{"_id":"6a21c5fc5ff8d3606f0f0c80","slug":"parents-sensitized-on-world-clubfoot-day-rohtak-news-c-199-1-sroh1009-154535-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: विश्व क्लबफुट दिवस पर अभिभावकों को किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: विश्व क्लबफुट दिवस पर अभिभावकों को किया जागरूक
विज्ञापन
04जेएनडी07: नागरिक अस्पताल में विश्व क्लबफुट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चे व अभिभावक। स्र
जींद। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में विश्व क्लबफुट दिवस मनाया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों ने अभिभावकों को क्लबफुट (टेढ़े पंजे) की जन्मजात समस्या, इसके उपचार और समय पर पहचान के महत्व के बारे में जागरूक किया।
उप-सिविल सर्जन एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रमेश पांचाल ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से प्रत्येक वीरवार को 0 से 6 वर्ष तक के क्लबफुट से पीड़ित बच्चों का निशुल्क उपचार किया जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश मलिक और डॉ. संतलाल बेनीवाल बच्चों का उपचार कर रहे हैं। उपचार के बाद अनुष्का फाउंडेशन की ओर से विशेष जूते, ब्रेस और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
डॉ. रमेश पांचाल ने बताया कि विश्व क्लबफुट दिवस प्रतिवर्ष डॉ. इग्नासियो पोंसेटी के सम्मान में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि क्लबफुट एक ऐसी जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चों के पैर अंदर की ओर मुड़े होते हैं। समय पर उपचार मिलने पर यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 141 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है।
विज्ञापन
उप-सिविल सर्जन एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रमेश पांचाल ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से प्रत्येक वीरवार को 0 से 6 वर्ष तक के क्लबफुट से पीड़ित बच्चों का निशुल्क उपचार किया जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश मलिक और डॉ. संतलाल बेनीवाल बच्चों का उपचार कर रहे हैं। उपचार के बाद अनुष्का फाउंडेशन की ओर से विशेष जूते, ब्रेस और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
विज्ञापन
डॉ. रमेश पांचाल ने बताया कि विश्व क्लबफुट दिवस प्रतिवर्ष डॉ. इग्नासियो पोंसेटी के सम्मान में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि क्लबफुट एक ऐसी जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चों के पैर अंदर की ओर मुड़े होते हैं। समय पर उपचार मिलने पर यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 141 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है।