर्मा एमडीयू से सेवानिवृत्त हैं और यहां कांट्रेक्ट बेस पर तैनात किए गए हैं।
कुल 35 कॉलेजों की आंसरशीट
परीक्षा विभाग के अधिकारी और कुछ कर्मचारी अब तक कॉलेजों से आई आंसरशीट की जानकारी के आधार पर दोबारा से बंडल ही बनाने में लगे हुए हैं। सूत्र ने बताया कि अभी एक कॉलेज की आंसरशीट की जांच होना बाकी है। जिन कॉलेजों की आंसरशीट जांच ली गई है, उसमें कोई मिसिंग है या नहीं इसका खुलासा नहीं किया जा रहा है। प्रबंधन अब इस मामले में अपनी साख बचाने की कोशिश में भी जुटा हुआ है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि यदि कोई आंसरशीट में बड़ी गड़बड़ी न हुई तो इस मामले को दबाने की भी कोशिश हो सकती है।
आदेश मिले है कार्रवाई हुई
रजिस्ट्रार की ओर से डॉ. बी. आर. शर्मा को गोपनीय शाखा से हटाने के आदेश मिले थे। आदेश के अनुसार कार्रवाई की गई है। उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। एक कॉलेज की आंसरशीट बाकी हैं। चोरी मामले में पुलिस जांच कर रही है।
डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।
विभाग बदलना रूटीन प्रक्रिया है। मुझे नहीं लगता कि आंसरशीट मामले की वजह से मुझे गोपनीय शाखा से हटाया गया है।
डॉ. बी. आर शर्मा, एआर हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।