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Rohtak News: राज्य में नशे को लेकर होगा नेशनल सर्वे, 16 लाख बजट जारी
Mon, 08 Jun 2026 06:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 08 Jun 2026 06:27 AM IST
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रोहतक। राज्य में जल्द ही नशे को लेकर सर्वे होगा। यह नेशनल ड्रग यूज सर्वे 2025 से 2027 के तहत किया जाएगा। इसके तहत पहले राज्य के आधे जिलों में सर्वे किया जाएगा। केंद्र की तरफ से बजट भी जारी कर दिया गया है।
राज्य व जिलास्तर पर मादक पदार्थों के उपयोग, सीमा व पैटर्न का आकलन करने के उद्देश्य से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान लोगों से जीवन शैली से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। पीजीआई में राज्यस्तरीय नशा मुक्ति केंद्र है। इसमें कार्यरत मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर व प्राइमरी इनवेस्टिगेटर डॉ. सिद्धार्थ आर्य ने बताया कि केंद्र की तरफ से पूरे देश में सर्वे किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की तरफ से चिकित्सकों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा। इसमें चिकित्सकों को सर्वे से संबंधित जानकारी व कराने के तरीका बताया जाएगा। फिर पूरे राज्य में सर्वे के लिए उपचार केंद्र की ओर से काउंसलरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यहां हफ्ते में तीन दिन लगने वाले ओपीडी में 45 से 50 नए नशे के मरीज पहुंचते हैं। दवाइयों और काउंसिलिंग से इनका इलाज किया जाता है। संवाद
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पहले चरण में 16 लाख का बजट मिला
पहले चरण में नशामुक्ति केंद्र को 16 लाख का बजट मिला है। सर्वे को सफल बनाने के लिए स्टाफ व ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में इसको खर्च किया जाएगा। इसके बाद आगामी बजट जारी किया जाएगा। -डॉ. सिद्धार्थ आर्य, पीजीआई ।
आकार के आधार पर राज्यों में चरण तय
सर्वे को सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से छोटे राज्य जैसे असम, गोवा आदि में एक बार में, मध्यम स्तर के राज्य पंजाब, हरियाणा आदि में आधे जिलों में व बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में क्षेत्र के हिसाब से चरणों में सर्वे पूरा कराया जाएगा।
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राज्य व जिलास्तर पर मादक पदार्थों के उपयोग, सीमा व पैटर्न का आकलन करने के उद्देश्य से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान लोगों से जीवन शैली से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। पीजीआई में राज्यस्तरीय नशा मुक्ति केंद्र है। इसमें कार्यरत मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर व प्राइमरी इनवेस्टिगेटर डॉ. सिद्धार्थ आर्य ने बताया कि केंद्र की तरफ से पूरे देश में सर्वे किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार की तरफ से चिकित्सकों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा। इसमें चिकित्सकों को सर्वे से संबंधित जानकारी व कराने के तरीका बताया जाएगा। फिर पूरे राज्य में सर्वे के लिए उपचार केंद्र की ओर से काउंसलरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यहां हफ्ते में तीन दिन लगने वाले ओपीडी में 45 से 50 नए नशे के मरीज पहुंचते हैं। दवाइयों और काउंसिलिंग से इनका इलाज किया जाता है। संवाद
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पहले चरण में 16 लाख का बजट मिला
पहले चरण में नशामुक्ति केंद्र को 16 लाख का बजट मिला है। सर्वे को सफल बनाने के लिए स्टाफ व ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में इसको खर्च किया जाएगा। इसके बाद आगामी बजट जारी किया जाएगा। -डॉ. सिद्धार्थ आर्य, पीजीआई ।
आकार के आधार पर राज्यों में चरण तय
सर्वे को सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से छोटे राज्य जैसे असम, गोवा आदि में एक बार में, मध्यम स्तर के राज्य पंजाब, हरियाणा आदि में आधे जिलों में व बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में क्षेत्र के हिसाब से चरणों में सर्वे पूरा कराया जाएगा।