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खैरड़ी पंचायत का ऐलान, डीजे बजाने, जुआ, धूम्रपान और शराब पीने वालों पर लगेगा 11 हजार का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 22 Jul 2016 02:11 AM IST
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panchayat
- फोटो : Demo pic
खैरड़ी की पंचायत ने युवाओं को गलत संगत से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। गांव में अगर डीजे बजा, किसी ने जुआ खेला, शराब और धूम्रपान किया तो उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत ने यह फैसला कलानौर में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को गंभीरता से लेते हुए लिया है।
बृहस्पतिवार सुबह गांवों के युवा वर्ग को गलत संगत से बचाने के लिए गांव के प्राइमरी स्कूल में एक पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता खैरती लाल बतरा ने की। पंचायत शुरू होने से पहले गांव के सरपंच ने मासूम के साथ हुई दरिंदगी पर दुख प्रकट किया। सरपंच ने बताया कि इस तरह की घटनाओं के लिए बच्चों की गलत आदतें जिम्मेदार हैं। स्कूली जीवन में ही बच्चे शराब, धूम्रपान और जुआ जैसी गलत आदतों में फंस जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों का भी फर्ज बनता है कि वे बच्चों को अच्छे संस्कार दें। सरपंच भूपेंद्र ने कहा कि गांव की शांति बिगाड़ने में डीजे का भी अहम रोल है। इस पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए। इस पर पूरे गांव ने अपनी सहमति जताते हुए निर्णय लिया कि गांव में डीजे बजाने, सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने और शराब का सेवन करने वाले पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि एक अगस्त तक अगर सरकारी स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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बृहस्पतिवार सुबह गांवों के युवा वर्ग को गलत संगत से बचाने के लिए गांव के प्राइमरी स्कूल में एक पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता खैरती लाल बतरा ने की। पंचायत शुरू होने से पहले गांव के सरपंच ने मासूम के साथ हुई दरिंदगी पर दुख प्रकट किया। सरपंच ने बताया कि इस तरह की घटनाओं के लिए बच्चों की गलत आदतें जिम्मेदार हैं। स्कूली जीवन में ही बच्चे शराब, धूम्रपान और जुआ जैसी गलत आदतों में फंस जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों का भी फर्ज बनता है कि वे बच्चों को अच्छे संस्कार दें। सरपंच भूपेंद्र ने कहा कि गांव की शांति बिगाड़ने में डीजे का भी अहम रोल है। इस पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए। इस पर पूरे गांव ने अपनी सहमति जताते हुए निर्णय लिया कि गांव में डीजे बजाने, सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने और शराब का सेवन करने वाले पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि एक अगस्त तक अगर सरकारी स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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