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Rohtak News: सीबीसी, एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल जांच के लिए रिजेंट नहीं
Wed, 01 May 2024 05:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 01 May 2024 05:30 AM IST
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बहादुरगढ़। शहर के नागरिक अस्पताल की लैब में रिजेंट के अभाव में मरीज की सीबीसी, एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल जैसी अहम जांच नहीं हो पा रही हैं। इसके साथ ही बायोकैमिस्ट्री विभाग की जांच भी प्रभावित हो रही हैं। थायराइड जांच पहले से ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को सिर्फ डॉक्टरों से परामर्श लेकर ही काम चलाना पड़ रहा है। जांच के लिए मरीज को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में मरीज इन दिनों लंबी लाइन में लगकर डाॅक्टर तक पहुंचते हैं। यहां उन्हें महज डॉक्टर का परामर्श ही मिल पाता है। क्योंकि ओपीडी कार्ड पर जो जांच तो लिखी जाती है, उसे करवाने के लिए निजी लैब जाना पड़ रहा है। निजी लैब मरीजों से जांच के नाम पर मोटी फीस वसूल रहे है। एलएफटी व केएफटी की जांच करवाने के लिए लगभग 40 से 50 मरीज रोजाना आ रहे हैं और सीबीसी जांच के लिए तो यहां 70 से 80 मरीज रोजाना आ रहे हैं। वहीं लिपिड प्रोफाइल जांच के लिए भी 10 से 15 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं। मंगलवार को इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के तीमारदार राकेश शर्मा ने बताया कि शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। लैब में कई जांच तो रिजेंट न होने की वजह से हो नहीं पा रही है। ऐसे में विभाग को इस पर संज्ञान लेते हुए तुरंत ध्यान देना चाहिए। उधर अधिकारियों की ओर से रिजेंट की डिमांड को लेकर कई बार पत्र भेजा जा चुका है। रिजेंट कब तक उपलब्ध हो पाएगा, कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
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नागरिक अस्पताल में मरीज इन दिनों लंबी लाइन में लगकर डाॅक्टर तक पहुंचते हैं। यहां उन्हें महज डॉक्टर का परामर्श ही मिल पाता है। क्योंकि ओपीडी कार्ड पर जो जांच तो लिखी जाती है, उसे करवाने के लिए निजी लैब जाना पड़ रहा है। निजी लैब मरीजों से जांच के नाम पर मोटी फीस वसूल रहे है। एलएफटी व केएफटी की जांच करवाने के लिए लगभग 40 से 50 मरीज रोजाना आ रहे हैं और सीबीसी जांच के लिए तो यहां 70 से 80 मरीज रोजाना आ रहे हैं। वहीं लिपिड प्रोफाइल जांच के लिए भी 10 से 15 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं। मंगलवार को इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के तीमारदार राकेश शर्मा ने बताया कि शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। लैब में कई जांच तो रिजेंट न होने की वजह से हो नहीं पा रही है। ऐसे में विभाग को इस पर संज्ञान लेते हुए तुरंत ध्यान देना चाहिए। उधर अधिकारियों की ओर से रिजेंट की डिमांड को लेकर कई बार पत्र भेजा जा चुका है। रिजेंट कब तक उपलब्ध हो पाएगा, कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
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