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Rohtak News: पंडित दीन दयाल की विचारधारा से प्रेरणा लेने की जरूरत
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पंडित दीन दयाल उपाध्याय सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर रूरल डेवलपमेंट, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेयर व लोक प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को लाइफ एंड फिलॉसफी ऑफ द पंडित दीन दयाल उपाध्याय विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। आईएचटीएम कांफ्रेंस हॉल में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष डाॅ. कुलदीप अग्निहोत्री ने बतौर मुख्य अतिथि किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय सप्त-सिंधु क्षेत्र की महता पर जोर देते थे। उनके के विचारों को समग्रता से आत्मसात कर समाज एवं राष्ट्र की अनेक समस्याओं का निदान संभव है।
विशिष्ट अतिथि डाॅ. सीता राम व्यास ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी एकात्म मानववाद की प्रगतिशील विचारधारा समाज कल्याण के मूल में है। डाॅ. सीता राम व्यास ने स्वदेशी मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सेवा सिंह दहिया ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यातिथि का परिचय दिया। आभार प्रदर्शन सेवानिवृत्त प्रोफेसर एसएस चाहर ने किया। डाॅ. समुंद्र सिंह ने कार्यक्रम का समन्वयन एवं मंच संचालन किया। इस मौके पर शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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विशिष्ट अतिथि डाॅ. सीता राम व्यास ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी एकात्म मानववाद की प्रगतिशील विचारधारा समाज कल्याण के मूल में है। डाॅ. सीता राम व्यास ने स्वदेशी मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
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कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सेवा सिंह दहिया ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यातिथि का परिचय दिया। आभार प्रदर्शन सेवानिवृत्त प्रोफेसर एसएस चाहर ने किया। डाॅ. समुंद्र सिंह ने कार्यक्रम का समन्वयन एवं मंच संचालन किया। इस मौके पर शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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