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हार नहीं माने व्यापारी, खुद के बूत फिर खड़ा करेंगे व्यापार

Sun, 28 Feb 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 28 Feb 2016 02:05 AM IST
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merchant's now starts again in rohtak

उपद्रवियों के दिए जख्म भरने के लिए व्यापारियों ने कमर कस ली है। वे बिखरी जिंदगी को संवारने की कवायद कर रहे हैं। चेहरे पर मायूसी और दिल में उपद्रवियों के प्रति भरी कड़वाहट के साथ कुछ व्यापारी अपना उजड़ा व्यवसाय शुरू करने में जुट गए हैं। हालांकि दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए कोई बैंक का दरवाजा खटखटाएगा तो कोई अपनी जीवनसंगिनी के गहने गिरवी रखने को तैयार है। अमर उजाला ने शनिवार को शहर के कुछ व्यापारियों से बातचीत की तो उनका दर्द जुबां पर आ गया।

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डी पार्क के पास शिवम टेलीकॉम के नाम से दुकान चलाने वाले सचिन का कहना है कि ज्यों-त्यों कर व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन उपद्रवियों ने चौपट कर दिया। परिवार पालने के लिए दोबारा से रोजगार तो शुरू करना पड़ेगा ही। इसके लिए रिश्तेदारों से कर्ज लिया है।

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 अनुपम फोटो स्टेट के मालिक एस.एस. पुरी का कहना है कि उपद्रव की इस आग में हर कोई झुलसा है। अमीरों को तो बैंक भी कर्ज आसानी से दे देगा, लेकिन गरीबों का क्या हाल होगा? कौन-सा बैंक कर्ज देगा और किस आधार पर, अब तो कुछ बचा ही नहीं। उपद्रवियों ने गरीबों को भी नहीं छोड़ा। जीवन भर के लिए ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। 

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अनुपम कलेक्शन के मालिक रविंद्र का कहना है कि अब तो कुछ बचा ही नहीं। रिश्तेदारों से मदद लेकर ही कुछ किया जाएगा। यदि सरकार जल्दी मुआवजा दे तो थोड़ी राहत मिले। दिल्ली रोड पर कैप्शन रिटेल की दुकान करने वाले अमरप्रीत सिंह का कहना है कि आजादी के समय यहां आए थे, लेकिन अब उपद्रवियों ने ऐसा तांडव मचाया है कि यहां पर दोबारा से व्यवसाय शुरू करने का मन नहीं है।


 सरकार से ही मदद की उम्मीद है। भल्ला आप्टिकल्स के मालिक दीपक का कहना है कि रिश्तेदारों से उधार लिया है। जरूरत पड़ी तो बैंक से भी कर्ज लेना पड़ सकता है। उपद्रवियों ने सबकुछ तबाह कर दिया। यह जख्म जीवनभर नहीं भुलाया जा सकता। डी-पार्क पर मोबाइल की दुकान करने वाले प्रवीण का कहना है कि उनकी दोनों दुकान उपद्रवियों ने फूंक दीं। पिछले माह हुई भतीजी की शादी में काम करने वाले हलवाई कोदेने के लिए एक लाख रुपये भी दुकान में रखे थे, लेकिन वे भी खत्म हो गए। अब समझ नहीं आ रहा है कि दोबारा से किस तरह व्यवसाय शुरू किया जाए।

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