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देशभक्ति की भूख...या रोजगार की तलब

Tue, 21 Sep 2021 01:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:11 AM IST
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Patriotic hunger...or employment
लघु सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। संवाद
कोरोना महामारी के कारण दो साल में पांच बार सेना भर्ती स्थगित होने से नाराज रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर से आए अभ्यर्थियों ने सोमवार को लघु सचिवालय के दो मुख्य द्वारों पर लगभग ढाई घंटे तक रोष प्रदर्शन किया। इसे देशभक्ति की भूख कहें या रोजगार की तलब। अभ्यर्थियों ने बताया कि वह पिछले तीन-चार साल से भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती स्थगित होेने से हजारों अभ्यर्थियों की उम्र तक निकल चुकी है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझाने तहसीलदार जिवेंद्र मलिक पहुंचे, लेकिन उन्हें महज चार मिनट में ही लौटना पड़ा। अभ्यर्थी उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार से मिलने की जिद्द पर अडे़ रहे, हालांकि सीटीएम ज्योति मित्तल के आश्वासन के बाद सभी मान गए और लौट गए।
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सेना भर्ती स्थगित होने से नाराज अभ्यर्थी सोमवार की सुबह 9 बजे ही सेक्टर छह स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। एक साथ साढ़े 10 बजे सभी अपने वाहनों पर तिरंगा लेकर भारत माता की जय व भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया तो उन्होंने गेट पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख तहसीलदार आश्वासन देने पहुंचे, लेकिन युवाओं ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उनसे पहले बात कर चुके हैं। गुस्साए अभ्यर्थी लघु सचिवालय के दूसरे द्वार राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की ओर जाम लगा दिया। इसके कारण आधे घंटे तक मुख्य सड़क दोनों ओर से जाम रही और कई वाहन जाम में फंस गए। जाम की सूचना पर पहुंचे डीएसपी कृष्ण कुमार ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और लगभग 25 मिनट बाद जाम खुला। मौके पर सीटीएम ज्योति मित्तल ने सभी की बातें सुनीं और आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों का समाधान कराएंगी। अधिकारी से अभ्यर्थियों के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनके कार्यालय में उनसे बात की और नाराज साथियों को शांत किया।
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अस्पताल जा रही महिला ने उठाया सवाल
सेना भर्ती रद्द होने से नाराज अभ्यर्थियों के लगाए जाम से परेशान एक महिला नाराज हो गई। महिला ने बताया कि उसे अस्पताल पहुंचना है और वह लेट हो रही है। यदि किसी को समस्या है तो वह यातायात को क्यों बाधित कर रहा है। मरीजों को भी रास्ता नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद डीएसपी कृष्ण कुमार ने युवाओं को समझाया और जाम को खुलवाया।
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युवा बोले, अब हो रहा है दुख
कोचिंग सेंटर में दो साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहा हूं। महीने का 15 से 22 हजार रुपये तक का खर्च आता है। लेकिन सेना भर्ती पांच बार स्थगित होने से हौसला टूटता जा रहा है।
- राहुल, खिड़वाली
बचपन से ही सपना था कि सेना में भर्ती होना है। स्कूल से छुट्टी के समय जब सड़कों पर फौजी ट्रक नजर आते थे, एक अलग ही जुनून का अहसास होता था। तभी से फौज में जाने की ठान ली थी। लेकिन भर्ती स्थगित होने से परिवार के लोगों को भी काफी दुख होता है।
- रोहित, सुनारिया
कोरोना के समय पर चुनावी रैलियां तो करवाई गई। लेकिन जब रोजगार की बात आई तो कोरोना महामारी के कारण भर्ती की अनुमति ही नहीं दी गई। युवाओं के साथ अन्याय कर अंधकार की तरफ धकेला जा रहा है। लेकिन हम अपना हक लेकर ही रहेंगे।
- पंकज, बहुजमालपुर
दो हजार से ज्यादा युवा ऐसे हैं, जिनकी भर्ती स्थगित होने से उम्र तक निकल चुकी है। अगर यह स्थगित भर्ती भी नहीं करवाई गई तो आगे होने वाली भर्ती में भाग नहीं ले सकते। तीन साल से सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा हूं।

- मोदी, बहुअकबरपुर
जिला उपायुक्त की ओर से सेना भर्ती करने की अनुमति है। लेकिन सेना मुख्यालय की ओर से भर्ती स्थगित है। भर्ती पूरे देश में स्थगित है। जल्द ही इसे खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को मौका जल्द मिलेगा।
- कर्नल रतनदीप खां, भर्ती निदेशक, रोहतक
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