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Rohtak News: सरसों तेल मिल की कागजी प्रक्रिया पूरी, अब लगेगा टेंडर
Tue, 01 Apr 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में सरसों के तेल मिल की स्थापना के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रामपुरा गांव में हैफेड की 12 एकड़ जमीन की पैमाइश संबंधित कार्य पूरा कर लिया गया है। मिल के साथ गोदाम भी बनाने की योजना है। हैफेड के अधिकारी इस कार्य में लगे हुए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रेवाड़ी में सरसों के तेल मिल की स्थापना को लेकर अधिकारियों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दे चुके हैं। 27 सितंबर 2024 को रेवाड़ी में चुनावी जनसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी की तीसरी बार सरकार बनने पर रेवाड़ी में सरसों तेल मिल की स्थापना की जाएगी। यह घोषणा अब सिरे चढ़ते हुए नजर आ रही है। चुनाव जीतने के बाद सीएम नायब सिंह सैनी सरसों तेल मिल की स्थापना को लेकर अधिकारियों से कई बार बातचीत कर चुके हैं। फिलहाल अब टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद मिल की स्थापना का कार्य शुरू होगा।
आरंभ में पेराई क्षमता 150 टीपीडी तक होगी : सरसो तेल मिल की स्थापना के बाद जहां बाजार में बढ़ रही सरसों के तेल की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं प्रदेश के किसानों द्वारा पैदा की जा रही सरसों की खपत ठीक से हो सकेगी। इस मिल की पेराई क्षमता आरंभ में 150 टीपीडी होगी। इसको बाद में 300 टीपीडी तक बढ़ाया जा सकता है। इस मिल की स्थापना होने से लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे दक्षिणी हरियाणा के किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में 78 हजार हेक्टेयर सरसों की खेती होती है। रेवाड़ी के सरसों की गुणवत्ता प्रदेश भर में बेहतर मानी जाती है। संवाद
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कोनसीवास रोड स्थित मिल में 30 टन सरसों गलाने की क्षमता
जिले में हैफेड की कोनसीवास रोड स्थित एक ऑयल मिल है। इसकी रोजाना 30 टन सरसों गलाने की क्षमता है, जिसमें एक तिहाई तेल यानी 10 टन के आसपास तेल निकलता है। यह तेल बीपीएल राशन कार्ड धारकों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को सप्लाई के लिए दिया जाता है। जिले में खुले हैफेड के स्टोर में भी बिक्री के साथ ही अन्य जिलों में भी भेजा जाता है। अब नई बनने वाली मिल जिले की दूसरी ऑयल मिल होगी। मिल की स्थापना होने से किसानों को भी फायदा होगा। जिला के किसानों से ज्यादा मात्रा में सरसों की खरीद हो सकेगी। इसके अलावा फसल के फायदे के साथ ही उचित मूल्य पर हैफेड का तेल भी मिलेगा।
सरसों उत्कृष्टता केंद्र के लिए भी प्रारूप तैयार
हरियाणा सरकार की ओर से टाहना दीपालपुर में सरसों का उत्कृष्टता केंद्र (सीओईएम) की स्थापना के लिए प्रस्ताव पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मौजूदा समय में सीओईएम का विस्तृत प्रारूप तैयार कर लिया गया है। उत्कृष्टता केंद्र खुलने से रेवाड़ी समेत झज्जर, महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम के साथ राजस्थान बॉर्डर पर स्थित आसपास के क्षेत्रों के किसान इसका फायदा उठा सकेंगे। हरियाणा बीज विकास निगम (एचएसडीसी) द्वारा डहीना व कव्वाली गांव में बीज बिक्री केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है। इस पर भी प्रक्रिया अभी चल रही है। बीज बिक्री केंद्र खुलने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। इससे किसानों को नई किस्म के बारे में भी पता चलेगा।
वर्जन
जिले में सरसों तेल मिल स्थापित करने की सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही है। रामपुरा गांव में तेल मिल की स्थापना की जाएगी।-मनोज, परचेज मैनेजर, हैफेड।
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रेवाड़ी। जिले में सरसों के तेल मिल की स्थापना के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रामपुरा गांव में हैफेड की 12 एकड़ जमीन की पैमाइश संबंधित कार्य पूरा कर लिया गया है। मिल के साथ गोदाम भी बनाने की योजना है। हैफेड के अधिकारी इस कार्य में लगे हुए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रेवाड़ी में सरसों के तेल मिल की स्थापना को लेकर अधिकारियों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दे चुके हैं। 27 सितंबर 2024 को रेवाड़ी में चुनावी जनसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी की तीसरी बार सरकार बनने पर रेवाड़ी में सरसों तेल मिल की स्थापना की जाएगी। यह घोषणा अब सिरे चढ़ते हुए नजर आ रही है। चुनाव जीतने के बाद सीएम नायब सिंह सैनी सरसों तेल मिल की स्थापना को लेकर अधिकारियों से कई बार बातचीत कर चुके हैं। फिलहाल अब टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद मिल की स्थापना का कार्य शुरू होगा।
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आरंभ में पेराई क्षमता 150 टीपीडी तक होगी : सरसो तेल मिल की स्थापना के बाद जहां बाजार में बढ़ रही सरसों के तेल की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं प्रदेश के किसानों द्वारा पैदा की जा रही सरसों की खपत ठीक से हो सकेगी। इस मिल की पेराई क्षमता आरंभ में 150 टीपीडी होगी। इसको बाद में 300 टीपीडी तक बढ़ाया जा सकता है। इस मिल की स्थापना होने से लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे दक्षिणी हरियाणा के किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में 78 हजार हेक्टेयर सरसों की खेती होती है। रेवाड़ी के सरसों की गुणवत्ता प्रदेश भर में बेहतर मानी जाती है। संवाद
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कोनसीवास रोड स्थित मिल में 30 टन सरसों गलाने की क्षमता
जिले में हैफेड की कोनसीवास रोड स्थित एक ऑयल मिल है। इसकी रोजाना 30 टन सरसों गलाने की क्षमता है, जिसमें एक तिहाई तेल यानी 10 टन के आसपास तेल निकलता है। यह तेल बीपीएल राशन कार्ड धारकों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को सप्लाई के लिए दिया जाता है। जिले में खुले हैफेड के स्टोर में भी बिक्री के साथ ही अन्य जिलों में भी भेजा जाता है। अब नई बनने वाली मिल जिले की दूसरी ऑयल मिल होगी। मिल की स्थापना होने से किसानों को भी फायदा होगा। जिला के किसानों से ज्यादा मात्रा में सरसों की खरीद हो सकेगी। इसके अलावा फसल के फायदे के साथ ही उचित मूल्य पर हैफेड का तेल भी मिलेगा।
सरसों उत्कृष्टता केंद्र के लिए भी प्रारूप तैयार
हरियाणा सरकार की ओर से टाहना दीपालपुर में सरसों का उत्कृष्टता केंद्र (सीओईएम) की स्थापना के लिए प्रस्ताव पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मौजूदा समय में सीओईएम का विस्तृत प्रारूप तैयार कर लिया गया है। उत्कृष्टता केंद्र खुलने से रेवाड़ी समेत झज्जर, महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम के साथ राजस्थान बॉर्डर पर स्थित आसपास के क्षेत्रों के किसान इसका फायदा उठा सकेंगे। हरियाणा बीज विकास निगम (एचएसडीसी) द्वारा डहीना व कव्वाली गांव में बीज बिक्री केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है। इस पर भी प्रक्रिया अभी चल रही है। बीज बिक्री केंद्र खुलने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। इससे किसानों को नई किस्म के बारे में भी पता चलेगा।
वर्जन
जिले में सरसों तेल मिल स्थापित करने की सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही है। रामपुरा गांव में तेल मिल की स्थापना की जाएगी।-मनोज, परचेज मैनेजर, हैफेड।