फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Nagar Nigam Rohtak not freedom for officers

पब्लिक ने हाउस तो बना दिया पर अफसरशाही की कैद में ही रह गया नगर निगम

Fri, 20 Dec 2019 02:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2019 02:39 AM IST
विज्ञापन
Nagar Nigam Rohtak not freedom for officers
रोहतक। वीरवार को नगर निगम हाउस का एक साल पूरा हो गया। इस दौरान पहली बार लोगों द्वारा चुने गए मेयर मनमोहन गोयल और उनके पार्षदों की टीम को हावी अफसरशाही की टीस रही। मेयर मनमोहन गोयल ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है, वह शहर की बड़ी समस्या सीवरेज और पानी के समाधान का प्रस्ताव बनाते हैं, लेकिन अधिकारी अमल नहीं करते। वह सिर्फ अपनी बात ही तो रख सकते हैं। मेयर खुद कहते हैं कि उनके प्रयास से काफी हद तक पानी और सीवर की समस्या दूर हुई है, सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त है, लेकिन अभी काफी सुधार की जरूरत है, लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहते हैं।
विज्ञापन

निगम एक्ट के तहत हाउस की करीब 10 बैठक होनी चाहिए थीं, लेकिन सिर्फ दो ही हुई हैं। उनमें भी एजेंडा पार्षदों से न मांगकर, अधिकारियों ने ही तैयार किया। वहीं, अब तक सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर की कुर्सी खाली पड़ी है। नगर निगम हाउस बनने के बाद ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चयन होना था, लेकिन पहले लोकसभा चुनाव और बाद में विधानसभा चुनाव कहकर यह चयन टाला जाता रहा। अब भी न उनका चयन किया जा रहा और न ही सब कमेटियां बनाई जा रही हैं। वहीं साल भर में हाउस की सिर्फ दो बैठक ही हो सकी हैं, जबकि शहर में अतिक्रमण, पेयजल, सीवरेज, बकाया प्रॉपर्टी टैक्स, ट्रेड लाइसेंस फीस से लेकर दूसरे मामले विवाद का विषय बने हुए हैं। बैठकें होतीं तो इन समस्याओं का समाधान हो जाता। इस पर मेयर का कहना है कि बैठक आयुक्त को बुलानी होती है। लेकिन आयुक्त व्यस्तता का हवाला देकर टालते रहे। वहीं निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा का कहना है कि जल्द ही हाउस की बैठक के लिए तिथि तय करेंगे।
विज्ञापन

2010 में रोहतक को मिला था नगर निगम का दर्जा
प्रदेश की हुड्डा सरकार ने 17 मार्च 2010 को नगर परिषद को भंग करके रोहतक को नगर निगम का दर्जा दिया था। तीन साल बाद 2013 में निगम का पहला चुनाव कराया गया। कांग्रेस की रेनू डाबला पहली मेयर बनीं, लेकिन भाजपा सरकार ने दिसंबर 2018 में मेयर का सीधा चुनाव कराया। साथ ही निगम में पार्षदों की संख्या 20 से 22 हो गई। मनमोहन गोयल पहले मेयर बने।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक साल पूरा होने पर मेयर से अमर उजाला के छह सवाल
सवाल : शहर की सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं?
मेयर : शहर की सीवरेज और पानी की समस्या बड़ी है।
सवाल : इनका समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है?
मेयर : सीवरेज की समस्या के समाधान का लगातार प्रयास कर रहे हैं। पानी की व्यवस्था पब्लिक हेल्थ के जिम्मे है। काफी सुधार हुआ, लेकिन अधिकारियों की ढीलासाजी की वजह से परिणाम बेहतर नहीं मिले।
सवाल : आप सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चयन नहीं करा पाए?
मेयर- रोहतक के साथ ही हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में भी चुनाव हुए थे। अन्य चारों जिलों में भी दोनों पदों पर चुनाव नहीं हुए हैं। पार्टी जब चाहेगी पांचों निगमों में एक साथ सीनियर व डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।
सवाल : अतिक्रमण को क्या आप समस्या नहीं मानते?
मेयर- अतिक्रमण समस्या है, लेकिन उसके समाधान का लगातार प्रयास जारी है। पार्किंग का निर्माण हो ही चुका है, जो समस्या है, उसका भी समाधान करा रहे हैं।
सवाल : मेयर को कितनी पॉवर है और कितनी होनी चाहिए?
मेयर : हमें कोई काम कराने का सीधे अधिकार नहीं है। कमिश्नर को सारी पॉवर होती है, लेकिन वह सरकार का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे तमाम कार्य नहीं हो पाते।
सवाल : हर तरफ चर्चा है कि आपका सपोर्ट न मिलने के कारण पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर हार गए?
मेयर : यह कोई नहीं कह सकता, क्योंकि मैंने चुनाव में दिन रात एक कर दिया। यहां के अलावा कलानौर में भी लगा रहा। मात्र 2700 वोट कम रह गए, इसलिए यह कहना बिल्कुल गलत है।
शहर की समस्याओं पर बोले पार्षद
पशुओं, बंदर और कुत्तों तक को नहीं पकड़वाया जा सका
नगर निगम हाउस का साल तो पूरा हो गया, लेकिन विकास कार्य तो दूर की बात पर लावारिस पशुओं, बंदर और कुत्तों तक को नहीं पकड़वाया जा सका। हाउस में नियमित बैठक तक नहीं होती, जिससे पार्षदों का औचित्य तक नहीं रह गया है।
- कदम सिंह अहलावत, पार्षद, निर्दल- वार्ड 11
विकास कार्यों के लिए कटिबद्ध है हाउस
नगर निगम के मेयर और पार्षद शहर के विकास कार्यों के लिए कटिबद्ध है। वार्ड संख्या 16 में सीवरेज की समस्या है, जिसके लिए काफी काम हुआ है। साथ ही काफी कार्य प्रस्तावित है, जो आने वाले समय में पूरे कर लिए जाएंगे।
- डिंपल जैन, पार्षद, वार्ड-16
वार्ड में शुरू हो गए विकास कार्य
पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के प्रयास से वार्ड-1 में मुक्ति धाम, कम्यूनिटी सेंटर, सड़क निर्माण और नाला निर्माण के कार्य शुरू हो गए है। सरकार के काम से उन्हें बेहद खुशी है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव जल्द होने चाहिए।

- कृष्ण कुमार, पार्षद, भाजपा-वार्ड 3
नहीं हो पा रहे विकास कार्य, अधिकारी हावी
नगर निगम हाउस का एक साल पूरा हो गया, लेकिन अभी तक सिर्फ दो मीटिंग बुलाई गई हैं। निगम पर अधिकारी हावी हैं। किसी की सुनवाई नहीं हो रही। यही वजह है कि विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। मेयर भी चुपचाप देख रहे हैं। हाउस की नियमित मीटिंग होनी चाहिए और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव करवाए जाएं।
- कंचन खुराना, पार्षद प्रतिनिधि-वार्ड 13 एवं पूर्व पार्षद नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed