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Rohtak News: दो हजार साल पहले बसा था मोखरा, शहीदों, सेनानियों व पहलवानों ने दिलाई पहचान

Thu, 07 May 2026 02:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 02:38 AM IST
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Mokhra was settled two thousand years ago, martyrs, fighters and wrestlers gave it recognition.
26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद
अभिषेक कीरत
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रोहतक। शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर हिसार रोड पर मोखरा गांव दो हजार साल पहले बसा था। स्वतंत्रता सेनानियाें, शहीदाें, राजनीति व पहलवानों की लंबी सूची पांच पंचायतों वाले जिले के सबसे बड़े गांव को अलग पहचान दिलाती है।
इसमें मोखरा (खांडान व छाज्यान), मोखरा खास, मोखरा खेड़ी, मोखरा रोज व मुरादपुर टेकना पंचायत शामिल हैं। गांव की पहलवान बेटी साक्षी मलिक ने 2016 के ओलंपिक के महिला वर्ग में कांस्य के रूप में पहला पदक जीता था।
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मोखरा खास से ही अन्य पंचायतें बनी हैं। गांव में 17,500 मतदाता हैं। बुजुर्गों का कहना है कि गांव बनने के बाद सलवंत मलिक गांव के पहले सरपंच बने थे।
सांस्कृतिक रूप से भी गांव का अलग महत्व है। यहां आठ मंदिर हैं। इनमें दो बड़े व छह छोटे मंदिर शामिल हैं। गांव में गोशाला भी है। इसमें करीब 700 गाय हैं। गांव के बलबीर सिंह बाली महम से दो बार विधायक रह चुके हैं। संवाद
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गांव में ऐतिहासिक तालाब, चारों ओर थे सात कुएं
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि गांव में एक बड़ा तालाब है। कहा जाता है कि यह तालाब गांव बसने से पहले का है। ऐतिहासिक रूप से इसका गांव के लिए विशेष महत्व रहा है। इस तालाब को तीर्थ के नाम से जाना जाता था। तालाब के चारों ओर सात कुएं थे। इसकी सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता था। इसका पानी नीला होता था। हालांकि, अब तालाब के चारों ओर स्थित कुएं बंद पड़े हैं।
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गांव में ऐसे पहलवान हुए हैं जो पांच किलो दूध या एक किलो देसी घी एक साथ पी जाते थे। साक्षी मलिक ने ओलंपिक पदक जीतने के बाद से गांव में कुश्ती को लेकर जोश बढ़ गया। अब गांव में पांच अखाड़ों में पहलवान तैयार हो रहे हैं। गांव की लड़कियां पढ़ाई के साथ खेलों में भी नाम रोशन कर रही हैं।
- रामकिशन मलिक, प्रधान, मोखरा तपा
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गांव का भाईचारा मजबूत है। माहौल अच्छा है। पहले के मुकाबले सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। इतिहास के बारे में जानकर गर्व का अनुभूति होती है। मोखरा पुराने पहलवानों की धरती है।
- रामकुमार, रिटायर्ड फौजी, मोखरा
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कोई भी दुख की घड़ी आने पर पर सारा गांव एक साथ आ जाता है। सुविधाएं भी धीरे-धीरे बेहतर हो रही हैं। स्वतंत्रता सेनानियों, खिलाड़ियों व जवानों की धरती के नाते गर्व होता है। मोखरा में जन्म लिया। गांव की बेटी साक्षी मलिक ने सारे देश में नाम रोशन किया।

- राजा, पंचायत सचिव, मोखरा
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गांव के पहलवान नेशनल लेवल पर कोच के तौर पर कार्यरत हैं। ओलंपिक विजेता साक्षी मलिक का मेडल आने के बाद से छोटी उम्र में ही पोती अखाड़े में जाने लगी। सुबह खुद उठकर अखाड़े में पहुंच जाती थी। फिलहाल, उसकी उम्र 18 साल है। रोहतक में ही अभ्यास कर रही है।
- भीम, मोखरा निवासी

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

26-गांव मोखरा में जानकारी देते ग्रामीण। संवाद

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