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नगर निगम मेहरबान : 2011 से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर 15 प्रतिशत की छूट, ब्याज शत-प्रतिशत माफ
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रोहतक। चुनावी साल में नगर निगम एक बार फिर आम लोगों पर मेहरबान हो गया है। साल 2010-11 से 2023-24 तक के बकाया प्रॉपर्टी की मूल राशि पर 15 प्रतिशत छूट 30 सितंबर 2024 तक मिलेगी। साथ ही ब्याज शत-प्रतिशत माफ किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय की तरफ से पत्र जारी कर दिया गया है। शर्त है कि मालिक को पोर्टल पर प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करनी होगी। वहीं, एक साथ बकाया राशि जमा करवानी होगी।
नगर निगम ने साल 2022-23 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 55 करोड़ रुपये रखा था, लेकिन निगम उसे हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। पूरे साल में 36 करोड़ के करीब टैक्स जमा हो सका। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निगम आयुक्तों को हिदायत दी थी कि साल 2023-24 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य ऐसा तय करें जो हासिल करना संभव हो सके। ऐसे में निगम प्रशासन की ओर से 35 करोड़ रुपये रिकवरी का टारगेट रखा था, लेकिन यह भी नगर निगम हासिल नहीं कर सका है। रिकवरी बढ़ाने के लिए सरकार ने पूरे साल बकाया पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दी। इसके बावजूद लोग टैक्स जमा नहीं करवा सके, क्योंकि सर्वे कंपनी ने प्रॉपर्टी टैक्स के रिकाॅर्ड में व्यापक त्रुटियां छोड़ दी, जिससे लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी हो गई। कहीं मोबाइल नंबर गलत तो कहीं नाम व क्षेत्र गलत कर दिया गया।
बाॅक्स
2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को होगा फायदा
नगर निगम के रिकाॅर्ड के मुताबिक शहर में 2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं। निगम का साल 2010-11 से 2023-24 तक का 30 करोड़ से ज्यादा का टैक्स बकाया है। साथ ही त्रुटियों की वजह से लोग टैक्स भी जमा नहीं करवा सके हैं। नगर निगम की छूट से शहर की 2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी के मालिकों को फायदा होगा।
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वर्जन
आम लोग बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाए। इसके लिए 15 प्रतिशत मूल बकाया राशि में छूट व शत-प्रतिशत ब्याज माफ होगा। प्रॉपर्टी टैक्स की त्रुटियां लगाए गए कैंपों में जमा करवाएं और प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करवा दें। तभी छूट का लाभ मिल सकेगा।
-अजय कुमार, डीसी एवं आयुक्त नगर निगम
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नगर निगम ने साल 2022-23 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 55 करोड़ रुपये रखा था, लेकिन निगम उसे हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। पूरे साल में 36 करोड़ के करीब टैक्स जमा हो सका। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निगम आयुक्तों को हिदायत दी थी कि साल 2023-24 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य ऐसा तय करें जो हासिल करना संभव हो सके। ऐसे में निगम प्रशासन की ओर से 35 करोड़ रुपये रिकवरी का टारगेट रखा था, लेकिन यह भी नगर निगम हासिल नहीं कर सका है। रिकवरी बढ़ाने के लिए सरकार ने पूरे साल बकाया पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दी। इसके बावजूद लोग टैक्स जमा नहीं करवा सके, क्योंकि सर्वे कंपनी ने प्रॉपर्टी टैक्स के रिकाॅर्ड में व्यापक त्रुटियां छोड़ दी, जिससे लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी हो गई। कहीं मोबाइल नंबर गलत तो कहीं नाम व क्षेत्र गलत कर दिया गया।
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2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी मालिकों को होगा फायदा
नगर निगम के रिकाॅर्ड के मुताबिक शहर में 2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं। निगम का साल 2010-11 से 2023-24 तक का 30 करोड़ से ज्यादा का टैक्स बकाया है। साथ ही त्रुटियों की वजह से लोग टैक्स भी जमा नहीं करवा सके हैं। नगर निगम की छूट से शहर की 2 लाख 19 हजार प्रॉपर्टी के मालिकों को फायदा होगा।
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आम लोग बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाए। इसके लिए 15 प्रतिशत मूल बकाया राशि में छूट व शत-प्रतिशत ब्याज माफ होगा। प्रॉपर्टी टैक्स की त्रुटियां लगाए गए कैंपों में जमा करवाएं और प्रॉपर्टी स्वयं प्रमाणित करवा दें। तभी छूट का लाभ मिल सकेगा।
-अजय कुमार, डीसी एवं आयुक्त नगर निगम