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किसी का डेढ़ लाख का बिल भेजा, किसी को दो साल से बिल ही नहीं मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 24 Aug 2016 02:23 AM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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पावर हाउस पर एक्सईएन सब अर्बन के कार्यालय में मंगलवार को बिजली सभा और उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम लगाई गई। उपभोक्ताओं ने समस्या बतानी शुरू की तो बिजली निगम अधिकारियों की पोल खुल गई। किसी का डेढ़ लाख रुपये का बिल भेजा हुआ था तो किसी को दो साल से बिल ही नहीं मिल रहा था। ज्यादा बिल वाले की सुनवाई हो रही है न बिना बिल वाले की। बिल न मिलने से परेशान उपभोक्ता इससे पहले उपभोक्ता फोरम के पास भी आ चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
फोरम में समस्याएं सुनने के लिए चेयरमैन वी. एस. मान पहुंचे थे।
यहां अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही समस्याएं लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। कुताना के रविंद्र कुमार ने अपना बिजली बिल दिखाया तो सब के होश उड़ गए। बिल एक लाख 40 हजार रुपये का आया हुआ था। उस बिल को ठीक कराने के लिए वह लगातार अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इस तरह ही दरियाव नगर के ओमप्रकाश का एक लाख 34 हजार रुपये का बिल है और उसे भी अधिकारी ठीक नहीं कर रहे हैं। जबकि सेक्टर एक में रहने वाले रिटायर्ड प्रो. एस. के. कोहली को दो साल से बिल ही नहीं मिल रहा है। वह बिजली निगम अधिकारियों के पास चक्कर काटकर थक चुके तो फोरम के सामने भी दो बार से लगातार आ रहे हैं।
उसके बावजूद बिल नहीं मिल रहा है। उन्होंने मंगलवार को पहुंचकर भी निगम अधिकारियों की पोल खोल दी। ऐसे ही देव कालोनी में रहने वाले नरेंद्र के बिल में 2013 से लगातार सेंड्री चार्ज लगाकर भेजा जा रहा है और उसे यह नहीं बताया जा रहा कि वह किस सामान का सेंड्री चार्ज है। बहुअकबरपुर के रहने वाले लोगों ने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनके यहां ट्रांसफार्मर बदला जाना है, जिसकी पूरी कार्रवाई हो चुकी है। उसके बावजूद अधिकारी उसे नहीं बदल रहे हैं और अब फोन भी उठाना बंद कर दिया। इस तरह उपभोक्ताओं ने निगम अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। वहां बिजली बिल, मीटर, ट्रांसफार्मर, तार की समस्याओं से संबंधित 30 से ज्यादा शिकायत आईं, जिनका निस्तारण जल्द करने का आश्वासन दिया गया।
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मस्तनाथ नगर में खंभे खड़े, बिजली नहीं मिल रही
मस्तनाथ नगर के काफी लोग भी उपभोक्ता फोरम में पहुंचे। आरोप है कि निगम अधिकारियों ने पहले उनसे अपने खर्चे पर खंभे व तार लगवाने की बात कही तो उन्होंने लगभग पांच लाख रुपये खर्च करके खंभे लगवा लिए और उन पर तार भी खिंचवा दिए गए। इस तरह से वहां खंभे खड़े हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन उनको बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण ही वहां लगभग 100 परिवार परेशान हैं, जिनको काफी दूर से केबल डालकर बिजली लेनी पड़ रही है।
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फोरम में समस्याएं सुनने के लिए चेयरमैन वी. एस. मान पहुंचे थे।
यहां अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही समस्याएं लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। कुताना के रविंद्र कुमार ने अपना बिजली बिल दिखाया तो सब के होश उड़ गए। बिल एक लाख 40 हजार रुपये का आया हुआ था। उस बिल को ठीक कराने के लिए वह लगातार अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इस तरह ही दरियाव नगर के ओमप्रकाश का एक लाख 34 हजार रुपये का बिल है और उसे भी अधिकारी ठीक नहीं कर रहे हैं। जबकि सेक्टर एक में रहने वाले रिटायर्ड प्रो. एस. के. कोहली को दो साल से बिल ही नहीं मिल रहा है। वह बिजली निगम अधिकारियों के पास चक्कर काटकर थक चुके तो फोरम के सामने भी दो बार से लगातार आ रहे हैं।
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उसके बावजूद बिल नहीं मिल रहा है। उन्होंने मंगलवार को पहुंचकर भी निगम अधिकारियों की पोल खोल दी। ऐसे ही देव कालोनी में रहने वाले नरेंद्र के बिल में 2013 से लगातार सेंड्री चार्ज लगाकर भेजा जा रहा है और उसे यह नहीं बताया जा रहा कि वह किस सामान का सेंड्री चार्ज है। बहुअकबरपुर के रहने वाले लोगों ने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनके यहां ट्रांसफार्मर बदला जाना है, जिसकी पूरी कार्रवाई हो चुकी है। उसके बावजूद अधिकारी उसे नहीं बदल रहे हैं और अब फोन भी उठाना बंद कर दिया। इस तरह उपभोक्ताओं ने निगम अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। वहां बिजली बिल, मीटर, ट्रांसफार्मर, तार की समस्याओं से संबंधित 30 से ज्यादा शिकायत आईं, जिनका निस्तारण जल्द करने का आश्वासन दिया गया।
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मस्तनाथ नगर में खंभे खड़े, बिजली नहीं मिल रही
मस्तनाथ नगर के काफी लोग भी उपभोक्ता फोरम में पहुंचे। आरोप है कि निगम अधिकारियों ने पहले उनसे अपने खर्चे पर खंभे व तार लगवाने की बात कही तो उन्होंने लगभग पांच लाख रुपये खर्च करके खंभे लगवा लिए और उन पर तार भी खिंचवा दिए गए। इस तरह से वहां खंभे खड़े हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन उनको बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण ही वहां लगभग 100 परिवार परेशान हैं, जिनको काफी दूर से केबल डालकर बिजली लेनी पड़ रही है।