{"_id":"673387633d0620e2c805348e","slug":"mother-became-emotional-after-seeing-her-daughter-wearing-the-medal-father-said-made-her-name-proud-rohtak-news-c-17-roh1020-543125-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बेटी को मेडल पहने देखकर भावुक हुई मां, पिता बोले- नाम रोशन कर दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बेटी को मेडल पहने देखकर भावुक हुई मां, पिता बोले- नाम रोशन कर दिया
विज्ञापन
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को पदक प्राप्त करते देख अभिभावक भावुक हो गए। विद्यार्थियों ने मेहनत के परिणाम स्वरूप मिला पदक माता-पिता के गले में पहनाकर उन्हें श्रेय दिया तो अभिभावकों ने भी गर्व से कहा, हमारा नाम रोशन कर दिया। यह भावुक नजारा मंगलवार को संस्थान परिसर में नजर आया।
पिता बोले- मेरे लिए सम्मान की बात
पिता राजबीर सिंह बोले, बेटी को नर्सिंग क्षेत्र में भविष्य संवारना है। इसीलिए उसने नर्सिंग में एमएससी की है। मंगलवार को उसे उसकी मेहनत के लिए स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। बेटी ने समाज में मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। नर्सिंग क्षेत्र में सेवा कर वह मरीजों की जान बचाएगी। इस बात से और खुशी मिलेगी। बेटी को पदक उसकी पढ़ाई के लिए मिला है। यह पढ़ाई किसी के काम आ सके। मेरी बेटी के हाथ हर दिन किसी की जान बचा सकें, यही मेरे लिए काफी है। इस सेवा के साथ उसका भविष्य भी संवरेगा।
श्वेता, छात्रा, एमएससी नर्सिंग, पीजीआई।
एमएससी नार्सिंग की है। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल से गोल्ड मेडल मिला है। पदक लेकर अपनी मां रेनू के पास गई तो वे खुशी के मारे भावुक हो गई। उन्होंने गले लगाकर कुछ देर तक कुछ नहीं कहा। पदक देखकर मां ने कहा, हमारा नाम रोशन कर दिया। यह सुनकर अपना पदक मां के गले में डाल दिया। इस पर मां ने कहा, यह तेरी मेहनत है। अपने पास रख। हम इसी में खुश हैं।
विज्ञापन
प्रियांशु, छात्रा, एमएससी नर्सिंग, पीजीआई।
विज्ञापन
पिता बोले- मेरे लिए सम्मान की बात
पिता राजबीर सिंह बोले, बेटी को नर्सिंग क्षेत्र में भविष्य संवारना है। इसीलिए उसने नर्सिंग में एमएससी की है। मंगलवार को उसे उसकी मेहनत के लिए स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। बेटी ने समाज में मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। नर्सिंग क्षेत्र में सेवा कर वह मरीजों की जान बचाएगी। इस बात से और खुशी मिलेगी। बेटी को पदक उसकी पढ़ाई के लिए मिला है। यह पढ़ाई किसी के काम आ सके। मेरी बेटी के हाथ हर दिन किसी की जान बचा सकें, यही मेरे लिए काफी है। इस सेवा के साथ उसका भविष्य भी संवरेगा।
विज्ञापन
श्वेता, छात्रा, एमएससी नर्सिंग, पीजीआई।
एमएससी नार्सिंग की है। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल से गोल्ड मेडल मिला है। पदक लेकर अपनी मां रेनू के पास गई तो वे खुशी के मारे भावुक हो गई। उन्होंने गले लगाकर कुछ देर तक कुछ नहीं कहा। पदक देखकर मां ने कहा, हमारा नाम रोशन कर दिया। यह सुनकर अपना पदक मां के गले में डाल दिया। इस पर मां ने कहा, यह तेरी मेहनत है। अपने पास रख। हम इसी में खुश हैं।
विज्ञापन
प्रियांशु, छात्रा, एमएससी नर्सिंग, पीजीआई।