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जिसका मन शांत होता है, वही प्रगति करता है : बंडारू दत्तात्रेय
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श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, महामंडलेश्वर कपिल पुरी ओर स्वामी कम?
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रोहतक। डेरा बाबा लक्ष्मणपुरी में लोहड़ी के पावन पर्व पर संकीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शिरकत की। उन्होंने गोकर्ण पीठाधीश्वर स्वामी कपिलपुरी, पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंत्री स्वामी कमलपुरी का आशीर्वाद लिया। साथ ही संकीर्तन में राधा-कृष्ण के भजनों का आनंद लिया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मंदिर में आकर संतों के दर्शन करने से जीवन धन्य हो गया। देश को जोड़ने के लिये संतों का आशीर्वाद जरूरी है। संतों की छत्रछाया में ही देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेरे का इतिहास पढ़ रहे थे कि स्वामी केशवपुरी ने कैसे श्रद्धालुओं का उद्धार किया है। उन्होंने कहा कि भगवान की आरती मन को शांति प्रदान करती है। जिसका मन शांत होता है, वही प्रगति करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जयंती पर सबको शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद से युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने संकीर्तन में बैठी महिला शक्ति को नमन करते हुए कहा कि जहां मातृ शक्ति होती है, वहीं समृद्धि होती है। इसके साथ ही उन्होंने बांके बिहारी की आरती की और स्वामी लक्ष्मणपुरी के समाधि स्थल पर माथा टेकते हुए समाज कल्याण की कामना की।
‘राज्यपाल के नाम में ही भगवान दत्तात्रेय’
पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंत्री स्वामी कमलपुरी ने कहा कि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के नाम में ही भगवान दत्तात्रेय का नाम शामिल है। इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। वहीं, स्वामी कपिलपुरी ने कहा कि राज्यपाल के आने से संकीर्तन की शोभा बढ़ गई है। ऐसे महापुरुषों को समय-समय पर संगत को आशीर्वाद देते रहना चाहिए। डेरे की महिमा अपार है, यहां श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा है। उन्होंने राज्यपाल का अभिनंदन किया और राधा नाम संकीर्तन मंडल के कैलेंडर का विमोचन किया।
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गुरुजी के रंग विच रंगिये...
गोकर्ण डेरे में आयोजित संकीर्तन के दौरान राधा नाम संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने कृष्ण-राधा के भजनों से संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरुजी के रंग विच रंगिये..., जय जय राधा रमण हरी बोल..., मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सिर झुकाना... जैसे भजनों का गुणगान करते हुए संगत को आनंद करवाया। इसके साथ ही बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं और हनुमान चालीसा के साथ संकीर्तन का समापन किया।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मंदिर में आकर संतों के दर्शन करने से जीवन धन्य हो गया। देश को जोड़ने के लिये संतों का आशीर्वाद जरूरी है। संतों की छत्रछाया में ही देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेरे का इतिहास पढ़ रहे थे कि स्वामी केशवपुरी ने कैसे श्रद्धालुओं का उद्धार किया है। उन्होंने कहा कि भगवान की आरती मन को शांति प्रदान करती है। जिसका मन शांत होता है, वही प्रगति करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जयंती पर सबको शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद से युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने संकीर्तन में बैठी महिला शक्ति को नमन करते हुए कहा कि जहां मातृ शक्ति होती है, वहीं समृद्धि होती है। इसके साथ ही उन्होंने बांके बिहारी की आरती की और स्वामी लक्ष्मणपुरी के समाधि स्थल पर माथा टेकते हुए समाज कल्याण की कामना की।
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‘राज्यपाल के नाम में ही भगवान दत्तात्रेय’
पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंत्री स्वामी कमलपुरी ने कहा कि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के नाम में ही भगवान दत्तात्रेय का नाम शामिल है। इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। वहीं, स्वामी कपिलपुरी ने कहा कि राज्यपाल के आने से संकीर्तन की शोभा बढ़ गई है। ऐसे महापुरुषों को समय-समय पर संगत को आशीर्वाद देते रहना चाहिए। डेरे की महिमा अपार है, यहां श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा है। उन्होंने राज्यपाल का अभिनंदन किया और राधा नाम संकीर्तन मंडल के कैलेंडर का विमोचन किया।
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गुरुजी के रंग विच रंगिये...
गोकर्ण डेरे में आयोजित संकीर्तन के दौरान राधा नाम संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने कृष्ण-राधा के भजनों से संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरुजी के रंग विच रंगिये..., जय जय राधा रमण हरी बोल..., मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सिर झुकाना... जैसे भजनों का गुणगान करते हुए संगत को आनंद करवाया। इसके साथ ही बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं और हनुमान चालीसा के साथ संकीर्तन का समापन किया।