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प्रवासी मजदूर बोले-गद्दे मिले, सुबह मिली बासी रोटी, चावल भी खराब, रातभर काटते रहे मच्छर
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दुर्गा महिला टीम की प्रभारी एएसआई सुशीला, जिसने मास्क की बजाए ग्रामीण परम्परा के तहत कपड़े से मुं
- फोटो : RohtakCity
गोहाना रोड स्थित दयानंद मठ में बनाए शेल्टर होम में रह रहे 180 प्रवासी मजदूरों के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को बिछने के लिए गद्दे व रात को ओढ़ने के लिए चद्दर उपलब्ध करवा दी है। वहीं जांच के लिए पहुंची महिला थाने की दुर्गा शक्ति टीम से मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी बिहारी लाल व अन्य मजदूरों ने बताया कि सुबह जो रोटी दी गई वह बासी थी, दोपहर को जो चावल दिए गए उनमें पीलापन अधिक था। जो ब्रेड आए हैं, वे भी सही नहीं हैं। इसके साथ ही रातभर मच्छर काटते रहे। इस कारण उन्होंने जाग कर रात काटी। इस पर टीम प्रभारी एएसआई सुशीला ने कहा कि वे मामले से विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराएंगी। उधर, पूर्व मंत्री ग्रोवर ने कहा कि प्रवासियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा।
कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। वहीं जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है, इसके बावजूद काम-धंधे बंद होने के कारण प्रवासी मजदूर अपने घरों को पैदल ही जा रहे हैं। प्रवासियों के पलायन को रोकने के लिए जिले में 34 शेल्टर होम बनाए गए हैं, जिनमें से गोहाना रोड स्थित दयानंद मठ में करीब 180 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। सोमवार को प्रवासी लोगों की शिकायत थी कि उनको बिछाने के लिए गद्दे नहीं मिले हैं। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मंगलवार को अधिकारियों ने शेल्टर होम में गद्दों का बंदोबस्त करा दिया है।
बाथरूम में पानी खत्म, बीमारी न फैल जाए
प्रवासी मजदूरों ने बताया कि शेल्टर होम में दो बाथरूम हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं है। जो टैंकर भेजा गया था, उसका पानी जल्दी खत्म हो गया है।
जल्द वे अधिकारियों से बात करेंगे। प्रवासी लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गद्दे रखवा दिए गए थे। अब भोजन की भी उचित व्यवस्था करवा देंगे।
- मनीष ग्रोवर, पूर्व सहकारिता मंत्री
प्रवासी महिलाओं व पुरुषों ने मौखिक शिकायत दी है कि भोजन सही नहीं मिल रहा। रात को मच्छर काट रहे हैं। जो चद्दर ओढ़ने के लिए दी हैं वे पतली हैं। इस बारे में आला अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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- एएसआई सुशीला, प्रभारी, महिला दुर्गा शक्ति टीम
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कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। वहीं जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है, इसके बावजूद काम-धंधे बंद होने के कारण प्रवासी मजदूर अपने घरों को पैदल ही जा रहे हैं। प्रवासियों के पलायन को रोकने के लिए जिले में 34 शेल्टर होम बनाए गए हैं, जिनमें से गोहाना रोड स्थित दयानंद मठ में करीब 180 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। सोमवार को प्रवासी लोगों की शिकायत थी कि उनको बिछाने के लिए गद्दे नहीं मिले हैं। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मंगलवार को अधिकारियों ने शेल्टर होम में गद्दों का बंदोबस्त करा दिया है।
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बाथरूम में पानी खत्म, बीमारी न फैल जाए
प्रवासी मजदूरों ने बताया कि शेल्टर होम में दो बाथरूम हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं है। जो टैंकर भेजा गया था, उसका पानी जल्दी खत्म हो गया है।
जल्द वे अधिकारियों से बात करेंगे। प्रवासी लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गद्दे रखवा दिए गए थे। अब भोजन की भी उचित व्यवस्था करवा देंगे।
- मनीष ग्रोवर, पूर्व सहकारिता मंत्री
प्रवासी महिलाओं व पुरुषों ने मौखिक शिकायत दी है कि भोजन सही नहीं मिल रहा। रात को मच्छर काट रहे हैं। जो चद्दर ओढ़ने के लिए दी हैं वे पतली हैं। इस बारे में आला अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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- एएसआई सुशीला, प्रभारी, महिला दुर्गा शक्ति टीम

दयानंद मठ स्थित शेल्टर होम में रह रहे प्रवासी गद्दों पर आराम करते हुए।- फोटो : RohtakCity

दयानंद मठ स्थित शेल्टर होम में रह रहे प्रवासी चावल को लेकर परेशानी बताते हुए।- फोटो : RohtakCity