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Rohtak News: अनाथ बच्चों को मिलेगी अपनेपन की गोद

Wed, 19 Jul 2023 02:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jul 2023 02:51 AM IST
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Orphan children will get the lap of affinity
चौ. लखीराम आर्य अडाॅप्शन ऐजंसी के लोकार्पण के दौरान मौजूद सांसद अरविंद शर्मा व अन्य । विज्ञ​प्त
रोहतक। हिसार, फरीदाबाद, कैथल, पंचकूला, रेवाड़ी की तरह रोहतक में भी अडोप्शन एजेंसी खोल दी गई है। इसके चलते अनाथ बच्चों को आसरा मिलेगा और उन्हें अन्य जिले में नहीं भेजना पड़ेगा। मंगलवार को यह एजेंसी जिले के चौधरी लखीराम आर्य अनाथालय में खोल दी गई है। आधुनिक जीवन शैली ने ऐसे मोड़ पर ला दिया है कि अपने ही अपने खून को ठुकरा रहे हैं। निष्ठुरता के चलते लावारिस हालात में जगह-जगह नवजात और भ्रूण मिल रहे हैं। टीस यह भी है कि दूसरी ओर सूनी गोदें हैं। ऐसे में ये अडोप्शन एजेंसी के यहां कतार में हैं, इस उम्मीद से कि एक बच्चा मिल जाए। जिले में लावारिस मिलने वाले बच्चों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अडोप्शन एजेंसी खोली है। प्रशासन की माने तो झज्जर, रोहतक, सोनीपत में कोई भी ऐसी एजेंसी नहीं है। मंगलवार को सांसद डाॅ. अरविंद शर्मा ने एजेंसी का बतौर मुख्यातिथि शुभारंभ किया। इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन व रोहतक नगर निगम के चेयरमैन मनमोहन गोयल की उपस्थित रही।
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सांसद ने दिया हर आर्थिक सहायता का आश्वासन
सांसद डाॅ. अरविंद शर्मा ने अपनी सांसद निधि से एजेंसी को हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। वहीं मेयर मनमोहन गोयल ने मांग अनुसार समस्त आश्रम को सोलर लाइटों के माध्यम से जगमग करने के लिए कहा। साथ ही एमडी राजेश जैन ने अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने की बात कही। आयोजन में प्रबंधन समिति के प्रधान राजबीर छिक्कारा, मंत्री युवराज, कोषाध्यक्ष कुलदीप सिंधु, रविंद्र कुमार, राजरूप राठी, सुभाष सांगवान, हवा सिंह राठी, आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सेठ राधाकृष्ण उपस्थित रहे।
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18 साल से नीचे के बच्चे को दिया जाता है गोद
बाल संरक्षण अधिकारी पूनम ने बताया कि सर्दियों में लावारिस बच्चे मिलने के केस अधिक होते हैं। कई बार बच्चे पीजीआईएमएस कैंपस में मिलते हैं। वह शिकायत मिलने पर मौके पर जाते हैं और बच्चे के अपने कब्जे में लेते हैं। लोगों से अपील है कि वह बच्चे को इस तरह न फेंके, हमें सौंप दें। बच्चा देने वाले की सारी जानकारी गुप्त रखी जाएगी। इससे बच्चे की जान बच जाएगी और जिनको संतान नहीं है, उनको संतान की इच्छा पूरी हो जाएगी। फिलहाल तीन साल की वेटिंग चल रही है और सारे नियम पूरे करने के बाद ही बच्चा गोद दिया जाता है। अडोप्शन एजेंसी से 18 साल से नीचे के बच्चे को गोद दिया जाता है। इसमें गोद लेने वाले की उम्र को भी देखा जाता है।
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