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Rohtak News: झोला और टिकटों के बंडल से मुक्त होंगे परिचालक
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रोहतक। रोडवेज डिपो के सभी परिचालक अब हाईटेक होंगे। इन्हें अपने हाथों में न झोला टांगना होगा न टिकटों के बंडल रखने होंगे। इसके लिए विभाग में 100 ई-टिकटिंग मशीनें और पहुंच गई है। पहली बार पांच जून को ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू करते हुए परिचालकों के लिए 88 मशीनें जारी की गई थी। अब नई मशीनें और जारी होने से परिचालकों को राहत मिलेगी।
शुरूआत में विकल्प के लिए परिचालक सामान्य टिकट भी रख रहे हैं, लेकिन प्राथमिकता ई-टिकटिंग को दी जा रही है। ई-टिकटिंग की मशीन में अपडेट करने का काम चल रहा है। मशीन पूरी तरह अपडेट होने पर यात्रियों को टिकट की राशि क्यूआर कोड व डेबिट कार्ड से करने की सुविधा भी जल्द मिलेगी। बस स्टैंड से करीब 70 रूटों पर बसों का परिचालन किया जाता है। इन रूटों पर जाने वाली बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू कर दी गई है। पिछले माह से अब तक 80 फीसदी से अधिक यात्रियों को ई-टिकटिंग का टिकट उपलब्ध करवाया जाता है। परिचालकों का कहना है कि ई-टिकटिंग चालू होने से हिसाब लगाने और टिकटों को संभालकर रखने की समस्या से निजात मिली है। जल्द ही ई-टिकटिंग में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू हो जाएगी तो खुले पैसों की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
ई-टिकटिंग की मशीन अपग्रेड होने पर मिलेंगी यह सुविधाएं
यातायात निरीक्षक कुलदीप ने बताया कि ई-टिकटिंग मशीन अपग्रेड होने से यात्रियों व परिचालकों के लिए अन्य सुविधाओं में भी इजाफा होगा। बार कोड स्कैन करने की सुविधा तथा बस पास धारकों के लिए शून्य रुपये का टिकट उपलब्ध हो जाएगा। इससे रोडवेज अधिकारियों को यात्रियों की गणना करने में आसानी होगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों पर अंकुश लगेगा।
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ग्रामीण रूटों पर भी शुरू हुई ई-टिकटिंग मशीनें
ग्रामीण रूट रोहतक से लाखनमाजरा, निंदाना, गोहाना, बेरी, कोसली, महम व कलानौर समेत अन्य लंबे रूटों समेत परिचालकों को अभी तक 120 से ज्यादा ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करवा दी गई हैं, ताकि ग्रामीण रूटों पर लगी बसों में भी डिजिटलाइजेशन के तहत यात्रियों को ई-टिकट उपलब्ध हो सके।
परिचालकों के लिए ई-टिकटिंग मशीनें पिछले माह उपलब्ध करवा दी गई हैं। शुक्रवार को 100 नई मशीनें और आई हैं, जिससे परिचालकों में खुशी की लहर है। परिचालकों को टिकट देने में भी काफी आसानी होगी। हिसाब किताब भी ऑनलाइन दर्ज होगा।
-कुलदीप, यातायात निरीक्षक रोडवेज।
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शुरूआत में विकल्प के लिए परिचालक सामान्य टिकट भी रख रहे हैं, लेकिन प्राथमिकता ई-टिकटिंग को दी जा रही है। ई-टिकटिंग की मशीन में अपडेट करने का काम चल रहा है। मशीन पूरी तरह अपडेट होने पर यात्रियों को टिकट की राशि क्यूआर कोड व डेबिट कार्ड से करने की सुविधा भी जल्द मिलेगी। बस स्टैंड से करीब 70 रूटों पर बसों का परिचालन किया जाता है। इन रूटों पर जाने वाली बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली शुरू कर दी गई है। पिछले माह से अब तक 80 फीसदी से अधिक यात्रियों को ई-टिकटिंग का टिकट उपलब्ध करवाया जाता है। परिचालकों का कहना है कि ई-टिकटिंग चालू होने से हिसाब लगाने और टिकटों को संभालकर रखने की समस्या से निजात मिली है। जल्द ही ई-टिकटिंग में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू हो जाएगी तो खुले पैसों की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
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ई-टिकटिंग की मशीन अपग्रेड होने पर मिलेंगी यह सुविधाएं
यातायात निरीक्षक कुलदीप ने बताया कि ई-टिकटिंग मशीन अपग्रेड होने से यात्रियों व परिचालकों के लिए अन्य सुविधाओं में भी इजाफा होगा। बार कोड स्कैन करने की सुविधा तथा बस पास धारकों के लिए शून्य रुपये का टिकट उपलब्ध हो जाएगा। इससे रोडवेज अधिकारियों को यात्रियों की गणना करने में आसानी होगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों पर अंकुश लगेगा।
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ग्रामीण रूटों पर भी शुरू हुई ई-टिकटिंग मशीनें
ग्रामीण रूट रोहतक से लाखनमाजरा, निंदाना, गोहाना, बेरी, कोसली, महम व कलानौर समेत अन्य लंबे रूटों समेत परिचालकों को अभी तक 120 से ज्यादा ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करवा दी गई हैं, ताकि ग्रामीण रूटों पर लगी बसों में भी डिजिटलाइजेशन के तहत यात्रियों को ई-टिकट उपलब्ध हो सके।
परिचालकों के लिए ई-टिकटिंग मशीनें पिछले माह उपलब्ध करवा दी गई हैं। शुक्रवार को 100 नई मशीनें और आई हैं, जिससे परिचालकों में खुशी की लहर है। परिचालकों को टिकट देने में भी काफी आसानी होगी। हिसाब किताब भी ऑनलाइन दर्ज होगा।
-कुलदीप, यातायात निरीक्षक रोडवेज।