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Rohtak News: 23 को दिल्ली में होने वाली महापंचायत का संगठन सदस्यों ने दिया न्योता

Sat, 21 Sep 2024 07:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 07:19 AM IST
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Organization members invited for Mahapanchayat to be held in Delhi on 23rd
-फोटो 60 : लोगों को 23 सितंबर को महापंचायत का न्यौता देते संगठन सदस्य।
बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने 23 सितंबर को तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए अनेक गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया और किसानों और भूमिहीन गरीबों से इस महापंचायत में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
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संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी व जिला कमेटी सदस्य रामकिशन ने कहा कि कृषि उपज के थोक व खुदरा व्यापार को सरकार द्वारा अपने नियंत्रण में लेने, सरकारी दुकान खोलकर राशन समेत सभी जरूरी चीजों को सस्ते दामों पर देश के तमाम ग्रामीण व शहरी गरीबों को मुहैया कराने, फसलों को लागत से डेढ़ गुना एमएसपी देने की गारंटी का कानून बनाने, खेती की लागत को कम करने, ग्रामीण गरीबों को साल भर काम और पर्याप्त मजदूरी देने, किसानों और भूमिहीन ग्रामीण गरीबों को कर्ज मुक्त करने, 60 वर्ष उम्र होने पर 10000 प्रति महीना पेंशन देने तथा बिजली बिल संशोधन 2023 व स्मार्ट/प्रीपेड मीटर स्कीम को तुरंत खत्म करने, हाईटेंशन लाइनों के नीचे आने वाली भूमि का मार्केट रेट से 4 गुना मुआवजा देने, हाल ही की बरसात और नहर टूटने से बर्बाद हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाकर 50000 प्रति एकड़ मुआवजा देने के मुद्दों को महापंचायत में जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।
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इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से प्राइवेट कंपनियों को बाहर कर इसे किसान हितैषी बनाने, आग तथा आवारा पशुओं समेत प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों का 50,000 प्रति एकड़ मुआवजा देने, सभी किस्म के पोर्टल खत्म करने, कृषि औजारों पर जीएसटी हटाने, भावांतर भरपाई योजना रद्द करने तथा पर्याप्त सिंचाई जल का प्रबंध करने की मांगों को भी हाईलाइट किया जाएगा। इसके लिए किसानों तथा मजदूरों को संगठित होकर पूरे देश में एक शक्तिशाली आंदोलन खड़ा करना होगा, क्योंकि आजादी के बाद जो भी सरकारें आई, उन्होंने किसान मजदूर विरोधी तथा पूंजीपति हितैषी नीतियों को ही आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि आंदोलन ही पूंजीवादी शोषण से मुक्ति का एकमात्र रास्ता है।
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