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Rohtak News: अटका बंदर पकड़ने का अभियान, टेंडर के बाद छोड़ने के लिए नहीं मिल रहा स्थान

Mon, 08 Apr 2024 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 02:30 AM IST
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Monkey catching operation stuck, no place available to release it after tender
रोहतक। शहर में उत्पात मचाने वाले बंदर गर्मी भी नागरिकों को सताएंगे। ठेका होने के दो माह बाद भी निगम का ठेकेदार बंदर नहीं पकड़ पा रहा है, क्योंकि नगर निगम यह तय नहीं कर पा रहा है कि बंदर कहां पकड़कर छोड़े जाएं। वन्य प्राणी विभाग ने यमुनानगर जिले के कलेसर के जंगलाें में बंदर पकड़ कर छोड़ने की अनुमति देने से मना कर दिया है।
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फरवरी माह में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया था कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि शहर में बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। बंदरों से निजात दिलाने के लिए निगम ने टेंडर जारी किया था। इसके तहत मथुरा के ठेकेदार को 1400 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से ठेका दिया गया है। ठेकेदार को बंदर को पकड़ने के साथ-साथ देखरेख, खानपान से लेकर जंगल में छोड़कर आना भी पड़ेगा। नगर निगम को एक सप्ताह के अंदर बंदरों के उत्पात की शिकायत के लिए जल्द निगम हेल्पलाइन नंबर जारी करना था, जो अब तक नहीं जारी हुआ है।
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तीन साल से उठा रहा हूं आवाज : अहलावत
निगम के निवर्तमान पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि नहर के साथ होने के कारण सेक्टरों के अंदर बंदरों का आंतक है। बंदर तिलियार झील की तरफ से आते हैं और मकान, पार्क व दूसरी जगह उत्पात मचाते हैं। कपड़े फाड़ने के साथ-साथ पौधों तक को उखाड़ देते हैं। निगम ने 2021 में बंदर पकड़े थे। वह हर बैठक में आवाज उठाते हैं, लेकिन निगम के अधिकारियों से केवल आश्वासन ही मिलता था। नगर निगम ने फरवरी माह में ठेका दिया था। अब तक बंदर नहीं पकड़े गए।
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एक साल पहले वन्य प्राणी विभाग ने एक्ट के दायरे से बंदर निकाल दिए थे। पहले शहर में नगर निगम व गांवों में सरपंच बंदरों को पकड़ने से पहले विभाग की अनुमति लेते थे। अब विभाग अनुमति नहीं देता। ऐसे में निगम व पंचायत खुद तय करें कि बंदरों को कहां छोड़ा जाए।
देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक वन्य प्राणी विभाग

निगम ने बंदर पकड़ने का ठेका दिया था, लेकिन बंदर पकड़ कर कहां छोड़े जाएं, इसको लेकर दिक्कत आ रही है। सफाई निरीक्षक से फाइल मंगवाई है, जल्द कोई समाधान निकाला जाएगा।

विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम

इन इलाकों के लोग बंदरों से ज्यादा परेशान
जवाहर नगर, गांधी कैंप, ओल्ड पावर हाउस, चिन्योट कॉलोनी, प्रेम चौक, झंग कॉलोनी, मानसरोवर पार्क, मॉडल टाउन, पीजीआई से लेकर सेक्टर 1, सेक्टर 2, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर 2 व 3 का पार्ट, बाबरा मोहल्ला, कायस्थान मोहल्ला, किला मोहल्ला, बड़ा बाजार, जनता कॉलोनी, हकीकत नगर व शिवाजी कॉलोनी में बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों ने खुले में कपड़े सुखाना तो दूर खुले में सामान रखना भी बंद कर दिया है। इसकी वजह बंदरों द्वारा सामान को क्षतिग्रस्त करना अथवा कपड़ों को फाड़ देना है।
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