{"_id":"6783db98cb4da45a0f085cc4","slug":"new-education-policy-will-provide-skill-based-education-manohar-lal-rohtak-news-c-17-roh1020-580221-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई शिक्षा नीति देगी कौशल युक्त शिक्षा : मनोहर लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई शिक्षा नीति देगी कौशल युक्त शिक्षा : मनोहर लाल
Sun, 12 Jan 2025 08:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 12 Jan 2025 08:41 PM IST
विज्ञापन
12सीटीके19 - एमडीयू में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुए राज्य स्तरीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री म
रोहतक।
देश में पहले मैकाले की शिक्षा पद्धति थी। इसमें पढ़ना-लिखना व हिसाब-किताब पर ही ध्यान दिया जाता था। संस्कार बिसरा दिए गए। इससे निकल कर युवा कौशल युक्त शिक्षा ग्रहण करें। डिग्री केवल सजावट के लिए न करें। नई शिक्षा नीति इसमें मददगार रहेगी। इसमें विद्यार्थी के लिए पूरी आजादी है। यह कहना है केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे रविवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) - भारतीय शिक्षा, संस्कार, मूल्य और आपके सुझाव” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोल रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) विद्यार्थियों को मन की रुचि के अनुसार शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मुहैया करा रही है। विद्यार्थियों के कौशल विकास व हुनर को सुनिश्चित करने और शिक्षा को समाज-राष्ट्र से जोड़ने का यह नूतन नीति रोड मैप है। शिक्षकों व विद्यार्थियों को एनईपी-2020 के बारे में जागरूक करने की जरूरत है।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 में संस्कारों, मूल्य की शिक्षा के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के विशेष प्रावधान है। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने एनईपी-2020 को गेम चेंजर करार देते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने में यह नीति नींव का पत्थर होगी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के प्रारंभ में हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राहुल हुड्डा ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रदेश भर में एनईपी-2020 पर मंथन किया जा रहा है। आभार प्रदर्शन एमडीयू के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान ने किया। मंच संचालन प्रो. दिव्या मल्हान ने किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा, निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन, जिलाध्यक्ष एडवोकेट रणबीर ढाका, प्रदेश सचिव रेणु डाबला, एमडीयू फैकल्टी डीन, विभागाध्यक्ष, संबद्ध महाविद्यालयों समेत कई जिलों के कॉलेज प्राचार्य, प्राध्यापक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
देश में पहले मैकाले की शिक्षा पद्धति थी। इसमें पढ़ना-लिखना व हिसाब-किताब पर ही ध्यान दिया जाता था। संस्कार बिसरा दिए गए। इससे निकल कर युवा कौशल युक्त शिक्षा ग्रहण करें। डिग्री केवल सजावट के लिए न करें। नई शिक्षा नीति इसमें मददगार रहेगी। इसमें विद्यार्थी के लिए पूरी आजादी है। यह कहना है केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे रविवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) - भारतीय शिक्षा, संस्कार, मूल्य और आपके सुझाव” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोल रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) विद्यार्थियों को मन की रुचि के अनुसार शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मुहैया करा रही है। विद्यार्थियों के कौशल विकास व हुनर को सुनिश्चित करने और शिक्षा को समाज-राष्ट्र से जोड़ने का यह नूतन नीति रोड मैप है। शिक्षकों व विद्यार्थियों को एनईपी-2020 के बारे में जागरूक करने की जरूरत है।
विज्ञापन
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 में संस्कारों, मूल्य की शिक्षा के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के विशेष प्रावधान है। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने एनईपी-2020 को गेम चेंजर करार देते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने में यह नीति नींव का पत्थर होगी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के प्रारंभ में हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राहुल हुड्डा ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रदेश भर में एनईपी-2020 पर मंथन किया जा रहा है। आभार प्रदर्शन एमडीयू के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान ने किया। मंच संचालन प्रो. दिव्या मल्हान ने किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा, निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन, जिलाध्यक्ष एडवोकेट रणबीर ढाका, प्रदेश सचिव रेणु डाबला, एमडीयू फैकल्टी डीन, विभागाध्यक्ष, संबद्ध महाविद्यालयों समेत कई जिलों के कॉलेज प्राचार्य, प्राध्यापक उपस्थित रहे।