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एमएसपी : बाजरे की खरीद पर संकट बरकरार

Wed, 06 Oct 2021 12:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:42 AM IST
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MSP: Crisis continues on the purchase of millet
नई अनाज मंडी में बाजरे की बोली लगाते व्यापारी। अमर उजाला
एमएसपी पर बाजरे की खरीद पर संकट मंगलवार को भी बरकरार रहा। सरकार की ओर से कोई निर्देश न आने के कारण खरीद नहीं हुई। वहीं, जिले की एकमात्र राइस मिल के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में अड़चन आने के कारण धान की खरीद भी शुरू नहीं हुई। नई अनाज मंडी में अब तक 932 क्विंटल धान और 712 क्विंटल बाजरा आ चुका है। मंगलवार को 290 क्विंटल धान और 450 क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंचा।
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सरकार ने बुवाई से पहले यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह इस बार बाजरा नहीं खरीदेगी। कुछ समय पहले स्पष्ट किया कि एमएसपी पर सिर्फ 25 फीसदी बाजरा ही खरीदा जाएगा। बाकी फसल पर भावांतर योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को दिए जाएंगे। लेकिन सूत्र बताते हैं कि सरकार ने अब बाजरा बिल्कुल न खरीदने का मन बना लिया है। ऐसे में सरकार पोर्टल पर जितना भी बाजरा रजिस्टर्ड है, उसके हिसाब से 600 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को दे सकती है। मंगलवार को व्यापारियों ने बाजरा 1000 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा। इस बार धान की खरीद हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन को करनी है। एचडब्ल्यूसी ने जिले की एक मात्र राइस मिल एनर्जी आहार के साथ समझौता किया है। लेकिन तकनीकी समस्या के कारण मंगलवार शाम तक मिल का डीएफएससी के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। इस कारण धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी। मंडी में अभी धान की आमद भी सुस्त है। बारिश और जलभराव के कारण धान की कटाई देरी से शुरू होगी। कृषि विभाग के बीडीओ डॉ. यशपाल दहिया के अनुसार 20 अक्तूबर के आसपास धान की आमद तेज होने की संभावना है।
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धान की खरीद न होने से दूसरी मंडियों में जा रहे किसान
सरकार द्वारा महम मंडी में धान की खरीद नहीं की जा रही है। इस कारण किसान गोहाना, जुलाना आदि मंडियों में जाने को मजबूर हैं। आढ़ती अजय नेहरा ने बताया कि खरीद के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे गए हैं, पर कुछ नहीं हुआ। इस क्षेत्र में बासमती 1121, ऊषा 1509, बीपी 1718, बासमती 408 व 30 जैसी किस्में काफी मात्रा में होती हैं। लेकिन इनकी खरीद सरकार नहीं कर रही हैं। किसानों का कहना है कि यहां व्यापारी या मिल मालिक आते हैं जो मिल कर सस्ते भाव में खरीद करते हैं। बाजरे की खरीद अभी शुरू नहीं हुई है, इसलिए एक दाना भी मंडी में नहीं आया है। मंडी सचिव देवीराम ने कहा कि सरकार सिर्फ पीआर धान की खरीद कर रही है, वह भी महम मंडी में नहीं। दूसरी फसलें अगले माह आने की उम्मीद है, उसकी तैयारी के लिए प्लेटफॉर्म साफ किया जा रहा है।
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न किसान आए और न ही खरीदार
अनाज मंडी मंगलवार को भी सूनी नजर आई, इक्का-दुक्का किसान ही दिखे। न तो किसान आए और न ही खरीदार। बाजरा की खरीद के लिए भी एजेंसी वाले नहीं पहुंचे। आढ़तियों का कहना है कि एक-दो किसान आते हैं, वे भी रेट पूछकर चले जाते हैं। किसान राजबीर सिंह, हुकम सिंह, राम प्रसाद, जयवीर सिंह ने कहा कि कुछ फसल को बारिश में नष्ट हो गई थी। बाजरे की बची फसल की कटाई हो चुकी है। लेकिन सरकारी रेट पर खरीद नहीं हो रही है। किसान निजी लोगों को सस्ते दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं। धान की फसल अभी कच्ची है, 10 दिन बाद पककर तैयार होगी। मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने कहा कि अभी तक धान व बाजरे की खरीद के लिए कोई पत्र नहीं आया है। सरकार के निर्देश आते ही खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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