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Rohtak News: नगर निगम ने लिया जमीन पर कब्जा, धर्मशाला व रामलीला सभागार पर जड़ा ताला

Tue, 08 Apr 2025 01:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:56 AM IST
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Municipal Corporation took possession of the land, locked Dharamshala and Ramlila Auditorium
07सीटीके22 नगर निगम की टीम धर्मशाला के गेट पर ताला लगाते हुए।  स्रोत नगर​ निगम
रोहतक। पुराने बस स्टैंड के नजदीक अरबों की संपत्ति के विवाद के मामले में नया मोड़ आ गया है। नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए प्राचीन रामलीला सोसाइटी की धर्मशाला व रामलीला सभागार पर कब्जा लेते हुए ताला जड़ दिया है। साथ ही, 54 दुकानों व कम्युनिटी सेंटर का किराया जनवरी से ही वसूलना शुरू कर दिया था। उधर, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल ने पूरे मामले को लेकर निकाय मंत्री विपुल गोयल को अवगत कराया है। अब सरकार ही पूरे मामले को लेकर अंतिम निर्णय लेगी।
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दो दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे की तैयारी को लेकर बैठक लेने पहुंचे थे। भाजपा के पांच पार्षदों अनीता मिगलानी, सुशील नांदल, नीरा भटनागर, बेबी रानी रोहिल्ला व डिंपल जैन ने मांग पत्र देकर कब्जा दिलवाने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि पूर्व मेयर मनमोहन गोयल अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके नगर निगम की टीम को कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। उधर, पूर्व मेयर ने आरोपों से इन्कार किया था। वहीं, निगम की टीम भू-अधिकारी संदीप बतरा के मार्गदर्शन में मौके पर पहुंची। साथ ही, बिना किसी विरोध के धर्मशाला व रामलीला सभागार के गेट पर ताला लगा दिया।
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अदालत में आया था निगम के पक्ष में फैसला
रिकाॅर्ड के अनुसार, पुराने बस स्टैंड के नजदीक 23 बीघा 4 बिसवा जमीन है, जो रिकाॅर्ड के अंदर 1967 से कलेक्टर के नाम है। 2010 में प्रदेश सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दे दिया था। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया था कि निगम क्षेत्र में जो भी शामलात जमीन है, वह नगर निगम के नाम होगी। 2013 में श्रीराम ट्रस्ट व प्राचीन रामलीला सोसाइटी के नियंत्रण वाली 23 बीघा 4 बिसवा जमीन नगर निगम के नाम हो गई। ट्रस्ट व सोसाइटी की तरफ से 2016 में अदालत में याचिका दायर कर जमीन पर मालिकाना हक जताया गया। हालांकि, अदालत ने निगम के पक्ष में फैसला दिया था। अब हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है
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नगर निगम ने पुराने बस स्टैंड के पास प्राचीन रामलीला सोसाइटी व श्रीराम ट्रस्ट की प्रॉपर्टी पर कब्जा ले लिया है। धर्मशाला व सभागार पर ताला लगाया गया है, जबकि जनवरी से 54 दुकानों व कम्युनिटी सेंटर का किराया निगम ले रहा है। अब पूरा केस बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय जो निर्णय लेगा, उसका पालन किया जाएगा।

- संदीप बतरा, भू-अधिकारी नगर निगम
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नगर निगम ने दो जगह ताले लगाए हैं, जबकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। निकाय मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया है। उम्मीद है मुख्यालय की तरफ से मामले को लेकर आदेश जारी होंगे।
- मनमोहन गोयल, पूर्व मेयर नगर निगम।
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