फैक्ट्रियों से दूषित नहीं होगा भू-जल, फसल भी लहराएगी

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 15 Oct 2015 02:31 AM IST
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कुताना के औद्योगिक क्षेत्र में लगी फैक्ट्रियों से अब भू-जल दूषित नहीं होगा। फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से फसलें लहराएगी। यह सब कुछ कुताना में लगने वाले एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन) की ओर से बनवाए जाने वाले तीन एमएलडी के सीईटीपी (कॉमन इफल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से होगा। यह ट्रीटमेंट प्लांट फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से रासायनिक तत्वों को दूर करेगा। उस पानी को फसलों के अनुकूल बनाकर ड्रेन नंबर आठ में छोड़ा जाएगा, जिससे खेतों में सिंचाई होगी।
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कुताना के 200 एकड़ के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 160 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जिनमें इस्तेमाल होने के बाद पानी एक डिस्पोजल चैंबर में इकट्ठा होता है। उस चैंबर से वह पानी जमीन में चला जाता है। इस पानी में लेड, कापर, कार्बन और मर्करी जैसे रासायनिक तत्व होते हैं जो भू-जल में मिलकर वहां के पानी को दूषित कर रहे हैं। इससे वहां के नलों में दूषित पानी आता है और बीमारी फैलने की आशंका रहती है। यह वहां आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या है, जिसके निस्तारण के लिए योजना तैयार की गई है। इसके तहत एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसके लिए कार्रवाई पूरी कर ली गई है, शासन से 6 करोड़ 62 लाख रुपये के बजट की मंजूरी भी मिल गई है। 15 महीने के भीतर ट्रीटमेंट प्लांट को तैयार करना होगा। इसके बाद फैक्ट्रियों के पानी को चैंबर में इक्ट्ठा करके डिस्पोज नहीं किया जाएगा, बल्कि उसका ट्रीटमेंट करके ड्रेन नंबर आठ में डाला जाएगा। जिससे वह फसलों में सिंचाई के काम आ सके।
जीपीआरएस आधारित होगा ट्रीटमेंट प्लांट
यह ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह से डिजिटल होगा जो जीपीआरएस के आधार पर काम करेगा। उसमें सभी रसायन मिलाने के लिए अलग-अलग चैंबर बनाए जाएंगे। इनमें ही हानिकारक रसायनों को हटाने के लिए वैज्ञानिक ढंग से फिल्टरेशन किया जाएगा। इसके अलावा पानी को पहले भी दो सामान्य चैंबर में फिल्टर किया जाएगा। यह सबकुछ होने के बाद पानी को ड्रेन में पाइप के सहारे छोड़ दिया जाएगा।
 
यह होगा दोहरा फायदा
अभी तक डिस्पोजल चैंबर में पानी इक्ट्ठा होकर जमीन में चला जाता है तो वहां पानी को दूषित करता है। यही दूषित पानी लोगों के नलों से निकलता है और घरेलू काम में यूज होता है। ट्रीटमेंट प्लांट बनने से एक तो दूषित पानी की यह बड़ी समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा उस पानी से नुकसानदायक रासायनिक तत्व दूर करने के साथ ही फायदेमंद तत्व मिलाए जाएंगे। जिससे यह पानी फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा।
 
कुताना में फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से रासायनिक तत्व दूर करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अब लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और यह जल्द लग जाएगा।
बबीता, डीटीपी एचएसआईआईडीसी।
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