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Rohtak News: चार स्टेडियम पर एक कोच, खिलाड़ी कैसे करें तैयारी
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फोटो: 27रेवाड़ी। कोसली में बना खेल स्टेडियम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। उपमंडल में कहने के लिए तो चार स्टेडियम हैं लेकिन प्रशिक्षकों की कमी के चलते इसका लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा है। सिर्फ कोसली स्टेडियम में एक बॉक्सिंग के कोच हैं। अन्य तीन स्टेडियम में कोच की तैनाती नहीं है। यहां के खिलाड़ियों ने विधानसभा चुनाव में प्रशिक्षकों और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि अगर खेलों के कोच की व्यवस्था हो और संसाधन मिलें तो खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी।
कोसली उपमंडल में कोसली, नेहरूगढ़, भूरथला और सुरेहली में स्टेडियम बना है। इनमें से सिर्फ कोसली स्टेडियम में बॉक्सिंग कोच की तैनाती है। अन्य किसी भी स्टेडियम में कोच नहीं हैं। निकट भविष्य में कोच की नियुक्ति की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। वॉलीबॉल, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस के लिए कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई है। कोसली में करोड़ों की लागत से बने राजीव गांधी खेल स्टेडियम में सिर्फ एक बॉक्सिंग के कोच हैं। बॉक्सिंग के खिलाड़ी तो अभ्यास कर रहे हैं लेकिन अन्य खेलों के खिलाड़ी बिना किसी मागदर्शन के अभ्यास करते हैं। कोसली के उपमंडल अधिकारी विजय यादव ने बताया कि उप मंडल में कोच लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। राजीव गांधी खेल स्टेडियम के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में बने स्टेडियम में भी कोच की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में बास्केटबॉल कोर्ट बने 10 वर्ष बीत चुके हैं। तब से अब तक इस खेल के कोच की नियुक्ति नहीं हुई। रेसलिंग कोच भी नहीं हैं। क्रिकेट, कबड्डी, जिमनास्टिक और बैडमिंटन के प्रशिक्षक की भी कमी है। यहां सिर्फ बॉक्सिंग के ही कोच हैं।
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गांवों में बने स्टेडियम की दशा सुधारी जाए : सरपंच
गांव नेहरूगढ़ के सरपंच आशीष प्रजापति ने कहा कि वह वर्ष से गांव में पांच एकड़ पंचायती जमीन पर बने स्टेडियम की हालात सुधारने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। उनके गांव की करोड़ों रुपये की पंचायती जमीन पर पांच करोड़ की लागत से 15 वर्ष पहले स्टेडियम बनाथा लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से गांव में बने स्टेडियम की दशा सुधारने की मांग की है।
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वर्जन:
खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए कोसली व ग्रामीण क्षेत्रों में बने खेल स्टेडियमों की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। जल्द कोच की नियुक्ति करवाई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया जा सके। प्रक्रिया चल रही है।-मदनपाल, जिला खेल अधिकारी रेवाड़ी।
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कोसली। उपमंडल में कहने के लिए तो चार स्टेडियम हैं लेकिन प्रशिक्षकों की कमी के चलते इसका लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा है। सिर्फ कोसली स्टेडियम में एक बॉक्सिंग के कोच हैं। अन्य तीन स्टेडियम में कोच की तैनाती नहीं है। यहां के खिलाड़ियों ने विधानसभा चुनाव में प्रशिक्षकों और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि अगर खेलों के कोच की व्यवस्था हो और संसाधन मिलें तो खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी।
कोसली उपमंडल में कोसली, नेहरूगढ़, भूरथला और सुरेहली में स्टेडियम बना है। इनमें से सिर्फ कोसली स्टेडियम में बॉक्सिंग कोच की तैनाती है। अन्य किसी भी स्टेडियम में कोच नहीं हैं। निकट भविष्य में कोच की नियुक्ति की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। वॉलीबॉल, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस के लिए कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई है। कोसली में करोड़ों की लागत से बने राजीव गांधी खेल स्टेडियम में सिर्फ एक बॉक्सिंग के कोच हैं। बॉक्सिंग के खिलाड़ी तो अभ्यास कर रहे हैं लेकिन अन्य खेलों के खिलाड़ी बिना किसी मागदर्शन के अभ्यास करते हैं। कोसली के उपमंडल अधिकारी विजय यादव ने बताया कि उप मंडल में कोच लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। राजीव गांधी खेल स्टेडियम के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में बने स्टेडियम में भी कोच की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है।
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राजीव गांधी खेल स्टेडियम में बास्केटबॉल कोर्ट बने 10 वर्ष बीत चुके हैं। तब से अब तक इस खेल के कोच की नियुक्ति नहीं हुई। रेसलिंग कोच भी नहीं हैं। क्रिकेट, कबड्डी, जिमनास्टिक और बैडमिंटन के प्रशिक्षक की भी कमी है। यहां सिर्फ बॉक्सिंग के ही कोच हैं।
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गांवों में बने स्टेडियम की दशा सुधारी जाए : सरपंच
गांव नेहरूगढ़ के सरपंच आशीष प्रजापति ने कहा कि वह वर्ष से गांव में पांच एकड़ पंचायती जमीन पर बने स्टेडियम की हालात सुधारने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। उनके गांव की करोड़ों रुपये की पंचायती जमीन पर पांच करोड़ की लागत से 15 वर्ष पहले स्टेडियम बनाथा लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से गांव में बने स्टेडियम की दशा सुधारने की मांग की है।
वर्जन:
खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए कोसली व ग्रामीण क्षेत्रों में बने खेल स्टेडियमों की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। जल्द कोच की नियुक्ति करवाई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया जा सके। प्रक्रिया चल रही है।-मदनपाल, जिला खेल अधिकारी रेवाड़ी।