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Rohtak News: गर्भवती का दर्द देखा नहीं गया और मुन्नी ने रक्तदान को बना लिया मुहिम
Sat, 14 Jun 2025 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 14 Jun 2025 02:19 AM IST
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13सीटीके06...मुन्नी गोदरा रक्तदान करते हुए। स्रोत : स्वयं
रोहित राठौर
रोहतक। शहर के सुभाष नगर की 70 साल की मुन्नी गोदारा 40 साल में 75 बार रक्तदान कर चुकी हैं। पांच साल पहले बेटे के लिए किडनी तक दान कर दी। साथ ही, मरणोपरांत अंगदान के लिए भी फॉर्म भरा हुआ है। पूछने पर कहती हैं कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। रक्तदान के लिए भी आगे आना चाहिए।
सुभाष नगर निवासी मुन्नी गोदारा ने बताया कि 80 के दशक में उसकी उम्र 25 साल थी। गर्भवती भतीजी के साथ देखभाल के लिए अस्पताल गई थीं। इसी दौरान एक अन्य महिला लेबर रूम में गंभीर हालत में थी। डॉक्टरों ने बताया कि उसके परिजन व पति तक उसे छोड़कर चले गए हैं, जबकि उसे रक्त की बेहद ज्यादा जरूरत है। अगर उसे रक्त नहीं चढ़ाया गया तो उसकी जान तक जा सकती है।
डॉक्टरों के समझाने पर मुन्नी रक्तदान के लिए तैयार हो गईं। इस दिन पहली बार रक्तदान किया और किसी की जान बचाकर मन को सुकून मिला। इसके बाद से वह लगातार रक्तदान करती रही। अब तक 75 बार रक्तदान किया। मुन्नी ने बताया कि उसकी इच्छा थी चिकित्सा के क्षेत्र में जाऊं, लेकिन पढ़ाई पूरी न होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। संवाद
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पांच साल पहले बेटे को दी किडनी
मुन्नी गोदारा ने बताया कि मई 2020 में बेटे डॉ. अजय गोदारा बीमार हो गए थे। उनको किडनी की जरूरत थी। इसके लिए स्वयं 65 वर्ष की आयु में किडनी दी। साथ ही, उसने मरणोपरांत अंगदान के लिए भी फॉर्म भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य व जिला स्तर पर उनको सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, कई सामाजिक संस्थाएं भी सम्मानित कर चुकी हैं।
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रोहतक। शहर के सुभाष नगर की 70 साल की मुन्नी गोदारा 40 साल में 75 बार रक्तदान कर चुकी हैं। पांच साल पहले बेटे के लिए किडनी तक दान कर दी। साथ ही, मरणोपरांत अंगदान के लिए भी फॉर्म भरा हुआ है। पूछने पर कहती हैं कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। रक्तदान के लिए भी आगे आना चाहिए।
सुभाष नगर निवासी मुन्नी गोदारा ने बताया कि 80 के दशक में उसकी उम्र 25 साल थी। गर्भवती भतीजी के साथ देखभाल के लिए अस्पताल गई थीं। इसी दौरान एक अन्य महिला लेबर रूम में गंभीर हालत में थी। डॉक्टरों ने बताया कि उसके परिजन व पति तक उसे छोड़कर चले गए हैं, जबकि उसे रक्त की बेहद ज्यादा जरूरत है। अगर उसे रक्त नहीं चढ़ाया गया तो उसकी जान तक जा सकती है।
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डॉक्टरों के समझाने पर मुन्नी रक्तदान के लिए तैयार हो गईं। इस दिन पहली बार रक्तदान किया और किसी की जान बचाकर मन को सुकून मिला। इसके बाद से वह लगातार रक्तदान करती रही। अब तक 75 बार रक्तदान किया। मुन्नी ने बताया कि उसकी इच्छा थी चिकित्सा के क्षेत्र में जाऊं, लेकिन पढ़ाई पूरी न होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। संवाद
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पांच साल पहले बेटे को दी किडनी
मुन्नी गोदारा ने बताया कि मई 2020 में बेटे डॉ. अजय गोदारा बीमार हो गए थे। उनको किडनी की जरूरत थी। इसके लिए स्वयं 65 वर्ष की आयु में किडनी दी। साथ ही, उसने मरणोपरांत अंगदान के लिए भी फॉर्म भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य व जिला स्तर पर उनको सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, कई सामाजिक संस्थाएं भी सम्मानित कर चुकी हैं।

13सीटीके06...मुन्नी गोदरा रक्तदान करते हुए। स्रोत : स्वयं