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Rohtak News: परिवार पहचान पत्र के लिए पसीना बहा रहे लोग, कुर्सी से लेकर पानी तक नहीं दे रहा निगम
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रोहतक। एक तरफ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के लिए आम लोग नगर निगम की लाइब्रेरी स्थित ब्रांच में रह रोज पसीना बहा रहे हैं, दूसरी तरफ अधिकारी लोगाें को पीने का पानी, साफ शौचालय से लेकर बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं करवा सकते हैं। जबकि ब्रांच को चालू हुए 17 दिन हो गए हैं। परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करने के लिए हर रोज निगम में 200 से 250 लोग आ रहे हैं। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने नागरिक सुविधा केंद्र की जगह एक जून से बाल भवन के नजदीक लाइब्रेरी के अंदर दो काउंटर चालू किए, लेकिन आम लोगों के लिए सुविधाएं नहीं दी। वहां न तो पीने के लिए पानी उपलब्ध है और न ही शौचालय की हर रोज सफाई होती। इतना ही नहीं, काफी देर तक महिलाएं व पुरुष लाइन में खड़े रहते हैं। बैठने के लिए निगम ने बेंच तक उपलब्ध नहीं कराए।
सीपीओ ने मांगे थे पांच बेंच, पीने की व्यवस्था के लिए पांच मई को लिखा था पत्र
लाइब्रेरी भवन में परिवार पहचान पत्र के दो काउंटर 1 जून से शुरू हुए, जबकि सीपीओ ने पांच मई को अधिकारियों को पत्र लिखकर पांच बेंच व पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। मई के बाद जून माह में अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी। जबकि दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है।
पुराने वाटर कूलर में करंट, फैला तारों का जाल
काउंटर के पास बिल्डिंग में एक पुराना वाटर कूलर रखा है, जो नीचे से पूरी तरह गल चुका है। उसमें करंट बताया जा रहा है, जबकि अब भी उसके अंदर पानी भरा जा रहा है। पानी के अंदर कीड़े दिखाई देते हैं। क्योंकि जिस टंकी से पानी कूलर में आता है, उसके पाइप बंदरों ने तोड़ रखे हैं।
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परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए पहले दो काउंटर बनाए थे, लेकिन काॅलेजों में दाखिले के चलते काउंटर पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। बाहर सीएचसी पर जहां फीस ली जाती है, जबकि निगम फ्री में परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करता है। पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए सोमवार को मेयर से मिलूंगा।
जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीपीओ), नगर निगम
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सीपीओ ने मांगे थे पांच बेंच, पीने की व्यवस्था के लिए पांच मई को लिखा था पत्र
लाइब्रेरी भवन में परिवार पहचान पत्र के दो काउंटर 1 जून से शुरू हुए, जबकि सीपीओ ने पांच मई को अधिकारियों को पत्र लिखकर पांच बेंच व पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। मई के बाद जून माह में अब तक व्यवस्था नहीं हो सकी। जबकि दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है।
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पुराने वाटर कूलर में करंट, फैला तारों का जाल
काउंटर के पास बिल्डिंग में एक पुराना वाटर कूलर रखा है, जो नीचे से पूरी तरह गल चुका है। उसमें करंट बताया जा रहा है, जबकि अब भी उसके अंदर पानी भरा जा रहा है। पानी के अंदर कीड़े दिखाई देते हैं। क्योंकि जिस टंकी से पानी कूलर में आता है, उसके पाइप बंदरों ने तोड़ रखे हैं।
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परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए पहले दो काउंटर बनाए थे, लेकिन काॅलेजों में दाखिले के चलते काउंटर पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। बाहर सीएचसी पर जहां फीस ली जाती है, जबकि निगम फ्री में परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करता है। पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए सोमवार को मेयर से मिलूंगा।
जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीपीओ), नगर निगम