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Rohtak News: एमडीयू हॉस्टल की खिड़कियों के शीशे टूटे और पंखे बंद, मच्छरों छात्र परेशान
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15. एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में कमरे में बंद पड़ा पंखा। स्रोत: छात्र
रोहतक। अप्रैल की गर्मी में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के ब्वायज हॉस्टल में रहने वाले छात्र भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हॉस्टल के कई कमरों में पंखे खराब पड़े हैं जिसके चलते छात्रों को रातभर गर्मी में रहना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि छात्र ठीक से सो भी नहीं पा रहे जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और दिनचर्या पर पड़ रहा है।
छात्रों ने बताया कि हॉस्टल नंबर-6 में कई कमरों के पंखे बंद हैं जबकि हॉस्टल नंबर-8 में भी यही समस्या बनी हुई है। लाइट होने के बावजूद पंखे नहीं चल रहे जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायत दी लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मच्छरों के कारण बढ़ी परेशानी
हॉस्टलों में कई जगह खिड़कियां टूटी हुई हैं जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। आसपास अधिक पेड़-पौधे होने के कारण रात के समय मच्छर ज्यादा आते हैं। छात्र जयदीप ने बताया कि मच्छरों और गर्मी के कारण रातभर नींद पूरी नहीं हो पाती जिससे दिनभर थकान और नींद बनी रहती है। कई बार छात्र क्लास में भी देर से पहुंचते हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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स्वास्थ्य पर भी खतरा, छात्रों में रोष
छात्रों ने मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी जताया है। उनका कहना है कि पंखे जैसी मूलभूत सुविधा का ठीक न होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। लंबे समय से समस्या बनी रहने के बावजूद समाधान न होने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
छात्र संगठनों ने उठाई आवाज
एसएफआई जिला सचिव अमित पिलाना ने कहा कि हॉस्टल में पंखों का खराब होना गंभीर मुद्दा है और प्रशासन को तुरंत मरम्मत करवानी चाहिए। वहीं छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने भी कहा कि गर्मी के मौसम में पंखे जरूरी हैं लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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छात्रों ने बताया कि हॉस्टल नंबर-6 में कई कमरों के पंखे बंद हैं जबकि हॉस्टल नंबर-8 में भी यही समस्या बनी हुई है। लाइट होने के बावजूद पंखे नहीं चल रहे जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायत दी लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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मच्छरों के कारण बढ़ी परेशानी
हॉस्टलों में कई जगह खिड़कियां टूटी हुई हैं जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। आसपास अधिक पेड़-पौधे होने के कारण रात के समय मच्छर ज्यादा आते हैं। छात्र जयदीप ने बताया कि मच्छरों और गर्मी के कारण रातभर नींद पूरी नहीं हो पाती जिससे दिनभर थकान और नींद बनी रहती है। कई बार छात्र क्लास में भी देर से पहुंचते हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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स्वास्थ्य पर भी खतरा, छात्रों में रोष
छात्रों ने मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी जताया है। उनका कहना है कि पंखे जैसी मूलभूत सुविधा का ठीक न होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। लंबे समय से समस्या बनी रहने के बावजूद समाधान न होने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
छात्र संगठनों ने उठाई आवाज
एसएफआई जिला सचिव अमित पिलाना ने कहा कि हॉस्टल में पंखों का खराब होना गंभीर मुद्दा है और प्रशासन को तुरंत मरम्मत करवानी चाहिए। वहीं छात्र नेता दिनेश कागड़ा ने भी कहा कि गर्मी के मौसम में पंखे जरूरी हैं लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

15. एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में कमरे में बंद पड़ा पंखा। स्रोत: छात्र

15. एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में कमरे में बंद पड़ा पंखा। स्रोत: छात्र

15. एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में कमरे में बंद पड़ा पंखा। स्रोत: छात्र

15. एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में कमरे में बंद पड़ा पंखा। स्रोत: छात्र