रोहतक। मनरेगा कामगार यूनियन के बैनर तले खरेंटी के मजदूर रोष स्वरूप लाखनमाजरा खंड कार्यालय में पहुंचे। ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी को झेल रहे गरीब लोगों के लिए मनरेगा एक जीवन रेखा की तरह है। परंतु शासन व प्रशासन की निष्क्रियता और उपेक्षा के कारण 100 दिन के रोजगार का अधिकार भी मजदूरों को नहीं मिल रहा है।
आक्रोशित मनरेगा मजदूरों को संबोधित करते हुए सीटू जिला सचिव विनोद, खेत मजदूर यूनियन के संदीप सिंह व मनरेगा कामगार यूनियन रोहतक के राजेश ने कहा कि सभी ब्लाकों में मनरेगा में काम मांगने के लिए मजदूर बीडीपीओ कार्यालयों के चक्कर काट रहे है। मजदूरों को न तो काम दिया जा रहा और न ही बेरोजगारी भत्ता मिलता। आज तक ऐसा कही नही देखा कि मजदूर को हाजरी लगाने के लिए पांच किलोमीटर दूर सुबह और शाम जाना पड़ता हो। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन के कारण मनरेगा मजदूरों को भुगतान के मसले में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में मनरेगा के लिए प्रस्तावित आवंटन 86000 करोड़ रुपये को बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये करके बेरोजगारी की मार को कम करने के प्रयास करने होंगे। अन्यथा आगामी 30 जुलाई को उपरोक्त मसलों को लेकर प्रदेश भर के मनरेगा मजदूर व मेट मिलकर पंचायत मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। इस मौके पर राजेश, रामचंद्र, धर्मपाल, ईश्वर, बिजेंद्र, जोगीराम, संजय, सतबीर, पूनम शीला, अंगूरी किरण, राजवंती, कलावती, राजबीर, कृष्ण, दलबीर, उमेद, कर्मबीर व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।