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पीजीआई की छात्राओं की शिकायत पर महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ बोलीं,जांच कमेटी दे मामले की रिपोर्ट, दोषी पर होगी कार्रवाई
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हरियाणा महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ वीरवार को पीजीआईएसएस के रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। इस दौरान उन्होंने संस्थान के मनोरोग विभाग की छात्राओं द्वारा अपने ही विभाग के सीनियर प्रोफेसर के खिलाफ दी गई मानसिक प्रताड़ना की शिकायत को लेकर पूछताछ की। टीम ने छात्राओं व केस से जुड़े अन्य अधिकारियों से भी बात की है। निर्देश दिए कि संस्थान की इंटरनल जांच कमेटी तय समय में मामले की जांच करे और रिपोर्ट भेजे, इसमें दोषी पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने कहा कि आयोग को क्लीनिकल साइकोलॉजी की छात्राओं ने शिकायत दी थी कि उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले पर संस्थान इंटरनल जांच करवा रहा है, जो अधर में थी। इस पर उन्होंने संस्थान से बात की तो जल्दबाजी में दो डेट दी गई, इसमें छात्राएं आ नहीं पाई। अब उन्होंने स्वयं आकर बात की तो बताया गया कि छात्राओं के जांच में ना आने के कारण जांच पूरी नहीं हो पाई। अब महिला आयोग ने कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्राओं का पक्ष सुना जाए। 13 अगस्त को पीड़ित व अन्य पक्ष कमेटी के समक्ष अपनी बात रखेंगे और अपनी रिपोर्ट महिला आयोग को भजेंगे। गौड़ ने बताया कि आठ लड़कियों में शिकायतकर्ता छात्रा को ही फेल किया जाना सवाल खड़े करता है। आठ शिकायत करने वाली लड़कियों में दो पास होती है और बाकी छह में से पांच को ग्रेस मार्क देकर पास किया जाता है और बाद में फेल दिखाया जाता है। यह जांच का विषय है।
जब मुझसे सब अधिकार ले लिए गए, तो मैं जिम्मेदार कैसे
वहीं, मनोरोग विभाग के सीनियर प्रोफेसर का कहना है कि छात्राओं ने शिकायत के बाद हड़ताल की और अपनी मांगें मनवाईं। मांगों के अनुुसार छात्राओं को स्टाइपेंड दिया गया और उनको छात्राओं के परीक्षक व गाइड से हटा दिया गया। इसके बाद छात्राओं के पास या फेल होने में उनका क्या लेना-देना। आठ लड़कियों में से दो लड़कियों ने अपने कागजात दिखाए तो उन्होंने उनको पास किया। अब एक छात्रा उनके खिलाफ शिकायत कर रही है। लड़कियों को पहले पास किया जाता है और बाद में फेल किया जाता है, इसमें वह क्या कर सकते हैं। उन्हें धमकी दी जाती है। इस मामले की जांच होगी तभी हर पहलु का खुलासा होगा। एक लड़की पंजाब में काम कर रही है, जबकि वह क्लीयर नहीं है।
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महिला आयोग की सदस्य जांच के लिए आई थी। यह पुराना मामला है। छात्राओं के पास-फेल होने के बारे में परीक्षा शाखा से ही पता चल पाएगा। हमसे जो जानकारी मांगी गई वह दी गई है। बाकी जांच के बाद पता चल पाएगा कि स्थिति क्या है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस
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महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने कहा कि आयोग को क्लीनिकल साइकोलॉजी की छात्राओं ने शिकायत दी थी कि उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले पर संस्थान इंटरनल जांच करवा रहा है, जो अधर में थी। इस पर उन्होंने संस्थान से बात की तो जल्दबाजी में दो डेट दी गई, इसमें छात्राएं आ नहीं पाई। अब उन्होंने स्वयं आकर बात की तो बताया गया कि छात्राओं के जांच में ना आने के कारण जांच पूरी नहीं हो पाई। अब महिला आयोग ने कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्राओं का पक्ष सुना जाए। 13 अगस्त को पीड़ित व अन्य पक्ष कमेटी के समक्ष अपनी बात रखेंगे और अपनी रिपोर्ट महिला आयोग को भजेंगे। गौड़ ने बताया कि आठ लड़कियों में शिकायतकर्ता छात्रा को ही फेल किया जाना सवाल खड़े करता है। आठ शिकायत करने वाली लड़कियों में दो पास होती है और बाकी छह में से पांच को ग्रेस मार्क देकर पास किया जाता है और बाद में फेल दिखाया जाता है। यह जांच का विषय है।
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जब मुझसे सब अधिकार ले लिए गए, तो मैं जिम्मेदार कैसे
वहीं, मनोरोग विभाग के सीनियर प्रोफेसर का कहना है कि छात्राओं ने शिकायत के बाद हड़ताल की और अपनी मांगें मनवाईं। मांगों के अनुुसार छात्राओं को स्टाइपेंड दिया गया और उनको छात्राओं के परीक्षक व गाइड से हटा दिया गया। इसके बाद छात्राओं के पास या फेल होने में उनका क्या लेना-देना। आठ लड़कियों में से दो लड़कियों ने अपने कागजात दिखाए तो उन्होंने उनको पास किया। अब एक छात्रा उनके खिलाफ शिकायत कर रही है। लड़कियों को पहले पास किया जाता है और बाद में फेल किया जाता है, इसमें वह क्या कर सकते हैं। उन्हें धमकी दी जाती है। इस मामले की जांच होगी तभी हर पहलु का खुलासा होगा। एक लड़की पंजाब में काम कर रही है, जबकि वह क्लीयर नहीं है।
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महिला आयोग की सदस्य जांच के लिए आई थी। यह पुराना मामला है। छात्राओं के पास-फेल होने के बारे में परीक्षा शाखा से ही पता चल पाएगा। हमसे जो जानकारी मांगी गई वह दी गई है। बाकी जांच के बाद पता चल पाएगा कि स्थिति क्या है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस