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मोखरा खास में पहली बार एससी सीट और उसे भी सवर्ण बहू ने कब्जाया
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:03 AM IST
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दबंगों के लिए पहचाने जाने वाला गांव मोखरा। गांव की मोखरा खास पंचायत में
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इस बार खास तरह का चुनाव लड़ा गया। अलग पंचायत बनने के बाद यहां पहली बार
सरपंची का पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ, लेकिन चौधर एससी बिरादरी से
फिर भी कोसों दूर रही।
यहां एससी सीट पर एक सवर्ण परिवार ने अपनी बहू को उतार दिया। झांसी से ब्याहकर लाई गई बहू लक्ष्मी ने यूपी में अपने पिता की जाति के आधार पर सरपंची की जंग लड़ी। गांव ने भी बहू का पूरा साथ दिया और लक्ष्मी पुरुष प्रत्याशियों को पटकनी देते हुए सरपंच बन गई।
बता दें कि इसी तरह गद्दी खेड़ी गांव में सवर्ण परिवार ने एससी सीट पर अपनी बहू उतारी थी और वो जीत गई थी। हालांकि भालौठ में मतदाताओं ने दूसरे राज्य से लाई गई बहू को नकार दिया।
4000 वोटों वाले मोखरा खास में एससी वर्ग से 5 पुुरुष प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हुए थे तो एक महिला। दरअसल जाट बिरादरी का सोमवीर कई साल पहले झांसी से एससी वर्ग की लक्ष्मी देवी को ब्याहकर लाया था। मौका मिलते ही सोमवीर ने चाल चल दी और सरपंची हथिया ली।
यहां एससी सीट पर एक सवर्ण परिवार ने अपनी बहू को उतार दिया। झांसी से ब्याहकर लाई गई बहू लक्ष्मी ने यूपी में अपने पिता की जाति के आधार पर सरपंची की जंग लड़ी। गांव ने भी बहू का पूरा साथ दिया और लक्ष्मी पुरुष प्रत्याशियों को पटकनी देते हुए सरपंच बन गई।
बता दें कि इसी तरह गद्दी खेड़ी गांव में सवर्ण परिवार ने एससी सीट पर अपनी बहू उतारी थी और वो जीत गई थी। हालांकि भालौठ में मतदाताओं ने दूसरे राज्य से लाई गई बहू को नकार दिया।
4000 वोटों वाले मोखरा खास में एससी वर्ग से 5 पुुरुष प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हुए थे तो एक महिला। दरअसल जाट बिरादरी का सोमवीर कई साल पहले झांसी से एससी वर्ग की लक्ष्मी देवी को ब्याहकर लाया था। मौका मिलते ही सोमवीर ने चाल चल दी और सरपंची हथिया ली।