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पीजीआई में कोरोना के एक हजार मरीज हो सकेंगे भर्ती, 750 बेडों पर मिलेगी ऑक्सीजन
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जिलेवासी व पीजीआई में आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। कोरोना की सशंकित तीसरी लहर आई तो मरीजों को बेड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दूसरी लहर से सबक लेते हुए पीजीआई प्रशासन ने तीसरी लहर आने से पहले ही इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके तहत अब यहां 1000 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। पहले संस्थान में कोरोना मरीजों के लिए 556 बेड थे। महामारी की सशंकित तीसरी लहर को देखते हुए पीजीआई प्रशासन किसी तरह की कमी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। शायद यही वजह है कि यहां मरीजों की सुविधाओं के साथ पहले से ज्यादा संख्या में मरीज भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। महामारी ने पांव पसारे तो पीजीआई में एक हजार मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। यही नहीं, इनमें से ज्यादातर बेड पर ऑक्सीजन सुविधा भी मुहैया कराई गई है। इसके तहत 750 बेडों पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए फिटिंग का काम पूरा हो गया है।
बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत
कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते पीजीआई प्रशासन ने 64 आईसीयू बेड तैयार किए हैं। कुछ बेड पहले से थे। यही नहीं, इन बेडों को बड़ों के लिए भी प्रयोग किए जा सकते हैं। यदि बच्चों के बजाय वयस्क अधिक आए तो ये बेड उन्हें दिए जा सकते हैं।
मरीज बढ़ने पर ट्रॉमा सेंटर बनेगा कोविड अस्पताल
महामारी का खतरा बढ़ने पर ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदला जाएगा। फिलहाल यहां हादसों में घायलों व गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहीं इनके ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। कोरोना मरीजों के लिए पीजीआई के सी-ब्लॉक, डे-केयर आईसीयू, वार्ड 24, 25 व 26 में मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। सामान्य मरीजों के लिए भी मनोरोग व लाला श्यामलाल सुपर स्पेशलिस्ट विभाग में अतिरिक्त व्यवस्था रहेगी।
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कोरोना की सशंकित तीसरी लहर से निपटने के लिए पीजीआई तैयार है। संस्थान में महामारी से पीड़ितों को उपचार देने की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके तहत बेड की संख्या बढ़ाकर 1000 कर दी गई है। बच्चों के लिए 64 आईसीयू बेड तैयार कर दिए गए हैं। इसके अलावा 750 बेडों पर ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदला जाएगा।
- डॉ. रोहताश कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
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बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत
कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते पीजीआई प्रशासन ने 64 आईसीयू बेड तैयार किए हैं। कुछ बेड पहले से थे। यही नहीं, इन बेडों को बड़ों के लिए भी प्रयोग किए जा सकते हैं। यदि बच्चों के बजाय वयस्क अधिक आए तो ये बेड उन्हें दिए जा सकते हैं।
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मरीज बढ़ने पर ट्रॉमा सेंटर बनेगा कोविड अस्पताल
महामारी का खतरा बढ़ने पर ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदला जाएगा। फिलहाल यहां हादसों में घायलों व गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहीं इनके ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। कोरोना मरीजों के लिए पीजीआई के सी-ब्लॉक, डे-केयर आईसीयू, वार्ड 24, 25 व 26 में मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। सामान्य मरीजों के लिए भी मनोरोग व लाला श्यामलाल सुपर स्पेशलिस्ट विभाग में अतिरिक्त व्यवस्था रहेगी।
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कोरोना की सशंकित तीसरी लहर से निपटने के लिए पीजीआई तैयार है। संस्थान में महामारी से पीड़ितों को उपचार देने की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके तहत बेड की संख्या बढ़ाकर 1000 कर दी गई है। बच्चों के लिए 64 आईसीयू बेड तैयार कर दिए गए हैं। इसके अलावा 750 बेडों पर ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल में बदला जाएगा।
- डॉ. रोहताश कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस