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Rohtak News: रोडवेज बसों के लिए भटकते रहे यात्री, निजी बसों में लटक कर करनी पड़ी यात्रा

Wed, 17 Jul 2024 04:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 04:46 AM IST
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Passengers kept wandering for roadways buses, had to travel by hanging in private buses
रोहतक। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की महेंद्रगढ़ रैली में रोडवेज बसों के भेजे जाने से परिवहन व्यवस्था बिगड़ गई। बसों के रैली में शामिल होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य पर पहुंचने में देरी हुई। हालात ये रहे कि बस अड्डे पर लोग दो-दो घंटे तक बूथ के बाहर बसों का इंतजार करते रहे। इसक बाद लोगों को निजी बसों व अन्य वाहनों से अपना सफर करना पड़ा। रोडवेज बेड़े में बसें कम होने के चलते यात्रियों को छत पर बैठकर या दरवाजे व खिड़कियों में लटक कर यात्रा करनी पड़ी। ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या कम होने के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों व महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री दिनभर बस अड्डा परिसर में अपना सामान लेकर भटकते नजर आए।
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मंगलवार को रोडवेज डिपो से 54 बसें महेंद्रगढ़ रैली में भेजी गई। यात्री डिपो की किलोमीटर स्कीम बसों के अलावा निजी बसों के भरोसे रहे। ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित रही। लंबे रूटों पर भी बसों की कमी साफ नजर आई। बसों की कमी के चलते डिपो से नैनिताल, दिल्ली, कोटा, अजमेर, बालाजी, हरिद्वार, देहरादून, गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, कोसली, बहुझोल्लरी, पानीपत, साेनीपत, जींद और भिवानी समेत अन्य रूटों पर बस सेवा प्रभावित रही। सभी रूटों पर 3-4 बसें ही चलीं। इस कारण यात्रियों को भीड़ व अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। दूसरे डिपो से आने वाली बसें भी स्टैंड के अंदर नहीं गई। ये बाहर से ही निकल गई। इसकी वजह बसों में पहले से ही भीड़ अधिक होना रहा। रोडवेज की बसें नहीं मिलने से आहत यात्रियों को हार कर निजी बसों व कैब का रुख करना पड़ा। भीड़ में बुजुर्ग व महिला यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। कोई बस में नहीं चढ़ पाया तो कोई सामान लेकर दौड़ने में असमर्थ रहा। ग्रामीण क्षेत्राें में मंगलवार को किलोई, रुड़की, समचाना, मदीना, सांघी, खिड़वाली, गिरावड, मोखरा, मदीना, महम रूट पर भी बसें कम चलीं। लोगों के लिए निजी बसें व किलोमीटर स्कीम वाली बसें ही यात्रियों के सफर में सहारा बनी। किलोमीटर स्कीम वाली बसों का रोहतक से चंडीगढ़ रूट समेत अन्य एक से दो रूट पर ही संचालन किया गया। निजी बसें भी सोनीपत, पानीपत, गोहाना, जींद, भिवानी, कलानौर, रेवाड़ी, दादरी, झज्जर रूटों पर ही चली। ग्रामीण क्षेत्रों में ये बसें नहीं चली। इस कारण यात्रियों को राहत नहीं मिली।
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क्या बोले यात्री


पौने घंटे से रोडवेज बस का इंतजार कर रहा हूं, कोई बस नहीं आ रही है। हांसी जाना है, सिर्फ निजी बसें आ रही हैं। 60 साल की उम्र में ऐसे इंतजार करना पड़ रहा हैं।
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सतबीर, यात्री।

फतेहाबाद जाना है। राेडवेज बस का पिछले डेढ़ घंटे से इंतजार है। अब तक कोई बस नहीं आई है। निजी बस में भी जगह नहीं है। गर्मी में काफी परेशानी हो रही है। बस मिले तो घर जाऊं।
सचिन, यात्री।

डेढ़ घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। सांपला जाना है। रोडवेज बस का पास बना हुआ है। इसलिए रोडवेज बस में जाने का प्रयास है। काफी समय से कोई बस नहीं आई है। इसलिए अब निजी बस की तैयारी है।

आरती, छात्रा।

100 बसें रैली में भेज दी गई थी। इनमें से 46 बसें वापस आ गई। रैली में 54 बसें ही गई। शेष बसों से सभी रूटों पर यात्रियों को परिवहन सुविधा मुहैया कराई गई।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशॉप मैनेजर, रोडवेज डिपो।
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