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विधायक दांगी के गांव में बहू ने पलटी 25 साल पुरानी चौधर
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:19 AM IST
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विधायक आनंद सिंह दांगी के गांव मदीना में भी सत्ता पलट हो गया। मदीना
गिंधरान गांव में ब्राह्मण बिरादरी की बहू ने 25 साल पुरानी चौधर पलट दी।
इस पंचायत में 25 साल से एक ही घर में चौधर रहती थी, जिससे उसे सियासी
घराना भी कहा जाने लगा था।
अब पढ़ी-लिखी बहू ने सियासी दिग्गज सुनील उर्फ कल्लू की पत्नी सोमलता को हराकर पूरे हलके को चौंका दिया। गांव में दो ही प्रत्याशियों के आमने-सामने होने को भी कल्लू की हार का बड़ा कारण माना जा रहा है।
इस बार चौधर पलटने का कारण यह भी माना जा रहा है कि वहां दोनों प्रत्याशियों में सीधी टक्कर थी।
5058 मतदाताओं वाली पंचायत में चौधर के लिए कांटे का मुकाबला लड़ा गया। सोमलता के पति सुनील उर्फ कल्लू पहली बार 1991 में सरपंच बने थे तो सोमलता ब्लॉक समिति सदस्य।
1994 में सोमलता सरपंच बनी तो सुनील ब्लॉक समिति सदस्य बन चेयरमैनी तक पहुंचे। 2000 से 2005 तक सुनील ही सरपंच रहे और उनकी पत्नी सोमलता ब्लॉक समिति सदस्य। 2010 में चौधर फिर से सोमलता को मिली तो सुनील ब्लॉक समिति के सदस्य बन गए। इस बार फिर से सोमलता चौधर की जंग में उतरी थी तो सुनील ब्लॉक समिति सदस्य के लिए ताल ठोंक रहे थे।
सोमलता के सामने ओमप्रकाश की पुत्रवधू अंजू शर्मा हालांकि व्यक्तिगत तौर पर सियासत की नौसिखिया खिलाड़ी हों, लेकिन ससुर और पति के अनुभव ने उन्हें इतिहास पलटने का मौका दे दिया।
मदीना कोरसान में नहीं खुले राजनीति के पत्ते, सभी प्रत्याशी लड़े
खुद विधायक दांगी की पैतृक पंचायत मदीना कोरसान में हर बार चुनाव से पहले राजनीति के पत्ते खुलते थे और सियासी इशारे के बाद एक प्रत्याशी आसानी से जीत दर्ज कर लेता था।
लेकिन इस बार 16 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे और कहा जा रहा था कि चुनाव से पहली वाली रात इशारा होगा, जिससे एक प्रत्याशी को जिताया जा सके। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ और सभी प्रत्याशी मैदान में सभी डटे रहे और कर्ण फौजी ने जीत का झंडा फहरा दिया।
अब पढ़ी-लिखी बहू ने सियासी दिग्गज सुनील उर्फ कल्लू की पत्नी सोमलता को हराकर पूरे हलके को चौंका दिया। गांव में दो ही प्रत्याशियों के आमने-सामने होने को भी कल्लू की हार का बड़ा कारण माना जा रहा है।
इस बार चौधर पलटने का कारण यह भी माना जा रहा है कि वहां दोनों प्रत्याशियों में सीधी टक्कर थी।
5058 मतदाताओं वाली पंचायत में चौधर के लिए कांटे का मुकाबला लड़ा गया। सोमलता के पति सुनील उर्फ कल्लू पहली बार 1991 में सरपंच बने थे तो सोमलता ब्लॉक समिति सदस्य।
1994 में सोमलता सरपंच बनी तो सुनील ब्लॉक समिति सदस्य बन चेयरमैनी तक पहुंचे। 2000 से 2005 तक सुनील ही सरपंच रहे और उनकी पत्नी सोमलता ब्लॉक समिति सदस्य। 2010 में चौधर फिर से सोमलता को मिली तो सुनील ब्लॉक समिति के सदस्य बन गए। इस बार फिर से सोमलता चौधर की जंग में उतरी थी तो सुनील ब्लॉक समिति सदस्य के लिए ताल ठोंक रहे थे।
सोमलता के सामने ओमप्रकाश की पुत्रवधू अंजू शर्मा हालांकि व्यक्तिगत तौर पर सियासत की नौसिखिया खिलाड़ी हों, लेकिन ससुर और पति के अनुभव ने उन्हें इतिहास पलटने का मौका दे दिया।
मदीना कोरसान में नहीं खुले राजनीति के पत्ते, सभी प्रत्याशी लड़े
खुद विधायक दांगी की पैतृक पंचायत मदीना कोरसान में हर बार चुनाव से पहले राजनीति के पत्ते खुलते थे और सियासी इशारे के बाद एक प्रत्याशी आसानी से जीत दर्ज कर लेता था।
लेकिन इस बार 16 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे और कहा जा रहा था कि चुनाव से पहली वाली रात इशारा होगा, जिससे एक प्रत्याशी को जिताया जा सके। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ और सभी प्रत्याशी मैदान में सभी डटे रहे और कर्ण फौजी ने जीत का झंडा फहरा दिया।