{"_id":"674113e82a262e129f08bfd4","slug":"murder-was-done-by-hitting-the-head-with-stick-life-imprisonment-to-father-and-son-rohtak-news-c-17-roh1019-549483-2024-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: सिर पर लाठी मारकर की थी हत्या, पिता-पुत्र को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: सिर पर लाठी मारकर की थी हत्या, पिता-पुत्र को उम्रकैद
विज्ञापन
खेड़ी साध गांव के संतराम हत्याकांड में अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, जो गांव के ही रहने वाले हैं, साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। संतराम की पांच साल पहले सिर पर लाठी मारकर हत्या करने का आरोप था।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, खेड़ी साध गांव निवासी विनोद ने सितंबर 2019 में शिकायत दी थी कि वह आईएमटी स्थित कंपनी में नौकरी करता है। वह कंपनी में आया हुआ था। उनके पिता संतराम का फोन आया कि गांव का एक युवक उससे झगड़ा कर रहा है। करीब एक घंटे बाद वह घर पहुंचा। वह गली में पिता संतराम से बातचीत कर रहा था। इसी बीच आरोपी युवक अपने दो बेटों के साथ आया। तीनों ने उसके पिता व उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
गंभीर हालत में उनको पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उनके उसके पिता की हालत में सुधार नहीं हुआ। तत्काल उनके पिता को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पांच दिन बाद दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी के अलावा हत्या का मामला दर्ज कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। 16 नवंबर को अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया था। दूसरी तरफ जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट से उनके बेटे का केस भी सेशन कोर्ट में चला गया था। अदालत ने अब पिता-पुत्र को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, खेड़ी साध गांव निवासी विनोद ने सितंबर 2019 में शिकायत दी थी कि वह आईएमटी स्थित कंपनी में नौकरी करता है। वह कंपनी में आया हुआ था। उनके पिता संतराम का फोन आया कि गांव का एक युवक उससे झगड़ा कर रहा है। करीब एक घंटे बाद वह घर पहुंचा। वह गली में पिता संतराम से बातचीत कर रहा था। इसी बीच आरोपी युवक अपने दो बेटों के साथ आया। तीनों ने उसके पिता व उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विज्ञापन
गंभीर हालत में उनको पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उनके उसके पिता की हालत में सुधार नहीं हुआ। तत्काल उनके पिता को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पांच दिन बाद दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी के अलावा हत्या का मामला दर्ज कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। 16 नवंबर को अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया था। दूसरी तरफ जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट से उनके बेटे का केस भी सेशन कोर्ट में चला गया था। अदालत ने अब पिता-पुत्र को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
विज्ञापन