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Rohtak News: सीईटी परीक्षा देने गई छात्रा से किराया लेने के मामले में नहीं हुई कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। 21 व 22 अक्तूबर को हुई सीईटी परीक्षा में जिले के 30 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अलग-अलग जिलों में परीक्षा दी, जिसमें सरकार की ओर से रोडवेज समेत स्कूल व प्राइवेट बसें भी अभ्यर्थियों के लिए लगाई गई, लेकिन 22 अक्तूबर को भिवानी से पेपर देकर आ रहे अभ्यर्थी से प्राइवेट बस परिचालक ने किराया लिया लेकिन टिकट नहीं दी गई। परिजनों ने हंगामा कर टिकट भी ली, वहीं परिचालक द्वारा बस से नीचे उतारने की धमकी दी गई। परिजनों ने शिकायत की लेकिन उसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
घिलौड़ कला निवासी शैलेंद्र ने रोडवेज अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वह 22 अक्तूबर को भिवानी जिले के शिवानी खेड़ा में अपनी बेटी का पेपर दिलवाने के लिए गया हुआ था। पेपर दिलवाने के बाद भिवानी बस स्टैंड पर रोहतक आने के लिए वह प्राइवेट बस में बैठकर आने लगा तो परिचालक आया और किराया मांगने लगा। उससे बताया भी गया कि बस तो सभी फ्री चल रही है। लेकिन परिचालक ने कहा कि यह हमारे घर की बस है। किराया तो लगेगा वरना यहीं उतार दिए जाओंगे। इतनी कहने के बाद अपना और बेटी का किराया दिया, लेकिन परिचालक द्वारा टिकट उपलब्ध नहीं करवाई गई। बार बार जिद की तो तब परिचालक ने टिकट निकालकर दी। इसी की शिकायत रोहतक बस स्टैंड पर अधिकारियों को दी गई। लेकिन उसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे पीड़ित व परिजनों में काफी रोष है।
जल्द कार्रवाई नहीं की तो उपायुक्त से करेंगे मुलाकात
पीड़ित शैलेंद्र ने कहा कि उसने तत्काल बस स्टैंड पहुंचने के बाद अधिकारियों को शिकायत दी। लेकिन कार्रवाई दो दिन बाद तक भी नहीं की गई है। जबकि सरकार द्वारा प्राइवेट बसों को तेल उपलब्ध करवाया गया है। उसके बाद भी किराया कैसे लिया गया। वीरवार तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह उपायुक्त से मिल इसकी शिकायत करेंगे।
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अगर इस तरह की कोई शिकायत आई है तो वह हमारे संज्ञान में नहीं आई है। पीड़ित किस अधिकारी को देकर गया है, इस बात का भी नहीं पता है। अगर शिकायत आती है तो उस पर कुछ न कुछ कार्रवाई जरूर होगी। फिर भी प्राइवेट बस का मामला है तो आरटीए को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कुलदीप सिंह, मुख्य प्रभारी यातायात, रोडवेज डिपो
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रोहतक। 21 व 22 अक्तूबर को हुई सीईटी परीक्षा में जिले के 30 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अलग-अलग जिलों में परीक्षा दी, जिसमें सरकार की ओर से रोडवेज समेत स्कूल व प्राइवेट बसें भी अभ्यर्थियों के लिए लगाई गई, लेकिन 22 अक्तूबर को भिवानी से पेपर देकर आ रहे अभ्यर्थी से प्राइवेट बस परिचालक ने किराया लिया लेकिन टिकट नहीं दी गई। परिजनों ने हंगामा कर टिकट भी ली, वहीं परिचालक द्वारा बस से नीचे उतारने की धमकी दी गई। परिजनों ने शिकायत की लेकिन उसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
घिलौड़ कला निवासी शैलेंद्र ने रोडवेज अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वह 22 अक्तूबर को भिवानी जिले के शिवानी खेड़ा में अपनी बेटी का पेपर दिलवाने के लिए गया हुआ था। पेपर दिलवाने के बाद भिवानी बस स्टैंड पर रोहतक आने के लिए वह प्राइवेट बस में बैठकर आने लगा तो परिचालक आया और किराया मांगने लगा। उससे बताया भी गया कि बस तो सभी फ्री चल रही है। लेकिन परिचालक ने कहा कि यह हमारे घर की बस है। किराया तो लगेगा वरना यहीं उतार दिए जाओंगे। इतनी कहने के बाद अपना और बेटी का किराया दिया, लेकिन परिचालक द्वारा टिकट उपलब्ध नहीं करवाई गई। बार बार जिद की तो तब परिचालक ने टिकट निकालकर दी। इसी की शिकायत रोहतक बस स्टैंड पर अधिकारियों को दी गई। लेकिन उसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे पीड़ित व परिजनों में काफी रोष है।
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जल्द कार्रवाई नहीं की तो उपायुक्त से करेंगे मुलाकात
पीड़ित शैलेंद्र ने कहा कि उसने तत्काल बस स्टैंड पहुंचने के बाद अधिकारियों को शिकायत दी। लेकिन कार्रवाई दो दिन बाद तक भी नहीं की गई है। जबकि सरकार द्वारा प्राइवेट बसों को तेल उपलब्ध करवाया गया है। उसके बाद भी किराया कैसे लिया गया। वीरवार तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह उपायुक्त से मिल इसकी शिकायत करेंगे।
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अगर इस तरह की कोई शिकायत आई है तो वह हमारे संज्ञान में नहीं आई है। पीड़ित किस अधिकारी को देकर गया है, इस बात का भी नहीं पता है। अगर शिकायत आती है तो उस पर कुछ न कुछ कार्रवाई जरूर होगी। फिर भी प्राइवेट बस का मामला है तो आरटीए को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कुलदीप सिंह, मुख्य प्रभारी यातायात, रोडवेज डिपो