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मरीजों के उपचार में नहीं आए कोई कमी, होने चाहिए पुख्ता इंतजाम : निगम
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पीजीआईएमएस में बैठक करते एसीएस, कुलपति व अन्य।
- फोटो : RohtakCity
कोरोना संक्रमण की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आलोक निगम ने पीजीआईएमएस, स्वास्थ्य विभाग व निजी मेडिकल कॉलेजों को दो टूक कहा है कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए। हर प्रकार से पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। वहीं पुलिस कप्तान को मास्क न पहनने वालों पर सख्ती करने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए कहा गया है।
पीजीआईएमएस के स्वर्ण जयंती सभागार में पहुंचे एसीएस ने कुलपति डॉ. ओपी कालरा व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और कोविड की तैयारियों की समीक्षा की। देर शाम तक चली बैठक में अधिकारी ने कहा कि पीजीआईएमएस अपनी जीन सिक्वेंसरी मशीन के साथ दवाएं, ऑक्सीजन व मास्क गल्ब्ज आदि की खरीदारी करें। प्रदेश के किसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए दवाओं व अन्य सामान की कमी नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी ने कुलपति को कहा कि वह तय करें कि संक्रमणकाल में ओपीडी संचालित हो सकती है या नहीं। वहीं मास्क न पहनने वालों पर शिकंजा कसने व जुर्माना करने के लिए पुलिस कप्तान को कहा गया है। एडीसी महेंद्रपाल को निर्देश दिए गए हैं कि वह ब्राह्मणवास में क्वारंटीन सेंटर दुबारा बनाएं। इसके साथ ही एमडीयू के फैकल्टी गेस्ट हाउस को क्वारंटीन सेंटर बनाया जाए। मेडिकल कॉलेज तय करें कि एंटी वायरल ड्रग की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पहले की तरह ही काम होना चाहिए। इस मौके पर कुल सचिव डॉ. एचके अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया, स्टेट के कोविड 19 के प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, डॉ. वीके कत्याल, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डीएमईआर डॉ. शालीन व विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के निदेशक ऑनलाइन मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगे डॉक्टर व अन्य स्टाफ
अधिकारी के समक्ष स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों व स्टाफ की डिमांड की तो आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। विभाग को पहले की तरह पीजीआईएमएस से डॉक्टर, नर्स, इंटर्न व विद्यार्थी उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जोकि कोरोना संक्रमणकाल में उनका सहयोग करेंगे। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि विभाग को मैन पावर मिलने से और अच्छी तरह काम होगा। क्योंकि संक्रमण के साथ विभाग पर वर्क लोड बढ़ता जा रहा है।
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बिना जांच के शव नहीं देने पर परिजनों ने किया हंगामा
पीजीआईएमएस थाने के बाहर बुधवार देर शाम युवक का शव लेने के लिए परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि उनके 24 साल के बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। पीजीआईएमएस उनका शव नहीं दे रहा है। वहीं परिजनों को बताया गया कि कोरोना संक्रमणकाल में बगैर जांच के शव नहीं दिया जा सकता। यदि शव कोरोना संक्रमित मिलता है तो उन्हें नहीं दे सकते। जब तक शव की जांच रिपोर्ट नहीं आती, उन्हें इंतजार करना होगा।
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पीजीआईएमएस के स्वर्ण जयंती सभागार में पहुंचे एसीएस ने कुलपति डॉ. ओपी कालरा व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और कोविड की तैयारियों की समीक्षा की। देर शाम तक चली बैठक में अधिकारी ने कहा कि पीजीआईएमएस अपनी जीन सिक्वेंसरी मशीन के साथ दवाएं, ऑक्सीजन व मास्क गल्ब्ज आदि की खरीदारी करें। प्रदेश के किसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए दवाओं व अन्य सामान की कमी नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी ने कुलपति को कहा कि वह तय करें कि संक्रमणकाल में ओपीडी संचालित हो सकती है या नहीं। वहीं मास्क न पहनने वालों पर शिकंजा कसने व जुर्माना करने के लिए पुलिस कप्तान को कहा गया है। एडीसी महेंद्रपाल को निर्देश दिए गए हैं कि वह ब्राह्मणवास में क्वारंटीन सेंटर दुबारा बनाएं। इसके साथ ही एमडीयू के फैकल्टी गेस्ट हाउस को क्वारंटीन सेंटर बनाया जाए। मेडिकल कॉलेज तय करें कि एंटी वायरल ड्रग की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पहले की तरह ही काम होना चाहिए। इस मौके पर कुल सचिव डॉ. एचके अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया, स्टेट के कोविड 19 के प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, डॉ. वीके कत्याल, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डीएमईआर डॉ. शालीन व विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के निदेशक ऑनलाइन मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगे डॉक्टर व अन्य स्टाफ
अधिकारी के समक्ष स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों व स्टाफ की डिमांड की तो आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। विभाग को पहले की तरह पीजीआईएमएस से डॉक्टर, नर्स, इंटर्न व विद्यार्थी उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जोकि कोरोना संक्रमणकाल में उनका सहयोग करेंगे। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि विभाग को मैन पावर मिलने से और अच्छी तरह काम होगा। क्योंकि संक्रमण के साथ विभाग पर वर्क लोड बढ़ता जा रहा है।
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बिना जांच के शव नहीं देने पर परिजनों ने किया हंगामा
पीजीआईएमएस थाने के बाहर बुधवार देर शाम युवक का शव लेने के लिए परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि उनके 24 साल के बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। पीजीआईएमएस उनका शव नहीं दे रहा है। वहीं परिजनों को बताया गया कि कोरोना संक्रमणकाल में बगैर जांच के शव नहीं दिया जा सकता। यदि शव कोरोना संक्रमित मिलता है तो उन्हें नहीं दे सकते। जब तक शव की जांच रिपोर्ट नहीं आती, उन्हें इंतजार करना होगा।